Friday, 8 February 2013
लोक सभा चुनाव से पहले केबिनेट में बदलाव नहीं
-नारेबाजी करने से किसी को नौकरी नहीं मिलेगी: मलूका
भूपेश चट्ठा, पटियाला
पंजाब सरकार के केबिनेट मंत्री व शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता सिकंदर सिंह मलूका ने लोक सभी चुनावों से पहले किसी प्रकार के मंत्रीमंडल में फेरबदल से इंकार किया है। साथ ही उन्होंने शिक्षा मंत्री बदले जाने की लग रही अटकलों को कोरी अफवाह बताया है। पटियाला के खालसा कालेज में आयोजित किए गए दीक्षांत समारोह में भाग लेने से पहले उन्होंने कुछ पत्रकारों से बातचीत में उक्त खुलासा किया है।
उल्लेखनीय है कि राज्य के सत्ताधारी गठबंधन शिरोमणि अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी गठबंधन के लिए बठिंडा लोक सभा सीट सबसे ज्यादा प्रतिष्ठा का प्रश्न है और राज्य में यही एकमात्र लोक सभा क्षेत्र है, जहां पर सरकार के विरोध में सर्वाधिक नारेबाजी व विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। राज्य में सरकारी क्षेत्र में नौकरी करने वाले अध्यापकों की संख्या सबसे अधिक है। बिजली व पुलिस कर्मियों के कुल आंकड़े के बराबर विभिन्न वर्गो के अध्यापक ही आंदोलनरत है।
दिलचस्प है कि सिकंदर सिंह मलूका का विधान सभा क्षेत्र रामपुरा फूल, बठिंडा लोक सभा क्षेत्र में आता है। ऐसे में गठबंधन की राजनीति बठिंडा में सर्वाधिक प्रभावित हो रही है। हाईकमान को मलूका से कोई एतराज नहीं है पर बठिंडा लोक सभा क्षेत्र से ही शिक्षा मंत्री होना सरदर्द बना हुआ है। सिकंदर सिंह मलूका यह भी कहते हैं कि पार्टी में हाल फिलहाल मंत्री मंडल में तबदीली करने पर किसी तरह का विचार नहीं किया जा रहा है। ऐसे में शिक्षा मंत्री बदले जाने का भी सवाल ही पैदा नहीं होता। सब ठीक चल रहा है।
आंदोलन कारी अध्यापकों के सवाल पर शिक्षा मंत्री मलूका से पूछे जाने पर वे कहते हैं कि 'किसी को नारेबाजी करने से नौकरी नहीं दी जाएगी, जिसे कानून अनुसार दी जा सकती है उसे जरूर मिलेगी'। वे कहते हैं कि 'अध्यापक आंदोलन चाहे बठिंडा में करें या कहीं ओर हरसिमरत की स्थिति खासी मजबूत है, इस संबंध में उनकी (हरसिमरत की) ओर से भी ऐसा कुछ नहीं कहा गया है कि उनके संसदीय क्षेत्र में धरने लगने से राजनीतिक परेशानी हो सकती है'।
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