...घग्गर का मुद्दा
सरकारें बदलती रहीं पर नहीं बदले हालात
-मात्र 17.5 किलोमीटर ही हो पाया चैनेलाइजेशन का काम
-अब केंद्र ने पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और संगरूर के 12 शहरों के लिए घोषित किया 296.96 करोड़ का प्रोजेक्ट
भूपेश चट्ठा, पटियाला
पक्ष-विपक्ष में रहने वाला क्षेत्र का चुनाव लडऩे वाला हर वो नेता घग्गर की बाढ़ से निजात दिलाने की बात करता रहा है और ये सिलसिला संभव है कि आजादी के बाद से चला आ रहा है। सरकारें, विधायक और सांसद बदलते रहे पर घग्गर के आस पास रहने वालों के हालात नहीं बदले हैं।
हिमाचल प्रदेश के डग्शई से शुरु हो पाकिस्तान तक बहने वाली इस नदी से पंजाब-हरियाणा के अलावा राजस्थान भी प्रभावित होता है लेकिन सबसे ज्यादा मार पटियाला व संगरूर जिलों में करीब दो सौ किलोमीटर क्षेत्र पर पड़ती है। इस सबके बावजूद घग्गर की बाढ़ नियंत्रण का कार्य दूसरे ही चरण में अटक गया है। पहले चरण में खनौरी से मकरोड़ साहिब के बीच मात्र 17.5 किलोमीटर नदी के चैनेलाइजेशन का काम मुक म्मल हुआ है।
दूसरे चरण के 21.7 किलोमीटर में मकरोड़ साहिब से पंजाब के कड़ैल अथवा हरियाणा के जाखल तक चैनेलाइज करने के बाद अन्य सहायक नदियों के किनारे पक्के करने के प्रोजेक्ट शुरु होने थे। इसी क्रम में हरियाणा राज्य की ओर से अपने क्षेत्र में बांध बनाने को पंजाब ने सुप्रीम कोर्ट में 70 गांवों के आठ फीट पानी में डूबने का हवाले दे आपत्ति जताई गई तो केंद्र की ओर से फरवरी में प्रोजेक्ट रोकने पर उपमुख्य मंत्री सुखबीर बादल ने इसी साल फरवरी में मूणक में लोगों के साथ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
इसके बाद केंद्र ने पटियाला, फतेहगढ़ साहिब और संगरूर के 12 शहरों के लिए 296.96 करोड़ का प्रोजेक्ट दिए जाने की घोषणा कर रखी है। इसमें डेरा बस्सी, बनूड़, राजपुरा, घनौर, पातड़ां, खनौरी, लहरा गागा, मूणक, फतेह गढ़ साहिब, नाभा, बसी पठाना, मंडीगोबिंद गढ़ के नाम शामिल हैं।
केंद्र सिर्फ बातें करता है: सेखों
पंजाब सरकार के सिंचाई मंत्री जनमेजा सिंह सेखों कहते हैं कि ये लोग इजाजत ही नहीं दे रहे। केंद्र में बैठे संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन के मंत्री ही आगे नहीं बढऩे देते। केंद्रीय केबिनेट मंत्री जय राम रमेश से मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की मुलाकात के बाद हुई घोषणा पर वे कहते हैं कि सिर्फ बाते ही हैं। पौने तीन सौ करोड़ का प्रोजेक्ट बना कर भेजा था अभी तक मंजूरी नहीं आई है।
हमने पहला चरण पूरा करवाया: लाल सिंह
पूर्व सिंचाई मंत्री लाल सिंह कहते हैं कि पहले चरण के लिए नाबार्ड से 72 करोड़ रूपये मंजूर करवा और दस करोड़ अपनी सरकार से लगाने के बाद उन्होंने पहला चरण पूरा करवाया। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री रहते हुए प्रोजेक्ट की नींव पत्थर रखा और पूरा भी करवाया। जिसमें दो पुल और दोनों ओर बांध पक्के करवाए। पंजाब में खनौरी से हरियाणा के जाखल तक कुल 40 किलोमीटर तक चैनेलाइज करने का कार्य था जिसे मौजूदा सरकार आगे नहीं बढ़ा सकी।
No comments:
Post a Comment