Monday, 29 October 2012

एक झटका अभी दूसरा दिसंबर में तीसरा अप्रेल में


-मंहगाई का साइड इफैक्ट, दस पैसे प्रति यूनिट मंहगी हुई बिजली
उपमुख्य संवाददाता, पटियाला
डीजल के दामों में बढ़ोतरी हुई, घरेलू गैस पर सब्सिडी कम की गई तो विपक्ष ने सरकार का इस्तीफा तक मांग डाला लेकिन कोयला और फर्नेस आयल के दाम कब बढ़े इसकी खबर संभव है कि इस व्यवसाय से जुड़े व्यापारियों के अलावा प्रदेश में किसी को नहीं हुई। राज्य में बिजली सप्लाई करने वाले थर्मल प्लांटों को इससे झटका लग गया और अब पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने बिजली बिल में मामूली बढ़ोतरी के साथ इसे अपने उपभोक्ताओं पर पास ऑन भी कर दिया है।
बिजली बिल में 10 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी का एक झटका एक सितंबर से लग गया है। ईंधन पर सरचार्ज के नाम से लगने वाला यह झटका हर तीन महीने पर लग सकता है यह अधिकार भी पावरकाम ने प्राप्त कर लिया है। उपभोक्ता, बिजली उपलब्ध करवाने वाली कंपनी और राज्य सरकार के बीच कड़ी के रूप में काम करने वाले पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेग्यूलेटरी कमीशन के पास दायर की गई याचिका के बाद पावरकाम को सरचार्ज बढ़ाने की अनुमित मिल गई है। पावरकाम के अधिकारी बताते हैं कि ईंधन पर लग रहे चार पैसे प्रति यूनिट के सरचार्ज में बढ़ोतरी का प्रस्ताव पावरकाम की तीन सितंबर को चंडीगढ़ में हुई फुल बोर्ड की बैठक में लिया गया है।
 मंगाई बढ़ी तो सरचार्ज के रूप में दूसरा झटका दिसंबर में लग सकता है। जबकि हर वित्तिय वर्ष की शुरुआत पर वार्षिक शुल्क संशोधन के रूप में बिजली बिल पर तीसरा झटका एक अप्रेल से लगता आ रहा है।
पावरकाम अपने अगले वित्तिय वर्ष के लिए खर्च व आय के अनुमान लगा कर 30 नवंबर तक वार्षिक राजस्व रिपोर्ट पीएसईआरसी के पास पेश करता है। इसके बाद अगले 120 दिनों तक इस पर सभी पक्षों के एतराज आदि लिए जाते हैं और एक अप्रेल से अगले साल के संशोधित बिजली बिल लागू हो जाते हैं।
दिलचस्प है कि चालू वर्ष में बिजली बिलों में बढ़ोतरी भी पहली बार नहीं हुई है। एक अप्रेल से बढऩे वाले बिल इस साल अगस्त में घोषित किए गए। इतना ही नहीं 12.08 फीसद की बढ़ोतरी को लागू एक अप्रेल से ही किया गया है। ऐसे में अब आ रहे बिजली बिलों में अप्रेल, मई, जून, जुलाई के चार महीने का एरियर वैसे ही जुड़ कर आ रहा है और ये अगस्त, सितंबर, अक्टूबर व नवंबर के महीनों में एडजस्ट किया जाएगा। पावरकाम प्रवक्ता का कहना है कि गणित के चलते बढ़ोतरी 25 फीसद की लग रही है लेकिन जनवरी में आने वाले बिलों में रिकवरी खत्म होने पर कुछ राहत दिख सकती है। वे कहते हैं कि पावरकाम को वर्तमान बढ़ी दरों से करीब एक सौ करोड़ रूपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।

बाक्स
घरेलू उपभेक्ता:- 10 पैसे बढ़ी हुई दरें

पहले 300 यूनिट-5.59 रूपये प्रति यूनिट
300 से ज्यादा-5.91 रूपये प्रति यूनिट

छोटी इंडस्ट्री-5.20 रूपये प्रति यूनिट
साधारण इंडस्ट्री-5.71 रूपये प्रति यूनिट
(मीटर से बिजली ना लेने वाले उपभोक्ताओं पर 12 रूपये प्रति हार्स पावर के हिसाब से बढ़ोतरी की जाएगी)

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