मैरिज पैलेस एसोसिएशन ने प्रेस कांफ्रेंस में सारा ठीकरा मीडिया के सिर फोड़ा
शराब ठेकेदार बिना परमिट देखे ही अपने आश्र्वासन पर ग्राहक को दे रहे हैं शराब
रात दस बजे के बाद डीजे चलाने पर डीजे वालों पर हो कार्रवाई, पैलेस पर नहीं
उपमुख्य संवाददाता, पटियाला : शादियों के इस सीजन में आबकारी एवं कराधान विभाग मैरिज पैलेसों पर जम कर छापामारी कर रहा है। वहीं पटियाला मैरिज पैलेस एसोसिएशन ने अपने को बेकसूर बताते हुए सारा ठीकरा मीडिया और अन्य संगठनों पर फोड़ा है। अब एसोसिएशन डिप्टी कमीश्नर को ज्ञापन देने जा रही है। एसोसिएशन के प्रधान गुरजीत सिंह गुरी ने मंगलवार को अन्य सहयोगियों के साथ आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पैलेस मालिक अपने परिसर में शराब पिलाने और स्टोर करने का परमिट एल-5 की फीस 30 हजार रुपये वर्ष के आरंभ में भर देते हैं। शराब ठेकेदार बिना परमिट देखे एक-दो बोतल से ज्यादा शराब किसी को कानूनी रूप से नहीं दे सकता। फिर भी शराब ठेकेदार बिना परमिट देखे ही ग्राहक को शराब दे रहे हैं। इन पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं करता। इसी प्रकार रात 10 बजे के बाद डीजे चलाने से रोके जाने पर एक मैरिज पैलेस वाले को समाना में बरातियों ने पीट डाला। ऐसे में डीजे पर कारवाई होनी चाहिए न की पैलेस पर। उन्होंने कहा कि शादी में प्रशासन की तरफ से छापेमारी करना जायज नहीं है। उन्होंने कहा कि आम तौर पर विवाह समारोह में पड़ोसियों से गैस सिलेंडर उधार लेकर लोग अपना काम चलाते हैं। आम लोगों को घरेलू व कामर्शियल गैस कनेक्शनों के बारे जानकारी नहीं होती, इसलिए प्रशासन को चाहिए कि इसके लिए गैस एजेंसियों पर शिकंजा कसा जाए न कि आम लोगों पर। पैलेस में कोई कार्यक्रम आयोजित करवाने के लिए आबकारी व कराधान विभाग के पास आठ हजार रुपए अलग से जमा करवाने होते हैं। जिनमें से तीन हजार रुपए एल-50 परमिट फीस के, जबकि 5 हजार रुपए कैट¨रग पर वैट चार्जिज के होते हैं। इन 8 हजार रुपयों से मैरिज पैलेस मालिकों का कोई संबंध नहीं होता और पार्टी को यह सीधे ही विभाग के पास जमा करवाने पड़ते हैं।
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