मुद्दा: रेलवे लिंक
भूपेश चट्ठा, पटियाला
पटियाला से जाखल तक रेलवे लिंक बना कर समाना और पातड़ां को जोडऩे का मुद्दा हालांकि अब पूरी तरह से चुनावी हो कर रह गया है, लेकिन चुनावों में रेलवे लाइन का लारा लगाने के दौर में समाना का 'स्टेशनÓ ही उखड़ गया। करीब दो साल पहले एक ही रात में हुई कार्रवाई के बाद से रेलवे लाइन की बात करने वालों को तो राहत मिल गई पर आम आदमी की समस्या और बढ़ गई है।
रेलवे की ओर से पासर्ल व अन्य प्रकार की बुकिंग के लिए समाना में 'स्टेशनÓ खोला गया था और ये स्टेशन रियासती काल की मौनो रेल के समय से यहां के लोगों को सेवाएं देता आ रहा था। जिस किराए की जगह पर उक्त स्टेशन दशकों से चलता रहा उक्त भूमि पर मालिकाना हक की लड़ाई में एक ही रात में सामान सड़क पर आ गया आजकल उसी जमीन पर बनी बिल्डिंग पर बैंक चल रहे हैं।
आतंकवाद की शुरुआत अथवा 70 के दशक के अंत में तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्ञानी जैल सिंह के कार्यकाल में जब स्व. संत राम सिंगला समाना से चुनाव लड़े तो पटियाला-समाना-पातड़ा-जाखल रेलवे लाइन का विचार आया जम कर वोटें भी पड़ी पिछड़े कहे जाने वाले क्षेत्र के लोगों को लगने लगा कि उनका गांव-खेत मैन रेल लाइन पर होगा, जमीन की कीमत बढ़ेगी और व्यापार का विकास होगा, लेकिन परिणाम आज सभी के सामने है, विधान सभा चुनावों में उठने वाला रेलवे लिंक का मुद्दा अब लोक सभा चुनावों तक पहुंच गया है, पर मामला हर बार स्र्वे शुरु होने के साथ ही सिमट जाता है।
क्या है मामला
2005-06 के बाद से रेलवे में कंप्यूटरीकरण होने के बाद से आउट एजेंसी के नाम पर टिकट की बुकिंग बंद हो गई। अब सिर्फ उन्हीं स्थानों के टिकट दिए जाते हैं जहां रेलवे लाइन जा रही है और जो स्टेशन कंप्यूटर में फीड हैं। हालांकि इससे पहले तक समाना के लिए देश के किसी भी कोने से रेलवे टिकट लिया जा सकता था और सुबह शाम समाना तक आने जाने का प्रबंध रेलवे पीआरटीसी के माध्यम से करवाता था, इसी बस में पार्सल के साथ सवारियों के बैठने का प्रबंध होता था। पर अब ऐसा नहीं है। अंतिम किराया 13 रूपये बताया जा रहा है।
केंद्र का प्रोजेक्ट है जल्द शुरु होने की उम्मीद: ब्रहम महिंदरा
कांग्रेस के समाना से विधायक ब्रहम महिंदरा कहते हैं कि ये केंद्र का प्रोजेक्ट है और हम इसका स्वागत करते हैं, प्रोजेक्ट अभी भी आस्तित्व में है, संभव है जल्द पूरा होगा, केंद्रीय रेलवे मंत्रालय ने स्र्वे किया है। उन्हें भी लोक सभा में सांसद परनीत कौर के माध्यम से मुद्दा उठाए जाने पर हर्ष हुआ है।
हमने केंद्र को लिखा है: रखड़ा
शिरोमणि अकाली दल से विधायक रहे, वर्तमान में हल्का इंचार्ज व जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन सुरजीत सिंह रखड़ा कहते हैं कि उन्होंने केंद्र को इस बाबत लिखा है। क्षेत्र की जरूरतों व रेलवे लिंक बनने से खुलने वाली संभावनाओं पर विस्तार पूर्वक बताया है, पर बात आगे नहीं बढ़ सकी है।
No comments:
Post a Comment