बिजली
-थर्मल प्लांटों के शिलान्यास के नाम रहा बिजली उत्पादन
-मानसून ने दिया दो दशक बाद कट फ्री समर, बांध हुए लबालब
-बिजली अधिनियम लागु हुआ, काम करना पड़ेगा प्रबंधन ने दिया संदेश
भूपेश चट्ठा, पटियाला
राज्य में बिजली का प्रबंध करने वाले पंजाब राज्य बिजली बोर्ड का जहां इस साल नाम बदला वहीं बिजली अधिनियम-2003 के लागु होने से बिजली बोर्ड दो कंपनियों पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड और पंजाब स्टेट पावर ट्रांसपोर्टेशन लिमिटेड के रूप में आमलचूल बदलाव आया, लेकिन कर्मियों व आम आदमी के नजरिए से देखा जाए तो कर्मियों की धमकी, मनमर्जी और आए दिन होने वाली ब्लैकमेलिंग हड़तालों से होती हुई वर्ष अंत तक निलंबन तक आ पहुंची जहां से प्रबंधन ने साफ संदेश दे दिया कि काम तो करना पड़ेगा औरअनुशासनहीनता बिलकुल बर्दाश्त नहीं होगी।
नौ बनाम दस
बीते साल खराब मानसून ने जहां बोर्ड का दिवाला मंहगी बिजली खरीद पर निकाला वहीं आम आदमी के पसीने भी छुड़वा दिए, ऐसे में हर घर में इंनवर्टर पहुंचाने का श्रेय लेने के बाद इस साल जम कर और बराबर अंतराल पर हुई बारिश ने हर इंनवर्टर की बैटरी की उम्र लंबी कर दी। कृषि क्षेत्र को भी बिजली मामले में ज्यादा सड़कों पर नहीं उतरना पड़ा। हालांकि बिजली मीटर घरों से बाहर करने और आम बल्ब बदल कर सीफएल लगाने का सिलसिला धीमी गति से इस साल भी जारी रहा। बिजली के ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन लॉसेज भी 19.92 से ज्यादा नीचे नहीं खिसक पाए।
दस का दम
वर्तमान साल थर्मल प्लांटों के शिलान्यास के नाम रहा। राज्य में बिजली उत्पादन को ढर्रे पर लाने राजपुरा में 1326 मेगावाट का शिलान्यास हुआ तो, एनटीपीसी के साथ गिदड़बाहा मं 2640 मेगावाट के लिए करार हुआ, निर्माणाधीन तलवंडी साबो प्लांट की क्षमता 1980 मेगावाट से बढ़ा कर 2800 पर लाई गई। इंडियाबुल्स ने भी पियोणा में प्लांट लगाने की इच्छा जताई है। मानसून ने भी दो दशक बाद कट फ्री समर दी तो बांध भी डेढ़ दशक बाद लबालब हुए है।
11 में हम
बिजली उत्पादन के क्षेत्र में जहां अगले साल गोईंदवाल साहिब में एक यूनिट के चालू होने की संभावना है वहीं निजी क्षेत्र में छोटे प्रोजेक्टों से होने वाला उत्पादन एक साल में गिनने लायक 14 लाख यूनिट पर आया है इसके काफी आगे निकलने की उम्मीद की ही जानी चाहिए। मीटरों के घरों से बाहर होने का लक्ष्य संभवत 31 मार्च तक पा लिया जाए। ऐसे ही सीएफएल भी जगमगाऐंगे। मृतक कर्मियों के आश्रितों और बेरोजगार लाइनमैन यूनियन का मामला बिना सातवीं मंजिल पर चढ़े इन्हीं के पक्ष में निपट जाए ऐसी दुआ की जानी चाहिए। बांधों में पानी की आवक बेहतर लेकिन हद में रहे, मानसून के रूप में इंद्र देवता का आशिर्वाद की कामना भी की जाए तो गलत नहीं होगा।
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