भूपेश चट्ठा, पटियाला प्रत्येक 30 सालों बाद होने वाले चुनाव क्षेत्रों के बदलाव ने इस बार पटियाला जिले व लोक सभा क्षेत्र को कुछ अधिक तर्कसंगत बना दिया है। इसी परिसीमन के चलते जिले की विधानसभा क्षेत्रों में हुए भौगोलिक बदलाव के बाद नाभा विधान सभा क्षेत्र आरक्षित हुआ तो पटियाला ग्रामीण के नाम से नए विधान सभा क्षेत्र का गठन हुआ। हालांकि कुल संख्या आठ में बदलाव न होने की वजह बनूड़ क्षेत्र का अस्तित्व समाप्त होना है। डकाला सीट का नाम बदलकर सन्नौर विधानसभा क्षेत्र हो गया है। जिले में अब शुतराणा के साथ नाभा के रूप में दो सीटें आरक्षित होंगी। सबसे प्रमुख बदलाव के तहत बने पटियाला ग्रामीण सीट में पटियाला नगर निगम के 22 वार्ड रखे गए हैं, जबकि ये पहले समाना विधान सभा क्षेत्र का हिस्सा थे। इसमें समाना के 54 और नाभा ब्लाक के 32 गांवों और घन्नौर अधीन आते अर्बन एस्टेट, पंजाबी युनिवर्सिटी व बहादुर गढ़ कस्बे तक के क्षेत्र को जोड़ दिया गया है। राज्य में वोटों के लिहाज से दूसरे और लंबाई में पहले नंबर के समाना सीट के ज्यादा छोटा होने की स्थिति पुराने डकाला क्षेत्र के समाना क्षेत्र के साथ लगते और डकाला गांव के आसपास के 40 गांवों को समाना में जोड़ा गया है। पिछले चुनाव तक 90 किलोमीटर तक की दौड़ लगवाने वाला व ढाई लाख से अधिक मतदाताओं वाला यह क्षेत्र अब भौगोलिक दृष्टि से सिमट गया है। डकाला के स्थान पर बने सन्नौर क्षेत्र में घन्नौर सीट के 42 गांव जोड़े गए हैं, जबकि घन्नौर में यही कमी पूरी करने राजपुरा क्षेत्र से इतने ही गांव निकाल कर घन्नौर में मिला दिए गए हैं। बनूड़ सीट का अस्तित्व समाप्त कर दिया गया और बनूड़ कस्बा और 25 गांव राजपुरा में मिला दिए गए हैं, जबकि बनूड़ क्षेत्र के अधिकांश हिस्से से डेरा बस्सी क्षेत्र बना है जो पटियाला लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा तो रहेगा लेकिन यहां जिले का नाम एसएसटी नगर अथवा मोहाली हो गया है। इसी प्रकार लोक सभा सीट पटियाला में से संगरूर जिले के लहरागागा और सुनाम को हटा दिया गया है और आनंदपुर साहिब सीट अधीन आते नाभा को पटियाला लोकसभा में मिला दिया गया है।
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