Wednesday, 20 July 2011

हांसी बुटाना : ग्राउंड जीरो पंजाब हरियाणा आमने-सामने

हांसी-बुटाना पर जमीनी लड़ाई शुरू
 
 
 
 
 
 
 गिरफ्तार करो मुझे, सिंचाई मंत्री ने दी चुनौती 
 पंजाब के मंत्री को जवाब दिया हरियाणा के इंजीनियरों ने
 
भूपेश चट्ठा, पटियाला : हांसी बुटाना नहर और इसके साथ बन रही दीवार को लेकर अदालत में चल रही पंजाब और हरियाणा की लड़ाई अब न केवल खुलकर आमने सामने आ गई है अपितु जमीनी स्तर पर भी शुरू हो गई है। बुधवार को पंजाब के सिंचाई मंत्री जनमेजा सिंह सेखों ने हरियाणा के कस्बा गुहला के टिटियाना गांव में हरियाणा को खुल कर चुनौती दी है कि अगर दम है तो उन्हें आ कर गिरफ्तार किया जाए।
वे बार-बार हरियाणा सीमा पर आकर न केवल अपना विरोध जताएंगे, अलबत्ता अगर उन्हें यदि रोका गया तो वे इसी स्थान पर धरना भी देंगे। वहीं, हरियाणा सरकार ने सीमा पर नहर के साथ अपने ड्रेनेज विभाग के कर्मियों के साथ न केवल पुलिस पार्टी की तैनाती कर दी है अपितु साथ ही नायब तहसीलदार स्तर का एक अधिकारी भी लगा दिया है। मौके पर तैनात पुलिस पार्टी से पंजाब के एक डीएसपी स्तर के अधिकारी ने पंजाब के मंत्री को मौके पर जाने की अनुमति भी ली। इसके बाद ही हरियाणा ने मीडिया व मंत्री को जाने की आज्ञा दी। शेष लोगों को वहीं पर रोक दिया गया।
आज दोपहर को जब पंजाब के सिंचाई मंत्री प्रदेश के मीडिया को साथ मौके पर पहुंचे तो हरियाणा ने भी अपने अधिकारियों की टीम मीडिया के साथ वहां भिजवा दी। दिलचस्प है कि पंजाब के मंत्री की ओर से लगाए गए आरोपों का जवाब हरियाणा के सिंचाई विभाग के सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर(एसइ) अरुण मलिक ने मौके पर ही आ कर दे दिया। हरियाणा के इंजीनियरों ने तर्क दिया कि किस तरह से बार बार आने वाली बाढ़ को रोकने के लिए हरियाणा सरकार अब घग्गर के पुराने बांध को पक्का करने के रूप में नहर पर दीवार का निमार्ण कर रही है।
 बाद में सेखों ने कहा कि प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह गुहला में हांसी-बुटाना नहर के साथ बनाई जा रही दीवार से उत्पन्न हुए हरियाणा-पंजाब विवाद में हस्तक्षेप करके शीघ्र सुलझाएं। हांसी-बुटाना नहर पंजाब के लिए अभिशाप है, इसकी जिम्मेदार हरियाणा सरकार है। पंजाब सरकार भरपूर कोशिश करेगी कि यह दीवार न बने।
 इस पानी का तो कोई झगड़ा नहीं :
 सेखों के सत्कार के लिए गुहला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर रखी थी पर मंत्री ने उनके सामने पेश किया गया पानी भी नहीं पिया। एक अधिकारी चुटकी लेने से बाज नहीं आए और कहने लगे कि पानी तो पी लीजिए जनाब। इस पानी का तो कोई झगड़ा नहीं दोनों सूबों के बीच।
 सवाल से कन्नी काट गए सेखों :
 जब सेखों हांसी-बुटाना नहर के बारे में प्रदेश में होने वाली संभावित बर्बादी की बातें कर रहे थे, तो एक पत्रकार ने पूछा कि पटियाला से आने वाली तथा हरियाणा से होकर गुजरने वाली मीरांपुर ड्रेन की पिछले कई सालों से सफाई नहीं हुई। इस कारण मामूली बरसात होने पर भी गुहला के आधा दर्जन गांवों के बहुत सारे इलाके में बाढ़ के हालात हो जाते हैं। मंत्री एक पल के लिए सकपकाए फिर बोले ये मसला दूसरा है। इसकी बात फिर कभी करना अभी तो दीवार की बात करो।
जब दोनों तरफ से हुई कहासुनी
: सेखों ने निर्माणाधीन टो-वाल का दौरा करते वक्त अपने पक्ष को मजबूत बताते हुए तर्क देने शुरू कर किए। दीवार को सरासर पंजाब की जनता को तबाह करने वाली बताया। उनकी बात को सुनकर हरियाणा के ¨सचाई विभाग के एसइ अरुण मलिक ने मंत्री की बात को काटते हुए तर्क दिया कि ऐसा बिल्कुल नहीं है कि दीवार से पंजाब के किसानों को नुकसान होगा। इसमें खास बात यह है कि जब दीवार की दूसरे तरफ हरियाणा के भी दो दर्जन गांव बसे हुए हैं, यदि नुकसान वाली बात होती तो प्रदेश सरकार इसे बनाती ही क्यों। मंत्री ने एसइ की एक न सुनी और अपनी कहानी सुनाते हुए आगे चलते बने।
 हरियाणा के अधिकारियों का घेराव :
 घग्गर नदी पर बने साईफन पर आए हरियाणा के अधिकारियों का आज धर्मेहड़ी गांव के लोगों ने घेराव किया। हरियाणा के सुपरिटेंडिंग इंजीनियर सहित हरियाणा के सिंचाई विभाग के स्टाफ को इस विरोध के चलते मौके से जाना पड़ा।

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