उप मुख्य संवाददाता, पटियाला :
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) ने बायो मेडिकल वेस्ट को बेहतर ढंग से ठिकाने न लगाने की मिल रही शिकायतों के मद्देनजर प्रदेश के 108 सरकारी व निजी अस्पतालों में छापामारी की। सबसे ज्यादा गड़बड़ी वाले क्षेत्रों में मोहाली, लुधियाना, पठानकोट, अमृतसर व बठिंडा के नाम शामिल हैं। पीपीसीबी की ओर से रविवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार शनिवार को हुई इस रेड में आठ बड़े सरकारी अस्पताल, 12 बड़े निजी अस्पताल और 34 छोटे अस्पतालों में बायो मेडिकल वेस्ट नियमों का उल्लंघन पाया गया है। बोर्ड के चेयरमैन केएस पन्नू ने बताया कि बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तांतरण नियमों के उल्लंघन की मिल रही शिकायतों पर हुई इस कार्रवाई में कई बड़े नाम भी शामिल हैं। इनमें टैगोर अस्पताल जालंधर, अमरदीप अस्पताल अमृतसर, मोहन दाई कैंसर अस्पताल लुधियाना, आदेश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च बठिंडा प्रमुख हैं। पन्नू कहते हैं कि बायो मेडिकल वेस्ट नियमों के उल्लंघन की मिल रही शिकायतों पर यह कार्रवाई मैनेजमेंट एंड हैंडलिंग नियम 1988 के तहत हुई है। ये अपना वेस्ट उचित तरीके से ठिकाने नहीं लगाते थे अथवा म्यूनिसिपल वेस्ट के साथ ही अपना मेडिकल कचरा भेज रहे थे या फिर इसे इधर-उधर फेंक देते थे जबकि इस तरह के कचरे को नियमानुसार एक निश्चित रंग के बैग में डाल कर पांच स्थानों पर बनाई गई कॉमन ट्रीटमेंट सुविधा में ट्रांसपोर्ट किया जाना चाहिए। अनैतिक तरीके से अस्पताल के आसपास ही डम्प किए गए कचरे से खतरनाक प्रदूषण फैलने की आशंका पनपती है।
पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) ने बायो मेडिकल वेस्ट को बेहतर ढंग से ठिकाने न लगाने की मिल रही शिकायतों के मद्देनजर प्रदेश के 108 सरकारी व निजी अस्पतालों में छापामारी की। सबसे ज्यादा गड़बड़ी वाले क्षेत्रों में मोहाली, लुधियाना, पठानकोट, अमृतसर व बठिंडा के नाम शामिल हैं। पीपीसीबी की ओर से रविवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार शनिवार को हुई इस रेड में आठ बड़े सरकारी अस्पताल, 12 बड़े निजी अस्पताल और 34 छोटे अस्पतालों में बायो मेडिकल वेस्ट नियमों का उल्लंघन पाया गया है। बोर्ड के चेयरमैन केएस पन्नू ने बताया कि बायो मेडिकल वेस्ट के निस्तांतरण नियमों के उल्लंघन की मिल रही शिकायतों पर हुई इस कार्रवाई में कई बड़े नाम भी शामिल हैं। इनमें टैगोर अस्पताल जालंधर, अमरदीप अस्पताल अमृतसर, मोहन दाई कैंसर अस्पताल लुधियाना, आदेश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च बठिंडा प्रमुख हैं। पन्नू कहते हैं कि बायो मेडिकल वेस्ट नियमों के उल्लंघन की मिल रही शिकायतों पर यह कार्रवाई मैनेजमेंट एंड हैंडलिंग नियम 1988 के तहत हुई है। ये अपना वेस्ट उचित तरीके से ठिकाने नहीं लगाते थे अथवा म्यूनिसिपल वेस्ट के साथ ही अपना मेडिकल कचरा भेज रहे थे या फिर इसे इधर-उधर फेंक देते थे जबकि इस तरह के कचरे को नियमानुसार एक निश्चित रंग के बैग में डाल कर पांच स्थानों पर बनाई गई कॉमन ट्रीटमेंट सुविधा में ट्रांसपोर्ट किया जाना चाहिए। अनैतिक तरीके से अस्पताल के आसपास ही डम्प किए गए कचरे से खतरनाक प्रदूषण फैलने की आशंका पनपती है।
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