उप मुख्य संवाददाता, पटियाला :
मानसून के दिनों में कहर बरपाने वाली बरसाती नदी घग्गर में साफ सफाई का काम कर रही पंजाब की मशीनें जहां पहले हरियाणा ने उठवा दी थी वहीं आज शेष बची मशीनरी को पंजाब ने वापस बुला लिया है। पंजाब की भूमि पर घग्गर की बाढ़ को नियंत्रित करने के किए जा रहे उपायों के तहत काम कर रही मशीनरी अब कम से कम इस सीजन में नहीं दिखाई देगी, इसे एक तरह से हांसी-बुटाना नहर का जिन्न निगल गया है।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि न्यायालय की अवमानना के डर से पंजाब ने यह कदम उठाया है। इसके चलते मकरोड़ साहिब से कराली तक 16.5 किमी की घग्गर में बाढ़ नियंत्रण अथवा नदी को चैनेलाइज करने का काम अब पूरी तरह से बंद हो गया है। याद रहे कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार घग्गर नदी की सफाई का कार्य दोनों राज्यों की सहमति से ही करवाया जा सकता है। दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों की सहमति जरूरी है। बताया जा रहा है कि यह बैठक सिर्फ इसीलिए नहीं हो पा रही है कि हरियाणा के मुख्य सचिव ने घग्गर के मुद्दे पर कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई जिसकी वजह से अब मशीनरी उठा ली गई है।
दिलचस्प है कि पंजाब के ड्रेनेज विभाग ने इससे पहले भी जून में वकीलों की सलाह लेने के साथ ही इस क्षेत्र में सर्वे करवाया है। तब भी किसी तरह का कार्य आगे ना बढ़ाने की सलाह सामने आई थी लेकिन जनता के दवाब में कुछ कार्य किए भी गए पर अब बात आगे बढ़ती देख पंजाब पीछे हट गया है।
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