विधान सभा क्षेत्र :-सन्नौर
कांग्रेस-लाल सिंह
शिअद-भाजपा-तेजिंदर पाल सिंह संधू
वोटर:-एक लाख 75 हजार 409
भूपेश चट्ठा, पटियाला
पुराने विधान सभा क्षेत्र डकाला के अधिकांश हिस्सों से बने सन्नौर क्षेत्र को चाहे नया नाम मिल गया हो लेकिन यहां की समस्याएं व चुनावी मुद्दों में कोई च्यादा बदलाव नहीं आया है, अलबत्ता हांसी-बुटाना नहर के नाम से एक नया जिन्न जरूर जुड़ गया है। हालांकि परंपरागत प्रतिद्विंयों की बजाए इस बार मुकाबला अनुभव और युवा विचारों के बीच होने जा रहा है।
तेजिंदर सिंह संधू
ताकत:-
परिवार ने दिए आठ एमएलए, टकसाली अकाली वोट, युवा शिक्षित चेहरा, प्रबंधन कुशलता, पहला चुनाव होने के चलते पार्टी में विरोध नहीं, सभी विरोधी अन्य क्षेत्रों में एडजस्ट
कमजोरी:-
देरी से चुनाव प्रचार शुरू, प्रत्यक्ष चुनाव में भागीदारी पहली बार, मुकाबला 25 सालों से क्षेत्र में डटे घाघ सियासतदान से
किन मुद्दों पर लड़ रहे हैं:-
वर्तमान सरकार की ओर से किए गए विकास कायों के अलावा जनता के सामने चार बार विधायक और दो बार के मंत्री लाल सिंह की ओर से समस्याएं हल ना करवाने की बात रखेंगे। क्षेत्र में पहला गल्र्स कालेज खुलवाना, रोजगार दिलवाने देवीगढ़ रोड पर फोकल प्वाइंट बनवाना और पिछड़े क्षेत्र की सभी सुविधाएं व लाभ दिलवाना, तकनीकि स्र्वे करवा कर बाढ़ की समस्या का स्थायी उपाय करना।
लाल सिंह: फोटो 28
ताकत:-
चार दशकों से क्षेत्र की राजनीति में गहराई से जुड़े हैं, ऊर्जा मंत्री रहते हुए बिजली ग्रिड अंडर लोड किए, मंत्री रहते हुए सड़कें दुरुस्त की, चुनाव लडऩे का लंबा अनुभव, कंबोज बिरादरी का समर्थन
कमजोरी:-
वायदे पूरे नहीं कर सके, बाजीगर व हरिजनों जातियों के लोगो को चार-चार मरले के प्लाट देना, लंबे समय से पंचायती जमीनों पर बसे लोगों को वो अलाट कर किश्तों में मुआवजा लेना, पिछड़े क्षेत्र से निकाले गए गांवों का मुद्दा नहीं उठा सके।
किन मुद्दों पर लड़ रहे हैं चुनाव:-
घग्गर नदी को चैनेलाइज करने वर्तमान सरकार की असफलता, केंद्र के पैसे का प्रयोग ना करना, जिस तरह से बिजली के मामले में ओवर लोड बलबेड़ा ग्रिड पर से दवाब कम हुआ वैसे ही सारा क्षेत्र करना, मीरांपुर चौ, टांगरी, मारकंडा व पटियाला की राव जैसे बरसाती नालों की पिछली सरकार के समय की गई खुदाई समान सफाई व किनारों की मजबूती करना, एयरकंडीशंड आधुनिक सब्जी मंडी बनवाने का श्रेय लेना।
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