फ्लैग: मामला आढ़तियों के कमीशन को फ्रीज करने का
-कहा चेयरमैन लक्खोवाल सहित हर किसी किसान नेता बताए आढ़ती का कमीशन कम होने से किसान को क्या फायदा?
-नेताओं, नौकरशाहों के बाद पंजाब के किसान नेता मल्टी नैशनल कंपनियों के एजेंट बने
-पंजाब में घरेलू मार्केटिंग सिस्टम तोडऩे की साजिश
फोटो-चार
उपमुख्य संवाददाता, पटियाला
पंजाब मंडी बोर्ड के वाइस चेयरमैन रविंदर सिंह चीमा ने प्रदेश में आढ़तियों के कमीशन को फ्रीज करने की केंद्र की ओर जारी किए गए पत्र और इसके समर्थन में आए पंजाब के किसान नेताओं को खुली बहस की चुनौती दी है।
मार्केट कमेटी पटियाला के कार्यालय में जिला आढ़ती एसोसिएशन के साथ बैठक के बाद रविंदर चीमा ने कहा कि इसमें मंडी बोर्ड के चेयरमैन अजमेर सिंह लक्खोवाल सहित हर किसी किसान नेता से पूछते हैं कि उन्हें बताए कि आढ़ती का कमीशन कम होने से किसान को क्या और कितना फायदा होगा? आढ़ती को होने वाली आय का 90 फीसद हिस्सा खरीद एजेंसियों से आता है। यह कमीशन 27 रूपये हो या 33 किसान को उसकी फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य पूरा मिलेगा
किसानों को सीधे भुगतान के सवाल पर रविंदर चीमा कहते हैं कि चैक आढ़ती के माध्यम से जाए या किसान को सीधे दिया जाए। चैक उतने का ही रहेगा, इसमें कोई बदलाव नहीं होने वाला। पहले देश के नेताओं फिर नौकरशाहों को दवाब में लाने के बाद पंजाब के किसान नेताओं को मल्टी नैशनल कंपनियों ने कठपुतली बनाया है और ये लोग इनके एजेंट बन गए हैं। कंपनियां चाहती हैं कि पंजाब में घरेलू मार्केटिंग सिस्टम किसी तरह से तोड़ा जाए और ये सब कुछ इसी साजिश के तहत हो रहा है।
आढ़तियों की ओर से 18 फीसद ब्याज वसूले जाने की बात पर वे कहते हैं कि बैंक आढ़ती की लिमिट बनाते समय 15 फीसद सालाना की दर से ब्याज लेते हैं। इसके बाद आढ़ती ने मुनीम से लेकर अन्य खर्च करने होते हैं, जबकि सभी लिए गए कर्ज में से 95 फीसद की ही वापसी होती है।
मंडी बोर्ड में लिए गए सभी निर्णय सर्व सम्मति अथवा बहुमत से होने का दावा करने वाले चीमा से जब कहा गया कि चेयरमैन लक्खोवाल ने मंडी बोर्ड की ओर से ही आढ़तियों का कमीशन फ्रीज करने बाबत राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा है। इस पर वे बताते हैं कि हाल ही में राज्य सरकार ने जब चेयरमैन का कार्यकाल बढ़ाया गया और पूरे बोर्ड का नहीं। इस तकनीकी कारण के चलते वे उक्त बैठक में भाग नहीं ले सके थे। हालांकि उक्त बैठक में अंतिम निर्णय राज्य सरकार पर ही छोड़ा गया है और ये उनका ही अधिकार है।
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धरने फिलहाल स्थगित पर आंदोलन वापिस नहीं
पंजाब प्रदेश आढ़ती एसोसिएशन की ओर से केंद्र सरकार के खिलाफ धरने प्रदर्शन करने का कार्यक्रम फिलहाल स्थगित कर दिया गया है, लेकिन एसोसिएशन के प्रधान रविंदर सिंह चीमा ने वीरवार को पटियाला आढ़ती एसोसिएशन की बैठक में घोषणा की है कि आंदोलन वापिस नहीं लिया गया है। राज्य सरकार उनके साथ है और केंद्र को थोड़ा समय दिया जा रहा है।
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