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Tuesday, 31 January 2012

मुकाबला अनुभव और युवा विचारों के बीच, punjab election, sanour, constituency,


 विधान सभा क्षेत्र :-सन्नौर
कांग्रेस-लाल सिंह
शिअद-भाजपा-तेजिंदर पाल सिंह संधू
 वोटर:-एक लाख 75 हजार 409


भूपेश चट्ठा, पटियाला
पुराने विधान सभा क्षेत्र डकाला के अधिकांश हिस्सों से बने सन्नौर क्षेत्र को चाहे नया नाम मिल गया हो लेकिन यहां की समस्याएं व चुनावी मुद्दों में कोई च्यादा बदलाव नहीं आया है, अलबत्ता हांसी-बुटाना नहर के नाम से एक नया जिन्न जरूर जुड़ गया है। हालांकि परंपरागत प्रतिद्विंयों की बजाए इस बार मुकाबला अनुभव और युवा विचारों के बीच होने जा रहा है।
तेजिंदर सिंह संधू
ताकत:-
परिवार ने दिए आठ एमएलए, टकसाली अकाली वोट, युवा शिक्षित चेहरा, प्रबंधन कुशलता, पहला चुनाव होने के चलते पार्टी में विरोध नहीं, सभी विरोधी अन्य क्षेत्रों में एडजस्ट
कमजोरी:-
देरी से चुनाव प्रचार शुरू, प्रत्यक्ष चुनाव में भागीदारी पहली बार, मुकाबला 25 सालों से क्षेत्र में डटे घाघ सियासतदान से
किन मुद्दों पर लड़ रहे हैं:-
वर्तमान सरकार की ओर से किए गए विकास कायों के अलावा जनता के सामने चार बार विधायक और दो बार के मंत्री लाल सिंह की ओर से समस्याएं हल ना करवाने की बात रखेंगे। क्षेत्र में पहला गल्र्स कालेज खुलवाना, रोजगार दिलवाने देवीगढ़ रोड पर फोकल प्वाइंट बनवाना और पिछड़े क्षेत्र की सभी सुविधाएं व लाभ दिलवाना, तकनीकि स्र्वे करवा कर बाढ़ की समस्या का स्थायी उपाय करना।

लाल सिंह: फोटो 28
ताकत:-
चार दशकों से क्षेत्र की राजनीति में गहराई से जुड़े हैं, ऊर्जा मंत्री रहते हुए बिजली ग्रिड अंडर लोड किए, मंत्री रहते हुए सड़कें दुरुस्त की, चुनाव लडऩे का लंबा अनुभव, कंबोज बिरादरी का समर्थन
कमजोरी:-
वायदे पूरे नहीं कर सके, बाजीगर व हरिजनों जातियों के लोगो को चार-चार मरले के प्लाट देना, लंबे समय से पंचायती जमीनों पर बसे लोगों को वो अलाट कर किश्तों में मुआवजा लेना, पिछड़े क्षेत्र से निकाले गए गांवों का मुद्दा नहीं उठा सके।

किन मुद्दों पर लड़ रहे हैं चुनाव:-

 घग्गर नदी को चैनेलाइज करने वर्तमान सरकार की असफलता, केंद्र के पैसे का प्रयोग ना करना, जिस तरह से बिजली के मामले में ओवर लोड बलबेड़ा ग्रिड पर से दवाब कम हुआ वैसे ही सारा क्षेत्र करना, मीरांपुर चौ, टांगरी, मारकंडा व पटियाला की राव जैसे बरसाती नालों की पिछली सरकार के समय की गई खुदाई समान सफाई व किनारों की मजबूती करना, एयरकंडीशंड आधुनिक सब्जी मंडी बनवाने का श्रेय लेना।

Friday, 23 December 2011

सरकारें बदल गई पर नहीं बदला घग्गर, punjab election, 2012, sanour



विधान सभा क्षेत्र :-सन्नौर
भूपेश चट्ठा, पटियाला
पुराने विधान सभा क्षेत्र डकाला के अधिकांश हिस्सों से बने सन्नौर क्षेत्र को चाहे नया नाम मिल गया हो लेकिन यहां की समस्याएं व चुनावी मुद्दों में कोई च्यादा बदलाव नहीं आया है, अलबत्ता हांसी-बुटाना नहर के नाम से एक नया जिन्न जरूर जुड़ गया है। हर बार घग्गर की बाढ़ चुनावी मुद्दा रही है और इसे चैनेलाइज करने को लेकर अकाली व कांग्रेसी दावे-प्रति दावे करते रहे हैं। पर दो चरणों की पूर्ति मात्र हो पाई है। अब करीब सौ गांव हांसी बुटाना नहर की मार में आ गए हैं।
 बिजली के मामले में ओवर लोड बलबेड़ा ग्रिड पर से कुछ दवाब कम हुआ है लेकिन अभी भी काफी कुछ किए जाने की जरूरत है।  मीरांपुर चौ, टांगरी, मारकंडा व पटियाला की राव जैसे बरसाती नाले बाढ़ का कारण बनते रहे हैं। क्षेत्र में सड़कों की बर्बादी के साथ साथ मूलभूत ढ़ांचागत सुविधाओं को भी नुकसान होता रहा है। एयरकंडीशंड आधुनिक सब्जी मंडी बनी है और इसे बनवाने का श्रेय लेने में दोनों ही प्रमुख पार्टियां एक दूसरे से आगे निकलने के प्रयास में हैं।
दिलचस्प है कि बाढ़ की मार के चलते ही इस क्षेत्र के काफी बड़े हिस्से के गांवों को पिछड़े क्षेत्र में रखा गया था, नाटकीय ढ़ंग से पिछली कांग्रेस सरकार ने जब नीति में संशोधन किया तो क्षेत्र के ये गांव पिछड़े नहीं रहे और अकाली दल इसे पिछले चुनाव में मुद्दा ही नहीं बना पाया। इतना ही नहीं क्षेत्र के लोगों को कहना है कि  वर्तमान अकाली सरकार ने इस मामले को हल करने की दिशा में कुछ नहीं किया। जिन बच्चों के एडमिशन कालेज अथवा यूनिवर्सिटी में पिछड़े क्षेत्र के कोटे से हो जाते थे वे भी बंद हो गए। सुविधाएं देना तो दूर की बात पिछली भी हटा दी गई। मीरांपुर में कालेज खोलने का वायदा तो पूरा हुआ लेकिन यह अभी इमारत से च्यादा कुछ नहीं है। भली प्रकार से इसे चलाया नहीं जा सका है।



बिजली व सड़क के काम तो पहले ही निपटा दिए: लाल सिंह

प्रदेश कांग्रेस में सबसे वरिष्ठ विधायक लाल सिंह क्षेत्र से चार दशकों से जुड़े हैं और चुनाव लड़ते आ रहे, लेकिन अपने पिछले कार्यकाल में मंत्री रहते हुए किए कामों को आज वे च्यादा गिनवाते हैं और ईमानदारी से स्वीकार भी करते हैं कि सत्ता में ना आने के चलते वे अपने दो वायदे पूरे नहीं कर सके हैं। जबकि बिजली व सड़क के काम तो उन्होंने पिछली सरकार में ही निपटा दिए थे।

तकरीबन सारे वायदे पूरे किए: हरमेल सिंह टोहरा

शिरोमणि अकाली दल के डकाला विधान सभा क्षेत्र के इंचार्ज हरमेल सिंह टोहरा कहते हैं कि उन्होंने जो वायदे किए थे वो लगभग सभी पूरे कर दिए हैं। गलियों-नालियों-सड़कों व फिरनियों की बात छोड़ दें तो बिजली व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है। नए ग्रिड बनवा पुराने ग्रिड अंडर लोड किए हैं और अब भी विकास के नाम पर ही चुनाव लड़ेंगे।


क्या नहीं हुआ
-बाजीगर व हरिजनों जातियों के लोगो को चार-चार मरले के प्लाट देना
-लंबे समय से पंचायती जमीनों पर बसे लोगों को वो अलाट कर किश्तों में मुआवजा लेना
-रोजगार लाने वाला कोई बड़ा उपक्रम नहीं लगा
-बरसाती नालों की बाढ़ का स्थायी उपाय
-नदी का चैनेलाइजेशन करने का घग्गर प्रोजेक्ट पूरा करना
-पिछड़े क्षेत्र से निकाले गए गांवों को पुन: नहीं लाया जा सका