Saturday, 2 July 2011

बाढ़ से नुकसान हुआ तो केंद्र जिम्मेदार : सेखों,after flood, hansi-butana,

Add caption


भूपेश चट्ठा, धर्मेहड़ी (पटियाला) :
 प्रकृति के विपरीत पहले हरियाणा के ड्रेनेज विभाग ने पानी के बहाव के उलट हांसी बुटाना नहर का निर्माण कर एक गलती की और अब घग्गर नदी का कुदरती रास्ता रोक कर दूसरी गलती की जा रही है। पंजाब के सिंचाई मंत्री जनमेजा सिंह सेखों ने बुधवार को पंजाब-हरियाणा सीमा पर स्थित विवादास्पद हांसी-बुटाना नहर के साथ बन रही दीवार का जायजा लेने के दौरान यह बात कही। साथ ही केंद्र से मांग की कि हरियाणा के चीफ इंजीनियर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने कहा कि हांसी-बुटाना नहर के साथ बन रही दीवार बाढ़ के पानी के लिए बांध का काम करेगी और इससे पटियाला जिले के सैंकड़ों गांव डूब जाएंगे। पानी की मार से हरियाणा का अंबाला जिला भी नहीं बच पाएगा। उन्होंने ब्लू प्रिंट दिखा कर बताया कि नहर के निर्माण में किस तरह से तकनीकि खामियां छोड़ी गई हैं। नियंत्रित पानी को नीचे से गुजारने की बजाय नदी के ऊपर से निकाला गया जबकि बरसाती नदी घग्गर, जहां पानी सीजन में दो लाख क्यूसिक के पार हो जाता है और आम दिनों में दस हजार क्यूसिक ही रहता है, ऐसे में इसे नियंत्रित करना और बह कर आए कचरे के साइफन में फंसने से रोकना असंभव कार्य है। सेखों ने कहा कि यदि इसकी बाढ़ से नुकसान हुआ तो केंद्र सरकार सीधे तौर पर जिम्मेदार होगी, जो हरियाणा को रोकने में नाकाम रही है। सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका का हवाला देते हुए सेखों ने कहा कि वह हर दरवाजे पर गए। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने प्रधानमंत्री से भी मुलाकात की है। राज्य में विपक्ष की नेता राजिंदर कौर भट्ठल और कांग्रेस के प्रदेश प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ चलकर प्रधानमंत्री से मिलने की अपील भी कर चुके हैं। लोगों की ओर से सीधी कार्रवाई करने की चेतावनी पर वे इसे कानून व्यवस्था का मामला बताते हुए खारिज करते हैं।

पहले भड़के मंत्री जी, फिर मीडिया से सहायता मांगी
पटियाला : क्षेत्र में ड्रेनेज की सफाई न होने का सवाल उठाने पर सिंचाई मंत्री जनमेजा सिंह सेखों भड़क उठे। कहने लगे कि क्या ड्रेनेज साफ होने से उल्टा तेजी से पानी आकर बाढ़ ला देगा। मंत्री जी ने सफाई न होने को उचित ठहरा दिया। हालांकि कुछ ही देर में मीडिया से वे सहायता भी मांगने लगे कि यदि ठीक ढ़ंग से मामला उठाया जाए तो सुनवाई हो सकती है।

No comments:

Post a Comment