-चुनावों से छह महीने पहले वोटरों के लिए खुलते हैं दरवाजे
उपमुख्य संवाददाता, पटियाला
चुनावों से ठीक पहले राजतंत्र से सीधे लोकतंत्र के धरातल पर आने वाले मोतीबाग पैलेस अब एक बार फिर 'आम' से 'खास' हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस प्रधान व शहर से विधायक कैप्टन अमरिंदर सिंह और पटियाला लोक सभा सीट से सांसद व विदेश राच्य मंत्री परनीत कौर के घर में अब जाने के लिए आम आदमी को सुरक्षा जांच से निकलना पड़े या नहीं लेकिन अंदर प्रवेश के लिए पहले आम आदमी को विशिष्ट तंत्र के माध्यम से जरूर गुजरना पड़ेगा।
पैलेस की ही एक पूर्व समर्थक बताते हैं कि कार्यकर्ताओं व नेताओं के लिए पूर्व पटियाला रियासत के इस अंतिम पैलेस के दरवाजे नगर निगम चुनावों के बाद फीड बैक जानने हुए बैठक की रणनीति बनने के दौरान ही कर दिए गए थे। कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और निगम चुनाव में विजेता रहे उम्मीदवारों के साथ मोतीबाग पैलेस गए उनके स्मर्थकों को जब अंदर नहीं जाने दिया गया तब सुरक्षा कारणों का हवाला देकर कहा गया कि जिन लोगों को बुलाया ही नहीं गया उन्हें भला आने की जरूरत भी क्या थी, पहले से मना किया गया था, नाहक परेशान होने वाली बात है।
आज रविवार को मोतीबाग पैलेस में रखे गए एक संवाददाता सम्मेलन से ठीक पहले भी कुछ ऐसा ही हुआ जब पैलेस के दरवाजे पर सादी वर्दी में खड़े एक दरबान के हाथ में सूची थमा दी गई और आने वालों का नाम वेरीफाई किया जाने लगा। कुछ लोग रुके तो कुछ वापिस लौट गए। इस पर एक समर्थक ने बताया कि चुनावों से छह महीने पहले वोटरों के लिए ये दरवाजे खुलते हैं, अब चुनाव हो चुके हैं, ऐसे में ये बंद हैं। संभव है कि लोक सभा के मध्यावधि चुनाव पहले हों तो 2014 से पहले दरवाजे खुल सकते हैं। अगर किसी स्थिति में ऐसा नहीं होता है तो इससे पहले कोई संभावना नहीं है।
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