Friday, 28 September 2012

बारिश से राहत पर और तेज हुई तो आफत


-पत्ता लपेट सुंडी से धान के पौधों को मिलेगी निजात
-अगेती किस्मों पर और बारिश का हो सकता है नुकसान
फोटो: 1
भूपेश चट्ठा, पटियाला
लगातार हुई रिमझिम बारिश से सूखे की मार झेल रहे और मंहगा डीजल फूंक रहे किसानों को आखिरकार राहत मिल गई है, लेकिन धान के सीजन के जिन दिनों में ये बारिश हो रही है उसके और तेज होने अथवा हवाएं चलने से यही राहत, आफत में बदल सकती है।
प्रोग्रेसिव खेती से जुड़े जसविंदर सिंह बताते हैं कि बारिश का फसल को लाभ ही है। इस बार कोई भी ऐसी जगह नहीं है जहां धान की फसल डूब रही हो ऐसे में धान को सभी जगह पर फायदा हो रहा है। चारा व बासमती के नाम इसमें शामिल किए जा सकते हैं। इसी प्रकार कोरजीवाला के परविंदर सिंह कहते हैं कि वे देख रहे हैं कि कुछ दिनों से पत्ता लपेट सुंडी धान की बीमारी के रूप में पौधों को लग रही है। इन बारिशों से बिना स्प्रे ही दूर होनी चाहिए। वे कहते हैं कि जो जान ईश्वर के दिए पानी में है वो टयूबवेल के पानी में नहीं। वहीं बराबर पानी का छिड़काव होता है, यहां कुछ पौधे डूब रहे होते है तो कुछ पानी आने का इन्तजार कर रहे होते हैं।
इसी क्रम में आनन फानन ज्यादा डीजल फूंक कर शुरु में धान की बिजाई करने वाला किसान थोड़ा चिंतित होने लगा है। इन पौधों में बल्लियां निकलने को हैं वहां पर बारिश तेज होने से दाने में बनने वाले दूध की कमी रह जाती है अथवा दाना बनता ही नहीं है। हालांकि बारिश के साथ हवा ना चलने के कारण फसल के जमीन में बिछने की खबर नहीं है।
वहीं मुख्य कृषि अधिकारी डा. बीएस सोहल बताते हैं कि बारिश का इसी रफ्तार से होना धान के लिए अच्छा है। इसके बाद खिलने वाली धूप पौधे की ग्रोथ और बढ़ाएगी। बारिश से पिछले दिनों में कुछ क्षेत्रों में थोड़ी बहुत पौधों को लगी पत्ता लपेट सुंडी भी हट जाएगी, लेकिन बारिश ज्यादा हुई तो धान की अगेती किस्मों विशेष रूप से पीआर 113, 114 आदि को नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि धान की ही पछैती किस्मों के लिए ये अभी भी फायदेमंद है।

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