Tuesday, 14 December 2010

लबालब बांध और बिजली भी भरपूर

भूपेश चट्ठा पटियाला

मानसून का सीधा असर अब चाहे खत्म हो गया हो पर बांधों में रुका हुआ पानी पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) के लिए अब भी एक खजाने के समान है। बरसात के सीजन की समाप्ति के ढाई महीने बाद भी भाखड़ा में पानी खतरे के निशान से मात्र 17 फीट नीचे ही उतरा है। प्रकृति की मेहरबानी इस बरस कुछ इस तरह से बनी हुई है कि बांधों में पानी की आवक सर्दी तेज होने के बावजूद जारी है। प्रदेश को इस पानी से हो रहा अतिरिक्त पन बिजली उत्पादन किसी थर्मल प्लांट की दो यूनिटों के बराबर कुदरत से मिल रहा है।

पावरकॉम से प्राप्त आंकड़े बताते हैं कि भाखड़ा बांध में जल स्तर 1663 फीट पर बना हुआ है। यह पिछले साल की तुलना में 43 फीट ज्यादा है और पानी की आवक बीते साल के छह हजार क्यूसिक की तुलना में इस साल 73 सौ क्यूसिक बनी हुई है। पौंग बांध में भी पानी पिछले साल से 63 फीट अधिक पानी है और यह 1378 फीट पर चल रहा है। बांध में पानी की आवक पिछले साल से 30 फीसदी ज्यादा है और यहां 2844 क्यूसिक पानी आ रहा है। सतलुज-ब्यास नदियों पर बने उक्त बांधों के अलावा रावी नदी पर बने रणजीत सागर बांध में पानी का स्तर 517 मीटर पर बना हुआ है, यहां जल स्तर 17 मीटर ज्यादा है। इस बांध में भी पिछले साल की तुलना में पानी का आना ज्यादा ही है।

पन बिजली उत्पादन से जुड़े तकनीकी विशेषज्ञों ने मंगलवार को इस बारे में पूछे जाने पर बताया कि पहाड़ों पर बर्फ तो गिरने लगी है पर अभी सब कुछ फ्रीज हो जाने जैसे हालात नहीं बने हैं ऐसे में पानी की आवक अब भी तेज बनी हुई है।

उल्लेखनीय है कि भाखड़ा बांध में प्रतिदिन 88 लाख यूनिट पन बिजली उत्पादन हो रहा है जबकि पिछले साल यहां इन दिनों में रोजाना मात्र 60 लाख यूनिट बिजली पैदा हो रही थी। भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) से पंजाब को 119 लाख यूनिट बिजली मिल रही है, इतना ही पंजाब का अपना पन बिजली उत्पादन है। पिछले साल दोनों ही जगह पर 85-83 लाख यूनिट बिजली पैदा हो रही थी।

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