Thursday, 9 December 2010

हड़ताल का असर बिजली कर्मियों पर ही

भूपेश चट्ठा, पटियाला
पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड के विभिन्न कर्मचारी संगठनों की पीएसईबी एम्पलाइज ज्वाइंट फोरम के आह्वान पर बिजली कर्मियों की दो दिन की हड़ताल का असर बिजली सप्लाई पर तो नहीं पड़ा है पर इससे कर्मियों का नुकसान ज्यादा हो गया है।
पावरकॉम के आधिकारिक सूत्र बताते है कि कंपनी एक्ट के तहत सभी हड़तालियों पर कार्रवाई होना तय है। नियमों के अधीन यह कार्रवाई स्वत: चलने वाली प्रक्रिया है। इसका पहला अहसास नए साल पर आने वाले वेतन में दिखेगा जब हड़तालियों का दो दिन का वेतन, नो वर्क नो पे के अधीन कट कर आएगा।
ऐसे कर्मियों को ईएल अथवा अर्जित अवकाश आने वाले समय के लिए प्रतिबंधित हो गया है। सर्विस में ब्रेक इन पीरियड आ जाने पर यदि कोई लंबी छुट्टी पर जाना चाहता है तो वो उसे ईएल शामिल ना होने की वजह से अनुमति नहीं मिलेगी।
गर्वनमेंट प्रोविडेंट फंड से भी यदि हड़ताल में भाग लेने वाला कर्मी पैसे निकलवाना चाहता है तो उसे भी ये लाभ नहीं मिलेगा हालांकि ये प्रतिबंध तब तक जारी रहेंगे जब तक की कर्मियों और पावरकॉम प्रबंधन के बीच ऐसा कोई समझौता नहीं हो जाता कि हड़ताल के दोनों दिनों को कर्मियों की सेवा में शामिल कर लिया गया है। इन लोगों का दो दिन काम न करने के बदले सिर्फ दो दिन का अर्जित अवकाश एडजस्ट किया गया है। दिलचस्प है कि हड़ताल में न भाग लेने वाले कर्मी अब हड़तालियों की तुलना में सीनियर हो गए है क्योंकि उनकी नौकरी अब ज्यादा पुरानी है।

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