Friday, 28 September 2012

फिजा के दिल को नहीं खोला मौत का राज


-दोबारा की गई जांच में भी नहीं हुआ खुलासा, दिल वापिस चंडीगढ़ भेजा
-कतरा भी खून नहीं था...हार्ट अटैक आया या नहीं खुलासा नहीं हुआ
-नहीं मिला कोई टीश्यू : डा. बल
भूपेश चट्ठा, पटियाला
पंजाब व हरियाणा की दो लगातार सरकारों में असिस्टेंट एडवोकेट जनरल के पदों पर रह चुकी और हरियाणा के पूर्व उप मुख्यमंत्री चंद्रमोहन से विवाह कर अनुराधा बाली से फिजां हुई, एडवोकेट का जीवन जितना जटिल रहा उतनी ही मौत भी पेचीदा हो गई है। फिजा के दिल ने दूसरी बार में भी उसकी मौत का राज नहीं खोला है।
मृत्यु के कारणों का पता लगाने पटियाला के गवर्नमेंट मेडिकल कालेज की पैथोलाजी लैब के विशेषज्ञ पहली बार में फिजा का दिल नहीं पढ़ पाए थे। विशेषज्ञों की ओर से पहले प्रयास में असफल रहने के बाद अब फिजा के दिल की दोबारा की गई जांच में भी कोई खुलासा नहीं हुआ है। इसके बाद उसके दिल को जहां वापिस चंडीगढ़ के उन्हीं डाक्टरों के पास भेज दिया है, जिनके यहां से पटियाला भेजा गया है। दिल वापिस लौटाने के साथ ही सील की हुई रिपोर्ट भी भेज दी गई है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि फिजा के दिल में एक कतरा भी खून नहीं था। और यह बेहद 'डीकंपोज्डÓ स्थिति में था। ऐसे में यह कहा नहीं जा सकता कि उसे हार्ट अटैक आया या नहीं। यह खुलासा भी नहीं हो पाया है कि हार्ट में रक्त जमने से कोई ब्लाकेज उपजा हो।
वहीं जांच कर रही टीम के डा. मनजीत सिंह बल ने बताया कि उन्हें दूसरी बार की जांच में भी कोई टिश्यू नहीं मिल पाया है ऐसे में वे किसी भी निश्कर्ष तक पहुंचने में खुद को असमर्थ पाते हैं। हालांकि कुछ नमूने मोहाली के निकट राज्य की केमिकल एग्जामीनेशन लैब में भी भेज गए हैं। विभाग के मुखी डा. बल कहते हैं कि दिल के बुरी तरह से सड़ जाने की वजह से भी दिक्कत आई है।

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