Friday, 24 December 2010

पीएसआरसी चेयरमैन की रेस में पूर्व पीएसईबी चेयरमैन व् राजस्व आयुक्त

भूपेश चट्ठा, पटियाला

पंजाब राज्य बिजली नियामक आयोग का चेयरमैन बनने के लिए कुल 12 उम्मीदवारों ने अपनी दावेदारी जताई है। तीन जनवरी, 2011 को खाली होने वाले इस महत्वपूर्ण पद की कतार में तत्कालीन पंजाब राज्य बिजली बोर्ड के पूर्व चेयरमैन सहित प्रदेश की वित्तायुक्त (राजस्व) ने भी शुक्रवार को लिए साक्षात्कार में अपनी उम्मीदवारी जताई है।

आयोग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार प्रदेश की वित्तायुक्त (राजस्व) के पद पर तैनात रोमिला दुबे का नाम आयोग के चेयरमैन पद के दावेदारों में सबसे ऊपर है। वे अप्रैल में सेवानिवृत्त होने जा रही हैं। उक्त नौकरशाह के अलावा टेक्नोक्रेट्स में नाम तत्कालीन पंजाब राज्य बिजली बोर्ड के चेयरमैन रह चुके इंजी. एचएस बराड़ भी दौड़ में हैं। आयोग के वर्तमान सदस्यों एसएस पाल और वरिंदर सिंह ने भी चेयरमैन पद के लिए अपनी दावेदारी जताई है।

सूत्र बताते हैं कि साक्षात्कार लेने वाले पैनल में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश अमरबीर सिंह गिल, पंजाब के मुख्य सचिव सुभाष चंद्र अग्रवाल और केंद्रीय बिजली नियामक आयोग के चेयरमैन प्रवीण देव शामिल हैं।

तीन जनवरी को समाप्त होने वाले चेयरमैन के कार्यकाल के अलावा फरवरी में रिटायर होने जा रहे आयोग के एक सदस्य के लिए भी अब तक 33 आवेदन आ चुके हैं।

दिलचस्प है कि प्रदेश में बिजली अधिनियम- 2003 के लागू होने के बाद पंजाब राज्य बिजली नियामक आयोग के चेयरमैन की नियुक्ति के समय ब्यूरोक्रैट्स और टेक्नोक्रैट्स में से किसे नियुक्त किया जाए, इसे लेकर बहस चलती आ रही है। पहले चेयरमैन आरएस मान और वर्तमान जय सिंह गिल के बाद इस साल घोषित होने वाली अगले वित्तवर्ष की बिजली दरें आगामी विधानसभा चुनावों में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगी, यह भी तय है।

हालांकि सूत्रों का यह भी कहना है कि कुछ तकनीकि खामियों के चलते पैनल एक बार फिर बैठेगा और अपनी ओर से दोनों पदों के लिए दो-दो नाम देगा। इसके बाद मुख्यमंत्री इस पर अपनी अंतिम मुहर लगाएंगे

No comments:

Post a Comment