उपमुख्य संवाददाता, पटियाला
धान मंडियों में किसानों की हो रही बेकद्री के आरोपों और किसान संगठनों के रास्ता रोके जाने की खबरों के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के प्रमुख सचिव डीएस गुरु ने प्रदेश भर के आंकड़ों पेश कर सबकुछ ठीक होने का दावा पेश किया। उनका कहना था कि राज्य में धान और गेहूं की खरीद करना सबसे बड़ा कार्य है और इसमें पूरी ताकत लगी है। मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को सख्त निर्देश दे रखे हैं कि मंडी में धान की खरीद व व्यवस्था में किसी किस्म की गड़बड़ी ना होने पाए।
आठ जिलों का दौरा करने के बाद नई अनाज मंडी में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में डीएस गुरु ने बताया कि इस बार राज्य में मंडियों की संख्या बढ़ाकर 1718 कर दी गई और सीजन में 142.5 लाख टन धान आने की उम्मीद है। इसमें से 49.5 लाख टन आ चुका है। 47.5 टन की खरीद भी की जा चुकी है। सिर्फ कुछ स्थानों पर गीला और एक दिन का किसान का धान पड़ा है। वे कहते हैं कि आवक का 97 फीसदी धान खरीदा जा चुका है। किसानों को 3620 करोड़ रुपये का चेक से भुगतान किया जा चुका है। यह आंकड़ा 87 फीसदी पर है और 81 फीसदी धान की लिफ्टिंग भी की जा चुकी है। 80 फीसदी संसाधन लिफ्टिंग में झोंके गए हैं। किसान का धान यदि गीला नहीं है तो एक दिन से ज्यादा का समय मंडी में नहीं लग रहा है।
फसल पर मानसून के प्रभाव पर डीएस गुरु कहते हैं कि अमृतसर में 113 फीसदी और तरनतारन में 115 फीसदी धान आ चुका है, लेकिन बाढ़ प्रभावित जिलों पटियाला में 26 फीसदी, बरनाला में तीन और संगरूर में पांच फीसदी आवक ही हो पाई है। मंडी के दौरे के दौरान उनके साथ मार्केट कमेटी के चेयरमैन हरविंदर सिंह हरपालपुर के अलावा पूरा प्रशासन मौजूद था।
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