Monday, 29 October 2012

बांधों का भराव सीजन 'समाप्त' पर...


-पहाड़ों पर बर्फ गिरते ही आधी रह गई आवक
-पानी छोडऩा कम कर कवर करने का हो रहा प्रयास
-35 सालों में अपनी क्षमता 1690 फीट तक कभी नहीं गया जल स्तर
लोगो: दैनिक जागरण स्पेशल
भूपेश चट्ठा, पटियाला
20 सितंबर आते ही उत्तर भारत के राज्यों में बने बांधों का भराव सीजन आधिकारिक रूप से 'समाप्तÓ घोषित कर दिया जाता है। बांधों से सिंचाई व पन बिजली उत्पादन से जुड़े विभाग इस दिन को मानसून की वापसी के रूप में देखते हैं।
हालांकि इस साल दो रोज पहले तक मानसून की गतिविधि को देख लग रहा था कि बांधों के जल स्तर का बढऩा एक सप्ताह और जारी रह सकता है, लेकिन पारा गिरने के साथ बारिश पहाड़ों पर बर्फ में बदल गई और बांधों में पानी की आवक आधी रह गई है। हालांकि बांधों से पानी छोडऩा कम कर खाली रह गए हिस्से को 'कवरÓ करने का अब प्रयास किया जा रहा है।
भाखड़ा बांध का जल स्तर 1655 फीट पर आ गया है, एक दिन पहले यह 1654 व दो दिन पहले 1653 फीट था। पिछले साल आज ही के दिन हालांकि 1681 फीट के बिलकुल करीब था। दिलचस्प है कि बांध में पानी की आवक 58197 क्यूसिक से घट कर एक ही दिन में 33070 पर आ गई है। पहाड़ों पर हुई बर्फबारी के बाद अब इसके 20 हजार क्यूसिक के नीचे आने की पूरी संभावना बन गई है। बांध से छोड़े जा रहे पानी की मात्रा 14230 क्यूसिक से और भी कम 12731 कर दी गई है। जिसके चलते जल स्तर में बढ़ोतरी देखी जा रही है।
पौंग बांध में पानी की आवक एक ही दिन में कम होकर एक लाख 58 हजार क्यूसिक से 59244 क्यूसिक पर आ गई है। पानी पिछले साल 1390 फीट की तुलना में 1384 फीट पर आ गया है। मात्र 3315 क्यूसिक पानी छोड़ जाने से पिछले 24 घंटों में जल स्तर दो फीट चढ़ गया है।
इसी प्रकार रणजीत सागर बांध में पानी करीब एक मीटर चढ़ कर 519 के पार आया है, हालांकि पिछले साल यहां जल स्तर 524 मीटर था। 25375 क्यूसिक आवक की तुलना में पांच हजार क्यूसिक पानी ही छोड़ा गया है। इससे एक दिन पहले 1177 क्यूसिक पानी ही छोड़ा गया है। जबकि डेहर बांध में जल स्तर पिछले साल के 2922 फीट से तीन फीट ज्यादा है। यहां भी आवक की तुलना में एक तिहाई पानी ही छोड़ा जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि 144 वर्ग मील में फैले उत्तर भारत के सबसे बड़े और 1700 फीट ऊंचे भाखड़ा बांध की गोविंद सागर झील में यों तो 1690 फीट तक पानी भरा जा सकता है, पिछले 35 सालों में एक बार भी इस स्तर को छुआ नहीं गया है। हालांकि व्यवहारिक रूप से इसे 1687 फीट तक भरा जा सकता है। पौंग बांध का डिजाइन 1422 फीट तक पानी भरने का है। इसी प्रकार रावी पर बने रणजीत सागर बांध की क्षमता 527.91 मीटर है।

टेबल
साल उच्चतम स्तर
2011  1680.94
2010 1681.53
2008 1680.69
2005 1681.40
1998 1682.67
1995 1683.49
1994 1682.55
1988 1687.55
1983 1686.01
1978 1685.96
1975 1687.36
बाक्स
क्या हैं बैंच मार्क?
बांधों को नियंत्रित करने वाले भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड के बैंच मार्क अनुसार भाखड़ा बांध में एक अगस्त को 1650 फीट और 15 अगस्त को 1670 फीट और 31 अगस्त को 1680 फीट पानी हो सकता है, यह 20 सितंबर को भाखड़ा का जलस्तर 1685 फ  ट और 26 सितंबर को 1687 फ  ट तक किया जा सकता है। जबकि पौंग बांध से कम बिजली उत्पादन कर इसे पूरा भरने दिए जाने की सलाह भी दी गई है।

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