Friday, 28 September 2012

चीनी की चोरी की तो आधा मूल जुर्माने में



-सरचार्ज सहित साढ़े पांच फीसद टेक्स की वसूली फिर भी
-पांच फीसद की बजाए वैट एक या दो फीसद लगता तो सरकार का राजस्व च्यादा बढ़ता: होल सेल शूगर एसो.

भूपेश चट्ठा, पटियाला
सरकारें बदलने में प्याज के बराबर खड़ी होने वाली चीनी की तस्करी की अथवा पंजाब में चोरी से लाने की कोशिश करते पकड़े गए तो समझो मूल का आधा जुर्माने में जाना तय है और इसके बाद सरचार्ज सहित साढ़े पांच फीसद टेक्स की वसूली फिर भी की जाएगी।
हरियाणा के साथ लगती पंजाब की सीमा पर कमोडिटी की तस्करी के मामले में सबसे कुख्यात कहे जाने वाले जिलों पटियाला, संगरूर प्रमुख है। हालांकि बठिंडा के पास डबवाली व राजस्थान के साथ लगते सांगरिया बार्डर भी इसमें शामिल  हैं, लेकिन चीनी का नाम आते ही पटियाला संगरूर का नाम आगे आ जाता है। प्रदेश में इस तरह के प्रयास आरंभ हो चुके हैं।
चीनी की तस्करी में लगे लोग भी हर संभव जोखिम उठाने को तैयार हैं। व्यवसाय के जानकार बताते हैं कि चीनी के दाम 35 से 40 रूपये प्रति किलो पर उसकी क्वालिटी के अनुसार प्रति क्विंटल 170 से 200 रूपये का टेक्स बनता है। एक सौ से दो सौ बोर ट्रक में लाने वालों को होने वाली कमाई का अंदाजा लगाया जा सकता है। जो चोर रास्तों से चंद हजार कमाने कई लाख रूपये दांव पर लगा रहे हैं।
अतिरिक्त आबकारी एंव कराधान आयुक्त लाजपाल सिंह जाखड़ बताते हैं कि करीब 15 दिन पहले स्टाक चैकिंग की गई थी इसमें तो कुछ खास नहीं निकला, लेकिन हाल ही में विभाग के मोबाइल विंग ने दो गाडिय़ां पकड़ी हैं। इससे लगता है कि कुछ लोगों ने चोर रास्तों से प्रयास शुरु किए हैं। राच्य की सीमा पर विभाग की पूरी निगाह है और चीनी की तस्करी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वे बताते हैं कि पहले तो जुर्माना खासा कम था लेकिन अब 55.5 फीसद है। ऐसे में साढ़े पांच फीसद का वैट बचाने के चक्कर में मूल के आधे से च्यादा कीमत का खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।
दूसरी ओर पटियाला होल सेल शूगर एसोसिएशन के प्रधान मोहन लाल बताते हैं कि सरकार को कोई नहीं रोक सकता लेकिन राज्य में चीनी पर लगाया गया टेक्स अगर एक या दो फीसद होता तो राजस्व में ज्यादा बढ़ोतरी होती। विभाग अथवा सरकार की ओर से अगर वैट में और बढ़ोतरी की जाती है तो तस्करी का बढऩा और राजस्व का गिरना तय है।

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