Saturday, 2 July 2011

सस्ती सब्जियों के लिए किसानों को सब्सिडी, plan, vegitables, diversification, farmer, subsidy,


पहल :

 केंद्र की योजना में लुधियाना, जालंधर, पटियाला व फतेहगढ़ शामिल
भूपेश चट्ठा, पटियाला
गांव के खेतों की मिट्टी में बिखरने और शहर में मुर्गे से महंगी बिकने वाली मूंगी सार्वजनिक वितरण प्रणाली में आ ही चुकी है। अब बड़े शहरों में सब्जियां आउट ऑफ सीजन में भी सस्ती करने के लिए किसानों को केंद्र सरकार की योजना के तहत भारी-भरकम सब्सिडी दी जाएगी। केंद्र की राष्ट्रीय बागवानी के तहत शुरू होने वाली इस योजना को उन जिलों में लागू किया जा रहा है, जिसका मुख्यालय या तो घनी आबादी वाला बड़ा शहर है या फिर राज्य की राजधानी के निकट है। दैनिक जागरण से बात करते हुए बागवानी विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. रणधीर सिंह ने बताया कि अक्सर देखा जाता है कि साल के कुछ विशेष महीनों में सब्जी की किल्लत हो जाती है। शहरों में इसके दाम तो अब दो अंकों से निकल कर तीन में भी जाने लगे हैं, जबकि कुछ महीने ऐसे होते हैं, जब किसान को सब्जी के उचित दाम नहीं मिलते। मांग-सप्लाई के अंतर को पाटने और ट्रांसपोर्ट खर्च कम करने के साथ ही ताजा सब्जी को उपभोक्ता तक साल भर उचित मूल्य में पहुंचाने के लिए ही यह योजना बनाई गई है। योजना के तहत पंजाब के चार अर्बन जिले पटियाला, लुधियाना, जालंधर और फतेहगढ़ साहिब को चुना गया है। डॉ. रणधीर सिंह बताते हैं कि योजना में हर किसान समूह को दो लाख रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। 10 से 15 किसानों के एक समूह के पास कम से कम 50 हेक्टेयर जमीन होनी चाहिए। ये किसान सोसायटी बना कर विभाग के पास आ सकते हैं। इसके अलावा सब्जियों की मार्केटिंग बेहतर ढ़ंग से हो सके, इसके लिए भी प्रबंध किए जा रहे हैं। एक बार में मिलने वाली उक्त सब्सिडी के अलावा सब्जियों की प्लांटिंग करने वाले उपकरणों और प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के लिए भी 50 फीसदी सब्सिडी दिए जाने की योजना है।

No comments:

Post a Comment