-सरकार और कंपनियों की चांदी, उपभोक्तओं को चूना,
भूपेश चट्ठा
पंजाब में सत्ताधारी राजनीतिक दल और विपक्ष के बीच एक दशक से विवाद का एक विषय रही केबल इंडस्ट्री जल्द ही इतिहास का हिस्सा होने जारी है। केबल जारी रखने की समय अंतिम सीमा में हालांकि तीन साल का समय पड़ा है लेकिन जिस गति से राच्य में डिजीटलाइजेशन पर काम हो रहा है उस गति से अगले चार-छह महीनों में केबल का आस्तित्व समाप्त हो जाना है।
दिलचस्प है कि केबल हटा कर सैट टाप बाक्स लगाने की इस प्रक्रिया में सबसे अधिक तेजी केबल इंडस्ट्री की ओर से ही दिखाई जा रही है। सैट टाप बाक्स लगाने को दवाब भी केबल नेटवर्क चलाने वालों की ओर से ही बनाया जा रहा है। लोक सभा में पारित केंद्रीय कानून के तहत डिजीटलाइजेशन किया जाना है। जिसे सामने रख कर एक के बाद एक आपरेटर का क्षेत्र बंद किया जाता है, फिर सैट टॉप बाक्स लगाने की 'सलाहÓ दे केबल के ही चैनल दिखाने की बात कही जाती है। हालांकि अभी तक एक घर से दिया जाने वाला किराया अब हर कनेक्शन पर हो जाएगा। ऐसे में उपभोक्ताओं को जहां अच्छी क्वालिटी का सिगनल मिलेगा वहीं शिकंजा भी कसा जाएगा। पहले एक कनेक्शन पर एक ही घर में च्यादा टीवी चलते थे पर अब हर कनेक्शन पर किराया देना पड़ेगा हालांकि एक ही घर में ही लिए जाने वाले दूसरे कनेक्शन पर रियायत दी जा रही है पर ये कभी भी बंद भी हो सकती है।
इसी संबंध में पंजाब में केबल नेटवर्क के जन्मदाता कहे जाने वाले हरविंदर सिंह कूक्कू बताते हैं कि अगर डिजीटलाइजेशन वायरलेस हो तो ठीक है। कानून अनुसार कनेक्शन 'हैड इन स्काईÓ पर लगा होना चाहिए। तभी कामयाब होगा अन्यथा कमजोर ही रहेगा। वायर के साथ इसका कमजोर रहना तय है। सिगनल ठीक से नहीं पहुंच पाएगा। हर आपरेटर को फाइबर आपटिक का तकनीकि ज्ञान नहीं है। ऐसे में एक सीमा तक ठीक चलेगा पर आगे नहीं ले जाया जा सकेगा। इसमें च्यादा इनवेस्टमेंट की जरूरत पड़ेगी। वर्तमान केबल नेटवर्क के आपरेटर कमीशन पर आ जाएगें। इनकी भी कमाई कम होगी और चोरी के साथ बगार भी कम हो जाएगी। कूक्कू बताते हैं ये बेचे जा रहे बाक्स भी 'राइट टू यूजÓ पर दिए जा रहे हैं। 1490 रूपये का बाक्स बेचा नहीं जा रहा ये ग्राहक के यहां लगने के बाद भी कंपनी की ही प्रापर्टी रहेंगे।
वहीं राच्य में केबल नेटवर्क चला रहे फास्ट वे के डायरेक्टर विकास पुरी बताते हैं कि टेलिकाम रेग्यूलेटरी अथारिटी आफ इंडिया के नियमों अनुसार जुलाई 2015 तक देश भर में पूरी तरह डिजीटलाइजेशन किया जाना है और पंजाब इस दिशा में काफी तेजी से बढ़ रहा है। इससे कस्टमर की च्यादा पैसे लेने और कम चैनल दिखाने की शिकायत दूर होगी तो ब्राडकास्टर का दवाब आपरेटर पर कम हो जाएगा जबकि सरकार के राजस्व में खासी बढ़ोतरी होगी। वे बताते हैं कि उनकी ओर से दिए जा रहे बाक्स में पहला कनेक्शन 230 रूपये का है जबकि एक ही घर में लिया जाने वाला दूसरा कनेक्शन 130 रूपये का है, हालांकि अभी 250 रूपये केबल कनेक्शन के लिए जा रहे हैं।