Monday, 18 October 2010

भाखड़ा में पानी और खतरा या खजाना?

खतरे के निशान से नीचे आया जल स्तर
-एक दिन में 0.13 फीट की रफ्तार से कम हो रहा है पानी
- आवक 15 हजार क्यूसिक से कम हो 14 हजार पर आई 17 हजार क्यूसिक से ज्यादा पानी छोड़ा जा रहा है

भूपेश चट्ठा, पटियाला
144 वर्ग मील में फैले उत्तर भारत के सबसे बड़े और 1700 फीट ऊंचे भाखड़ा बांध की गोविन्द साग र झील में पानी खतरे के निशान 1680 फीट सेे ठीक नीचे आ गया है। बांध में यों तो 1690 फीट तक पानी भरा जा सकता है लेकिन बांध के निर्माता इंजीनियरों ने इसका खतरे का निशान कुल क्षमता से पांच फीट नीचे 1685 फीट तय किया पर अब इसकी उम्र को देखते हुए बांध में 1680 फीट का नया पैमाना तय कर लिया गया है।
प्राकृति ने हालांकि इस साल बाढ़ के रूप में कहर भी ढाया है पर बांध में पानी का खरीफ सीजन के अंत होने तक अपने चरम पर बने रहना तीन राज्यों के किसानों, दिल्ली की जनता व बिजली का प्रबंध करने वालों के लिए अच्छी खबर है। बांध में पानी की लगातार मानिटरिंग करने वाले पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों अनुसार शनिवार को जल स्तर 1680.14 पर था जो रविवार को 1680.01 पर आ गया और अब खतरे के निशान से ठीक नीचे है।
बांध में पानी की आवक एक दिन में 15483 क्यूसिक से कम हो कर 14977 क्यूसिक पर आ गई है। हालांकि बांध से पानी छोड़े जाने कर रफ्तार में कमी आने वाले दिनों में की जानी तय है। फिलहाल बांध से 17714 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा है, डिसचार्ज में नाममात्र की ही कमी की गई है।
दिलचस्प है कि बीते साल आज ही के दिन 1640 फीट पर था और पानी की आवक 11443 क्यूसिक थी और 11800 क्यूसिक पानी छोड़ा जा रहा था। पावरकॉम के अधिकारी बताते है कि सर्दियों में बिजली बनाने पानी का कम से कम प्रयोग करने का प्रयास होगा जबकि पानी को अगले साल गर्मियों के लिए संभाला जाएगा राज्य में कम मांग के चलते बंद की गई लहरा मुहब्बत की एक यूनिट को अब चालू कर लिया गया है यद्यपि दो अन्य यूनिट भी बंद पड़े है। सर्दियों में थर्मल प्लांटों पर ही अधिक निर्भरता रखी जाएगी
आम तौर पर बांध में जलस्तर बढऩे का सिलसिला भराव सीजन 15 सितंबर को समाप्त होने के साथ थम जाता है लेकिन इस साल पानी को सीमित रखने के लिए मशक्कत करनी पड़ी।
भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड ने लंबे अनुभव के बाद बनाए बैंच मार्क अनुसार भाखड़ा बांध में एक अग स्त को 1650 फीट और 15 अ"स्त को 1670 फीट और 31 अगस्त को 1680 फीट पानी हो सकता है। और यह आंकड़ा ठीक दो महीने बाद भी दिखाई देना सुखद अहसास की श्रेणी में रखा जा रहा है।
बांध में जल भराव के 1975 से अब तक के आंकड़े गवाह है कि पानी सिर्फ चार बार ही खतरे के निशान 1685 फीट को पार कर पाया है। बांध में पिछले 35 सालों में आए पानी में सर्वाधिक का रिकार्ड 1988 में 1687.55 फीट का है लेकिन तारीख के मामले में यह 13 सितंबर को हो पाया, यानि भराव सीजन समाप्त होने से ठीक दो दिन पहले। इसके अलावा 1975-76 में 1687.36 फीट, 1983-84 में 1686.01 फीट, 1978-79 में 1685.96 फीट मापा गया है। बांध में पानी ने 1680 का जल स्तर अब तक इसके अलावा सात बार छू चुका है। 2005-06 में पानी 1681.40 तब हुआ जब इससे ठीक एक साल पहले 2004-05 में पानी ने सबसे निचला रिकार्ड 1600.82 फीट का बनाया था। साधारणतय झील में पानी 1650 से 1680 फीट के बीच रहता आया है।
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