जागरण सर्वे: 11 वीं व 12 वीं के बच्चों शहीद प्रति आधी अधूरी जानकारी
-खटकड़कलां जद्दी पिंड पर हुसैनीवाला से संबंध की खबर नहीं
भूपेश चट्ठा, पटियाला
भगत सिंह का जन्मदिन कब है? तपाक से क्लास में आवाजें आई... '23 मार्चÓ को, जब बताया गया कि इस दिन तो देश भक्त को 23 साल की उम्र में शहीद कर दिया गया था, तो पूरी क्लास खामौश हो गई। यह आलम एक दो नहीं अपितु 11 वीं और 12वीं की चार क्लासों का था। कुछ ऐसा ही आलम शहीद भगत सिंह की ओर से बनाई गई पार्टी के नाम को लेकर रहा ज्यादातर ने 'गदरÓ को पार्टी बताया तो एक नाम नौजवान सभा का भी लिया गया। शेष किसी ने भी सही या गलत जवाब देने का 'रिस्कÓ नहीं लिया।
'जागरणÓ की ओर से शहीद भगत सिंह को लेकर किए गए सर्वे में सामने आया कि 12 से 15 साल स्कूलों में बिताने के बाद हम अपने बच्चों को छुट्टी दिलाए अथवा घोषित किए बिना किसी के जन्म अथवा शहीदी दिवस को याद करवाने में नाकामयाब रहे हैं।
मात्र आठ छोटे सवालों वाले इस सर्वे में यह भी सामने आया कि सामाजिक विषय ना पढऩे वाले विज्ञान व कामर्स के बच्चों शहीद प्रति आधी अधूरी ही है। खटकड़कलां का नाम लेने पर बहुसंख्यक भगत सिंह का जद्दी पिंड बताते हैं पर हुसैनीवाला से क्या संबंध है? की किसी को खबर नहीं है। हालांकि मौत कब और कहां हुई के सवाल पर बच्चों को एक बार फिर ज्ञान प्राप्त होता है और 23 मार्च की तिथि याद आ जाती है। जबकि देश के लिए क्या किया? जैसे सवाल पर फांसी पर झूले...आजादी दिलाई...फ्रीडम फाइटर थे...बलिदान दिया, जैसे ठीक ठाक जवाब भी दिए गए पर किसी ने उन्हें क्रांतिकारी नहीं बताया।
भगत सिंह के साथी कौन थे? पर सुखदेव व राजगुरु का नाम करीब करीब आधे बच्चे ले लेते हैं पर इक्का दुक्का बोलने वाले शहीद उधम सिंह को भी साथ ही जोड़ देते हैं। दिलचस्प है कि भगत सिंह ने कौनसी पार्टी बनाई थी? पर चर्चा शुरु होते ही क्लास में मौजूद शिक्षकों की आंखें भी प्रश्न सूचक की स्थिति में आ जाती है और प्रयास होता कि सवाल करने वाला ये नाम बता दे तो कौन बनेगा करोड़पति का आखिरी सवाल वो भी हल कर लेते!
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