- डीजीसीए ने विमान के नियम बदले तो योग्य नहीं रहा कालेज
- पंजाब सरकार कालेज के लिए प्रेशराइजड विमान को नहीं ला सकी
भूपेश चट्ठा, पटियाला
हवाई जहाजों के रखरखाव व इनकी मरम्मत के लिए इंजीनियर तैयार करने वाले राच्य के एकमात्र पंजाब एयर क्राफ्ट इंजीनियरिंग कालेज को लगभग बंद कर दिया गया है। इस साल अंतिम बैच के निकलने के बाद नया प्रवेश नहीं दिया गया है। कालेज में कार्यरत चार चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। विद्यार्थियों की अनुपस्थिति में बचे शिक्षकों सहित पांच अन्य कर्मियों को अपनी सेवा मुक्ति का इंतजार भर है।
पिछली दो सरकारों से राच्य में सिविल एविएशन यूनिवर्सिटी पटियाला के एविएशन कांप्लेक्स में खोलने की घोषणा करती आ रही शिरोमणि अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी की सरकार अपने इस महत्वपूर्ण संस्थान को बचा नहीं पाई और खुद अपनी मौत मरने के लिए छोड़ दिया है।
कालेज के एक पूर्व कर्मी बताते हैं कि हर साल 30 एयर क्राफ्ट इंजीनियर देने वाले इस कालेज की पहचान देश में कम और उत्तरी अमेरिका व यूरोप में च्यादा है। विमान रखने वाले लगभग हर जाने माने देश में यहां का एलूमनाई मौजूद है पर अब हालात बदल गए हैं। केंद्र सरकार के डायरेक्टर जनरल आफ सिविल एविएशन डीजीसीए ने तीन साल पहले कालेज में प्रयोग करने वाले विमान के बारे में नियम बदले तो यह कालेज योग्य नहीं रहा कि नया प्रवेश दे सके।
तीन सालों में पंजाब सरकार कालेज के पास मौजूद पिस्टन इंजन-लाइट फ्रेम विमान से जैट इंजन-हैवी एयर फ्रेम पर अपग्रेड ना कर सकी जिसके चलते ये हालत बन गए है। सिविल एविएशन क्षेत्र के ही विशेषज्ञ व कालेज के पूर्व विद्यार्थी इंजी.पौन नारायणन बताते हैं कि तीसरे साल के अंतिम छह महीनों में प्रेशराइजड विमान की जरूरत होती है। जिसका इंजन जैट हो और जो 30 से 40 हजार फिट की उंचाई पर जा सके और आक्सीजन की कमी ना होने दे, जिसका एयर कंडीशनर चलता रहे। कालेज के पास मौजूद विमान 14 से 15 हजार फिट की उंचाई पर उड़ सकने में ही सक्ष्म है।
राच्य सरकार करोड़ों रूपये प्राइवेट व सार्वजनिक क्षेत्र की एविएशन कंपनियों को किराए के रूप में चुका रही है, जबकि सरकार चाहे तो अपने लिए विमान अथवा हैलीकाप्टर खरीदे और उसे कालेज के साथ जोड़ दे जैसा कि वीआईपी हैंगर के साथ किया गया है। यह भी कालेज की वर्कशाप के साथ जुड़ा हुआ है। पहले ढ़ाई साल छोटे विमान पर ट्रेनिंग देने के बाद बड़े विमान की मरम्मत के समय प्रशिक्षुओं को साथ अटैच किया जा सकता है।
दूसरी ओर सिविल एविएशन विभाग के प्रशासक कैप्टन अभय बताते हैं कि सरकार के स्तर पर बात चल रही है, संभव है कि अगले सप्ताह तक इस दिशा में सकारात्मक खबर आए। प्रयास किए जा रहे हैं कि अनुमति मिल जाए।
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