भूपेश चट्ठा, पटियाला
: पंजाबियों ने विदेशों में राजनीति के साथ-साथ खेलों में भी अपने जलवे बिखेरे हैं। इंग्लैंड की क्रिकेट टीम में मोंटी पनेसर हों, या कनाडा की हाकी टीम में खेल रहे पंजाबी खिलाड़ी, विदेश के लिए खेलने के बावजूद उनका दिल भारत के लिए ही धड़कता है। पटियाला के जतिंदर संधू ने 96 किलो वर्ग न्यूजीलैंड सीनियर फ्री स्टाइल कुश्ती में अपने हर विरोधी को पछाड़ न केवल चैंपियन होने का गौरव हासिल किया, बल्कि राष्ट्रीय टीम में भी जगह बना ली है। उन्हें फख्र है कि वे विदेशों में बसे भारतीयों का प्रतिनिधित्व कर रहे है। वे पहले भारतीय हैं जिसने न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय कुश्ती टीम में जगह बनाई है। मांउट रोसकिल के बॉटनी स्टोर में मैनेजर के तौर पर कार्यरत संधू बताते हैं कि इस साल उन्होंने हैमिलटन में आल न्यूजीलैंड क्लब चैंपियनशिप जीतने के अलावा नार्थ आइलैंड चैंपियनशिप, ऑकलैंड चैंपियनशिप, हुनुआ काउंटीस चैंपियनशिप भी जीती है पर ये सबसे बड़ा सम्मान है। जतिंदर कहते हैं कि जब वे न्यूजीलैंड आए तो डिलवर्थ रेस्लिंग क्लब के मालिक इयान एडमंड्स ने उन्हें क्लब में आने को प्रेरित किया। फिर ईरान के पूर्व पहलवान अमीर ने उनकी ट्रेनिंग देख कर कुश्ती को गंभीरता से लेने को कहा और फिर सिलसिला चल निकला। वे याद करते हैं कि उनकी मां जीवन में सफलता का रास्ता कई साल पहले ही तय कर दिया था। जतिंदर के पिता गुरमुख पहलवान कहते हैं कि दो साल पहले ही जतिंदर न्यूजीलैंड गया है, परमानेंट रेजीडेंटशिप तो हाल में मिली है। उन्हें इस बात की खुशी है कि उनके बेटे ने विदेश में जाकर देश का नाम रोशन किया है। पेशे से कुश्ती के कोच सन्नौरी अड्डा के निकट अखाड़ा चलाते गुरमुख पहलवान कहते हैं संभवत: ऐसा पहली बार हुआ है जब वाईपीएस स्कूल का कोई बच्चा कुश्ती में इस स्तर पर पहुंचा हो। जब उनसे कहा गया कि यदि जतिंदर न्यूजीलैंड की बजाए भारत से खेलता तो ज्यादा अच्छा होता तो उनका कहना था कि उनका पूरा परिवार पीढि़यों से कुश्ती से जुड़ा है और बहुत कुछ देखा है, ऐसे में अब यह सवाल मत उठाओ पर बच्चा देश का ही है। खेल के साथ पढ़ाई में भी अच्छा है, और वो आगे की पढ़ाई करने ही गया था, कुश्ती में न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय टीम में खास तैर शामिल होने नहीं गया था। ये तो बस इत्तेफाक है कि खेला और आगे बढ़ता चला गया और वहां के अखबारों की सुर्खियों में इंडियन
ब्वाय छाया हुआ है।
http://in.jagran.yahoo.com/news/local/punjab/4_2_6796778_1.html
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