Saturday, 24 December 2011

कोहरे की मार बिजली पर छह थर्मल यूनिट ट्रिप, fog, electricity, tripping,


-बठिंडा व मुक्तसर क्षेत्र में 66 केवीए की लाइनों के कंडक्टर मिलने से हुई गड़बड़ी
-दो चलाए, दो चल जाएंगे पर दो को लगेगा समय
-बिजली की कमी नहीं पर स्थिति ठीक होने में एक दो दिन: पावरकाम
भूपेश चट्ठा, पटियाला
हर साल जनवरी महीने में उत्तरी ग्रिड पर ट्रिपिंग के मंडराने वाले खतरे ने इस साल दिसंबर अंत में ही दस्तक दे दी है। दक्षिणी पंजाब में कोहरे की मार बिजली सप्लाई की बड़ी लाइनों पर पडऩे से प्रदेश के छह थर्मल यूनिट ट्रिप कर गए हैं।
पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड के आधिकारिक सूत्र बताते हैं कि बठिंडा व मुक्तसर क्षेत्र में 66 केवीए की लाइनों पर कोहरा जमने से इनके कंडक्टर आपस में मिल गए जिससे यह गड़बड़ी हुई है। लाइनों पर दिवाली व पराली के प्रदूषण की डस्ट पर कोहरा जमने से अक्सर भारी हुई लाइनें परस्पर संपर्क में आने से उत्तरी ग्रिड पर ट्रिपिंग और उत्तर भारत में ब्लेक आउट का खतरा मंडराता है, लेकिन इस साल दिसंबर के आरंभ में हुई बारिश ने वो प्रदूषण तो धो डाला पर कोहरे की मार से फिर भी नहीं बच पाई।
 22 दिसंबर को सुबह तीन बजे हुई इस घटना के चलते श्री गुरु हरगोबिंद सिंह थमर्ल प्लांट लहरा मुहब्बत के चारो यूनिट और श्री गुरु नानक देव थमर्ल प्लांट बठिंडा के दो यूनिट ट्रिप कर गए, हालांकि इनमें से दो यूनिट शुक्रवार सुबह तक चला दिए गए हैं। पावरकाम के अधिकारी बताते हैं कि अगले 12 घंटों में दो यूनिट और चल जाएंगे पर शेष दो को चलाने में अभी समय और लग सकता है।
वहीं पावरकाम के प्रवक्ता कहते हैं कि राच्य के पास बिजली की कमी नहीं है। 900 लाख यूनिट के पास चल रही मांग की तुलना में उपलब्धता एक हजार लाख यूनिट के पार है। पंजाब 125 लाख यूनिट बिजली बैंकिंग के माध्यम से दे भी रहा है। पर एक दम से 1140 मेगावाट की आपूर्ति में कमी आने के बाद स्थिति के पूरी तरह से ठीक होने में एक दो दिन का समय लग सकता है। हालांकि अगले दो दिन सरकारी कार्यालयों में अवकाश के होने के चलते कट लगने की संभावना अब कम है।

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