मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा है कि विवादास्पद हांसी बुटाना नहर और इसके साथ बनाई जा रही कंकरीट की दीवार पर सर्वदलीय बैठक बुलाने का कोई औचित्य नहीं है। इससे कोई हल निकलने वाला नहीं है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को 'दैनिक जागरण' के साथ विशेष बातचीत कर रहे थे।
सन्नौर विधान सभा क्षेत्र के लिए आयोजित संगत दर्शन कार्यक्रम के पहले दिन उन्होंने बताया कि दोनों ही मामले अब सर्वोच्च न्यायालय में चल रहे हैं। ऐसे में सर्वदलीय बैठक से कोई हल निकलने वाला नहीं है।
इस मौके पर मुख्यमंत्री पंजाब के कांग्रेसियों को नसीहत देने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा कि बेतुकी बयानबाजी के बजाय कांग्रेसी प्रधानमंत्री के पास जाकर अप्राकृतिक ढंग से बनाई गई नहर और जबरदस्ती बनाई जा रही दीवार का मामला उठाएं और पंजाब के हितों की रक्षा करें।
पंजाब के सिंचाई मंत्री जनमेजा सिंह सेखों के हरियाणा की सीमा में प्रवेश कर दी गई गिरफ्तारी की चुनौती पर बादल कहते हैं कि क्या हुआ अगर पंजाब का मंत्री हरियाणा में हो आया, यह देश सभी का है, कोई कहीं भी आ-जा सकता है। उन्होंने कहा कि भाखड़ा के पानी में पंजाब, हरियाणा के अलावा राजस्थान की भी हिस्सेदारी है। कोई भी निर्णय लेने से पहले तीनों राज्यों के बीच बात होनी चाहिए, लेकिन हरियाणा अपनी मर्जी चला रहा है।
पंजाब में केंद्रीय यूनिवर्सिटी बनाए जाने पर सरकार की ओर से लिए जा रहे यू टर्न पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया की इसकी पंजाब में जरूरत नहीं है। इसी क्रम में पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला के पूर्व वाइस चांसलर एसएस बोपाराय के मामले में हाईकोर्ट की ओर से पंजाब सरकार को 20 हजार रुपये जुर्माना किए जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने पैरवी ढंग से नहीं की है, वे भुगतेंगे। कानून अपना काम करेगा।
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री ने संगत दर्शन के दौरान संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि राज्य में जल्द चुनाव करवाए जाने की कोई संभावना नहीं है। हालांकि केंद्र सरकार एक सोची-समझी साजिश के तहत शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनावों में रोड़े अटका रही है। बादल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा से भी अपील की कि वे पंजाब को अपना भाई समझें।
बहुजन समाज पार्टी के साथ समझौते पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कांग्रेस को हराने के लिए किसी भी विचार मिलने वाली पार्टी का साथ लिया जा सकता है, लेकिन मनप्रीत बादल ने गलत किया है। उसकी वापसी नहीं होगी।
कांग्रेस द्वारा राज्य सरकार की आलोचना पर बादल ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने राज्य में सरकारी नौकरियों पर पाबंदी लगा दी थी, लेकिन उन्होंने पढ़े लिखे नौजवानों को नौकरियां देनी शुरू की हैं।
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