Monday, 29 October 2012

यूनिवर्सिटी ने तीन को नौकरी से निकाला, एक निलंबित


-परीक्षा में छूटे सवाल खाली पन्ने पर विद्यार्थियों से करवाते थे
-युनिवर्सिटी ने किया स्टिंग आपरेशन
भूपेश चट्ठा, पटियाला
पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में परीक्षा नियंत्रकविभाग में से चेकिंग से पहले ही उत्तर पुस्तिका बाहर निकाल कर कथित रूप से नकल करवाने के आरोप में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने तीन कर्मियों को नौकरी से बाहर कर दिया है जबकि एक को निलंबित कर दिया है।
यूनिवर्सिटी के परीक्षा के नियंत्रक पवन सिंगला ने उक्त जानकारी की पुष्टि करते हुए बताया है कि तीन अस्थाई कर्मियों को निकाल दिया है जबकि एक स्थायी कर्मी को निलंबित कर दिया गया है, हालांकि इस मामले में अभी जांच की जा रही है।
वहीं यूनिवर्सिटी के सूत्र बताते हैं कि उक्त मामले में प्रशासन ने दो दैनिक वेतन भोगी व एक एडहॉक कर्मी पर दवाब बना कर और सीआईए स्टाफ में केस भेजने का हवाला देकर सभी लोगों से पूछताछ में जाना कि किस तरह से 'गड़बड़ीÓ की जाती है। यूनिवर्सिटी में उक्त कर्मियों ने उत्तर पुस्तिका निकालने से लेकर बाहर लेजाने तक की 'प्रक्रिया समझीÓ। इसी दौरान उक्त कर्मियों की वीडियोग्राफी कर ली गई। इसके बाद तुरंत ही उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। हालांकि इन लोगों को ऐसे भी आश्वस्त किया गया कि अगर तुम लोग 'गलती मान लोगेÓ तो कुछ नहीं बिगड़ेगा।
हालांकि यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक पवन सिंगला इस मामले में किसी प्रकार की एफआईआर दर्ज करवाने की बात से इन्कार करते हैं। कहते हैं कि तीन निकाले गए हैं, जबकि शेष एक स्थायी कर्मी पर जांच चल रही है।
उल्लेखनीय है कि 15 सितंबर को शनिवार के अवकाश वाले दिन परीक्षा नियंत्रक यूनिवर्सिटी के सुरक्षा अधिकारी सहित कार्यालय में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कार्यालय का मुख्य गेट चार घंटे तक बंद रखा और भीतर जांच की। इसी दौरान परीक्षा नियंत्रक विभाग के एक डेलीवेजेस कर्मचारी द्वारा एक कक्षा की उत्तर पुस्तिका का बंडल खोलकर बाहर निकालकर उस विद्यार्थी तक पहुंचाया गया, जिसकी वो उत्तर पुस्तिका है ताकि वो अपने अंक बढ़ाने के लिए उत्तर पुस्तिका में उन सवालों के जवाब दे सके, जो परीक्षा के समय उससे छूट गए हैं। उत्तर पुस्तिका बाहर निकालने के लिए बदले मोटी राशी वसूली जाने के आरोप भी लगे बताए जा रहे है।
उक्त सूचना के आधार पर विभाग के उच्चाधिकारी सहित सुरक्षा कर्मी कार्यालय में पहुंचे और मुख्य द्वार को बंद करवा  सीक्रेसी विभाग में पहुंचकर सभी मुलाजिमों से पूछताछ की, अन्य संबंधित कर्मियों के मोबाइल की कॉल्स का रिकार्ड भी चेक किया गया। यूनिवर्सिटी में इस तरह की शिकायतें पहले भी कई बार आई हैं। कुछ कर्मी पकड़े गए, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। कुछ साल पहले सीक्रेसी विभाग में जाने से पहले सबकी चेकिंग होती थी, लेकिन हाल ही में सीक्रेसी विभाग में कोई भी आ जा सकता है। सेमेस्टर एवं वार्षिक परीक्षाओं के समय काम बढऩे के कारण कुछ डेलीवेजस कर्मी रखे जाते हैं, जिनको परीक्षाएं संपन्न होने के बाद हटा दिया जाता है। इसी तरह के करीब 85 कर्मी काम कर रहे हैं।

कैसे निकलती थी उत्तर पुस्तिका
परीक्षाएं संपन्न होने के बाद उत्तर पुस्तिकाएं पंजाबी यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक विभाग के सीक्रेसी विंग के पास आती हैं। उसके बाद उनके अंतिम पेज पर कर्मी पेपर खत्म होने के स्थान पर 'एंडÓ की स्टैंप लगाते हैं, स्टेपलर करते हैं, उन पर एक डुप्लीकेट रोल नंबर लगाया जाता है, ताकि उत्तर पुस्तिका चेक करने वाले शिक्षक को भी पता न चले कि वो उत्तर पुस्तिका किस विद्यार्थी की है। उसके बाद वो चेक होकर वापिस विभाग के पास आती हैं। चेकिंग से पहले उत्तर पुस्तिकाएं कुछ दिन सीक्रेसी विंग के पास रहती हैं तो उस समय दौरान उन्हें बाहर निकाला जा सकता है और उस पर कुछ भी लिखकर वापिस बंडल में रखा जा सकता है। यह सारी प्रक्रिया उक्त डेलीवेजेस कर्मियों के हाथों से गुजरती है।

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