-जिला प्रशासन ने कहा हमने 25 हजार रूपये जमा करवाए अब अवैध पार्किंग रोकना निगम का काम
-निगम ने कहा जिला प्रशासन अधीन मेला और पार्किंग दोनों
फोटो: 7, 8
भूपेश चट्ठा, पटियाला
एतिहासिक शीश महल में आयोजित किए जा रहे सरस मेले में पार्किंग को लेकर नगर निगम व जिला प्रशासन जहां आमने सामने आ गए हैं वहीं मेयर से लेकर मुख्यमंत्री तक की मौजूदगी में मेले के ठीक मुख्य द्वार के बाहर सरेआम अवैध वसूली जारी है।
सरस मेले पर किए जा रहे प्रबंधों अधीन जिला प्रशासन की ओर से पहले कहा गया कि इस बार किसी तरह की पार्किंग संबंधी समस्या नहीं आने दी जाएगी और ना ही सड़क पर खड़े किए जाने वाले वाहनों से ही ट्रैफिक में व्यवधान आने दिया जाएगा। एडीशनल डिप्टी कमिश्नर अननंदिता मितरा से जब अवैध रूप से बनने वाली पार्किंग व मनमाने दामों की होने वाली वसूली पर पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि प्रशासन की ओर से 10, 15, 20 रूपये तय कर कोटेशन ली है और केवल एक व्यक्ति को ठेका दिया गया है।
मेले के आसपास खाली प्लाटों में बनने वाली व अवैध पार्किंग पर वे कहती हैं कि अवैध पार्किंग पर अंकुश लगाना नगर निगम का काम है। मेला में चूंकि पार्किंग के रूप में व्यवसायिक गतिविधि चल रही है। ऐसे में उनकी ओर से 25 हजार रूपये निगम के पास टेक्स के रूप में जमा भी करवाया गया है। अब अगर कोई साइकिल स्टैंड अथवा पार्किंग चलाता है तो उसे रोकना नगर निगम का काम है उनका नहीं।
वहीं कमिश्नर गुरलवलीन सिंह सिद्धू कहते हैं कि पार्किंग का काम नगर निगम का नहीं है। पिछले दो तीन सालों से मेले लग रहे हैं नगर निगम ने कभी पार्किंग अपने हाथ में नहीं ली है। इस बार भी नहीं। ऐसे में वे इसे नियंत्रित नहीं कर रहे। मेला और पार्किंग दोनों ही जिला प्रशासन के अधीन है। जिला प्रशासन की ओर से नगर निगम को पार्किंग के टेक्स के रूप में 25 हजार रूपये जमा करवाए जाने के सवाल पर निगम कमिश्नर कहते हैं कि ऐसा कुछ नहीं हुआ।
उल्लेखनीय है कि सरस मेले में हर दिन किसी ना किसी मंत्री के औपचारिक रूप से दौरे करने की डयूटी लगी हुई है और उनके साथ ही जिला प्रशासन के लगभग सभी अधिकारी हर रोज दौरे कर रहे हैं। इनमें डिप्टी कमिश्नर व एसएसपी के दौरे तो अवकाश के दिनों में भी शामिल हैं और सरस मेले के मुख्य प्रवेश द्वार से ठीक पहले ही अवैध पार्किंग उपज आई है, जबकि प्रशासन की ओर से की गई व्यवस्था में सबसे अंत में पार्किंग बनी हुई है।
No comments:
Post a Comment