विधान सभा क्षेत्र :- राजपुरा
-भावनाओं में उलझता रहा है चुनाव
भूपेश चट्ठा, पटियाला
गेट वे आफ पंजाब कहे जाने वाले राजपुरा विधान सभा क्षेत्र में होने वाला हर चुनाव अक्सर भावनाओं पर अधिक व मुद्दों पर कम लड़ा गया है, लेकिन चुनाव प्रचार के दिनों में किए गए वायदों के मामले में जहां 2007 के चुनावों की तुलना में इस सरकार में कुछ काम जनहित के हुए हैं पर सिरे चढ़ाने के मामले में कहीं ना कहीं कमी जरूर रह गई है।
दो सरकार पहले से बज रहा बस स्टैंड का गीत इस बार भी गाया गया पर करोड़ों रूपये खर्च होने पर भी यह चालू नहीं हो पाया। इंजीनियरिंग कालेज बनाए जाने का वायदा हुआ पूरा तो राजपुरियों को ट्रैफिक की समस्या से निजात दिलाने के लिए खोखे वालों को बूथ तो अलाट हो गए पर आम शहरी को समस्या से छुटकारा नहीं मिला। हालांकि1996 में हुए शिलान्यास के बाद से लटकता आ रहा बहावलपुरी बिरादरी का भवन पूरा हो गया। इधर उधर चलने वाले प्रशासन को मिनी सचिवालय भी अंतत: मिल ही गया है।
दिलचस्प है कि राजपुरा सीट के लिए अक्सर कहा जाता रहा है कि दूसरी बार लगातार जीतना मुश्किल होता है लेकिन पुराने रिकार्ड को हिलाने के बाद या फिर पार्टी बदलने के साथ विधायक रिपीट हो गए पर पार्टी नहीं।
रिकार्ड तोड़ विकास हुआ: खुराना
भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े राज खुराना कहते हैं कि इस बार रिकार्ड तोड़ विकास हुआ है। बस स्टैंड के पास एक पुल बन रहा है इसके बाद चालू हो जाएगा। बूथ अलाट हुए, थर्मल प्लांट का निर्माण शुरु, मिनी सचिवालय बना, इंजीनियरिंग कालेज बना, जैसी लंबी फैहरिस्त है। राज खुराना कहते हैं कि इस बार की उनकी पारी पिछले 20 सालों में सबसे शानदार रही है और कोई काम नहीं रहा है।
सत्यानाश किया, भ्रष्टाचार फैलाया: कंबोज
कांग्रेस के प्रत्याशी रहे हरदयाल सिंह कंबोज, राजपुरा के विकास के दावों को खोखला बता कहते हैं कि इन्होंने सत्यानाश कर दिया है शहर का। सबसे च्यादा भ्रष्ट अफसर लगाए, दड़ा सट्टा व नशे का कारोबार चल रहा है। जो सड़के बनी हुई थी उन्हें तोड़ कर इंटें बिछवा दी हैं और 80 फीसदी पैसे खा गए। आईटी पार्क के लिए जमीनें देने वालों को मुआवजा नहीं मिला, नौकरी दूर की बात घर उजाड़ दिए।
क्या नहीं हुआ
-गरीबों का बसेरा प्रोजेक्ट चालू पर नहीं हुआ पूरा
-वाटर सीवरेज प्रोजेक्ट की बढ़ी आबादी अनुसार क्षमता बढ़ाने का 32 करोड़ का प्रोजेक्ट लटका
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