Friday, 24 September 2010

last-सिर्फ औपचारिकता और दिखावा

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शहर के बड़े भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की समुचित व्यवस्था नहीं
हमारा सीवरेज सिस्टम सूखे मौसम के लिए, लेकिन इसमें धकेला जाता है बरसाती पानी : गिल
रेन वाटर हार्वेस्टिंग से बारिश के सीजन के अलावा डेढ़ सौ दिनों तक काम चल सकता है : गिल
भूपेश चट्ठा, पटियाला : शहर में छह मंजिला पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड का मुख्यालय हो या फिर पांच मंजिला कोर्ट कांप्लेक्स, सिटी सेंटर हो या फिर मिनी सचिवालय, छोटी बारांदरी का बेअंत सिंह काम्पलेक्स हो या फिर दूरसंचार भवन, कहीं भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग नहीं होती है। सिर्फ परीक्षण, लोक दिखावे व सरकारी ग्रांट लेने भर से ज्यादा किसी भवन का डिजाइन नहीं है। पंजाब वाटर सप्लाई सीवरेज बोर्ड से सेवानिवृत्त एमडी व चीफ इंजीनियर बीएस गिल पुष्टि कर कहते हैं कि रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग न होने की वजह से सीवरेज सिस्टम पर लोड पड़ता है। सीवरेज अनावश्यक रूप से ब्लाक हो बैक फ्लो करता है। जबकि सीवरेज सूखे मौसम के लिए डिजाइन किए हुए हैं फिर भी हम बारिश का पानी इसमें धकेल देते हैं। आम घरों में भी ऐसा ही किया जा रहा है। जिन लोगों ने चार से आठ इंच के बोर जमीन में कर कुएं तैयार भी किए हैं वे तीन से ज्यादा सीजन चले नहीं। इंजीनियर गिल कहते हैं कि इस मामले में देसी जुगाड़ खासा कामयाब रहा है। घरों में तीन से पांच वर्ग फुट की रेता निकलने तक खोदी गई हौदी के प्रयोग खासे सफल रहे हैं। वहीं शहर में मौसम के आंकड़े बताते हैं कि साल में औसतन 677 मिलीमीटर सालाना बारिश होती है, इसमें से 79 फीसदी जुलाई से सितंबर के तीन महीनों में है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग से बारिश के सीजन के अलावा सौ से डेढ़ सौ दिनों तक काम चलाया जा सके। इतना पानी आ जाता है कि साल के छह से आठ महीने बैक्टीरिया की दृष्टि से सुरक्षित और बिना आर्गेनिक तत्वों के पानी मिले। यह पानी अगर धरती में मौके पर ही चला जाए तो धरती में भूमिगत जल में फ्लोराइड व नाइट्रेट की अतिरिक्त मात्रा कम हो सकती है। टॉयलेट के बाहर, कपड़े धोने, बर्तन साफ करने, कार-स्कूटर धोने से लेकर बगीचे में छिड़कने के लिए ये सबसे उपयुक्त है, इसमें साबुन का उपयोग भी कम करना पड़ता है। याद रहे कि पटियाला के सभी आठ ब्लाक ज्यादा शोषित जोन में आ चुके हैं। फ्लोराइड के अलावा सेलेनिटी भी बढ़ रही है। इसे डायल्यूट कर ही सुधारा जा सकता है।

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