Friday, 6 January 2012

स्मोक+फोग से बने 'स्मोग' ने रोकी सांस, smog, smoke, fog, pollution,

 पर्यावरण संरक्षण
-थर्मल प्लांट से लेकर ईंट भट्टे, यहां तक की बेकरी की भट्टी भी कानून के दायरे में पर सड़क किनारे की सरेआम जलती आग नहीं
 भूपेश चट्ठा, पटियाला
धरती का कोहरे अथवा फोग की चादर से ढक जाना प्राकृतिक घटना है, जिसे रोक पाना इंसान के बस की बात नहीं पर यहां वहां कूड़ा कचरा, टायर, थर्मोकोल, प्लास्टिक, पीवीसी जला कर उड़ाए जा रहे धुएं अथवा स्मोक केमिलने से बने 'स्मोगÓ ने राहगीरों, वाहन चालकों को सांस थामने को मजबूर कर रखा है जबकि मजबूरी में इसके संपर्क में थोड़ी सी भी च्यादा देर रहने पर दमे के मरीजों का दम निकलने को होता है।
दिलचस्प है कि प्रदेश में आग का आधिकारिक  प्रयोग करने वाले थर्मल प्लांट से लेकर ईंट भट्टे, यहां तक की ब्रेड बिस्किट बनाने वाली बेकरी की भट्टी भी प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के कानून के दायरे में है। प्रत्येक जगह पर होने वाली गड़बड़ी पर सक्ष्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है पर सड़क किनारे की सरेआम जलती आग को रोकने का सही प्रबंध नहीं हो पा रहा है।
गरीब आदमी को सर्दी में तपने के लिए अलाव  की बात को छोड़ भी दिया जाए तो शहर में इन दिनों पुरानी वायरिंग, टायर जला कर एक पंथ दो काज करने वालों के अलावा समुद्री किनारों से थर्मोकोल के आइस बाक्स में हर रोज आने वाली मछली के बिकते ही करीब करीब बिखर चुके आइस बाक्स को रात होने तक जला कर ठिकाने लगा दिया जाता है।
याद रहे कि ये गाय के गोबर के आर्गेनिक उपले नहीं है जो वातावरण को शुद्ध करने में किसी तरह की हवन सामग्री की भूमिका निभाते हों और ना ही सूखी लकड़ी है जो अब जलने के लिए ही बची है। ये वो खतरनाक रसायनों से बनी चीजें हैं जो वातावरण को जहरीला करती हैं और कोहरे की बूंदों के साथ मिल कर सांस की नली में तुरंत जम जाती हैं और दवा लेने के बाद भी अपना असर कई दिनों तक नहीं छोड़ती।
वहीं निगम कमिश्नर गुरलवलीन सिंह कहते हैं कि निगम कर्मियों को सख्त हिदायत है कि वे कचरा उचित तरीके से ही ठिकाने लगाने लेकर जाएं। इधर-उधर खुर्द बुर्द करने से बचने की सलाह के साथ ही मछली का व्यापार करने वालों की ओर से थर्मोकोल के आइस बाक्स को रात होते ही जला कर ठिकाने लगाने के सवाल पर वे कहते हैं कि इस दिशा में वे तहकीकात करवाएंगे।

दो पर की है कार्रवाई: मेयर

वहीं शहर में टायर व पॉलीथिन को जलाने से फैल रहे प्रदूषण के सवाल पर मेयर अजीत पाल सिंह कोहली कहते हैं कि गलत तरह से ईंधन का इस्तेमाल करने पर प्रताप नगर और राघोमाजरा के दो दुकानदारों पर निगम की ओर से कार्रवाई करते हुए उनका सामान जब्त किया गया है। हालांकि इन लोगों को यह चेतावनी भी दी गई है कि भविष्य में दोबारा पकड़े जाने पर थाने में भी प्रदूषण अधिनियम के तहत मामला दर्ज करवाया जाएगा।

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