Friday, 6 January 2012

दो महीने लेट, बस दो महीने और...patiala, devlopment, roads, corporation,


-आयकर आफिस के सामने हुई लोगों की मौजें पर लोअर माल पर काम जारी
फोटो:
भूपेश चट्ठा, पटियाला

शहर अथवा हाईवे पर होने वाले सड़क निर्माण से ठीक पहले लिखा होता है कि 'कार्य प्रगति पर है कृपया धीरे चलेंÓ पर शहर में दो सड़कों को चौड़ा करने के मामले में एक लीला भवन चौंक से राजिंदरा अस्पताल तक एक सड़क की चौड़ाई भी बढ़ गई और शुरु हुए विकास कार्य में प्रगति भी हुई लेकिन लोअर माल के मामले में 'प्रगति धीरे है पर कार्य चल रहा हैÓ।
15 करोड़ रूपये की लागत से बनने वाली इन दोनों सड़कों पर अधिकारी कहते हैं कि एक तो लगभग मुकम्मल है और दूसरी में दो महीने की देरी से काम चल रहा है। सड़क के पूरी तरह से दुरुस्त होने के सवाल पर बताया जाता है कि बस दो महीने और लगेंगे। लोअर माल पर लगे पेड़ों की कटाई की अनुमति केंद्रीय वन मंत्रालय से ली गई तो सीवरेज विभाग, पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने अपनी लाइनें तबदील की हैं। इसी में च्यादा वक्त लगा है, अब कंकरीट आदि का काम हो चुका है बस कोलतार ही डालना शेष है।
वहीं लोअर माल पर दुकान चला रहे राम प्रशाद कहते हैं कि अब तक तो तोड़ा फोड़ी ही हो रही थी , सड़क पर काम तो अब चालू हुआ है। जबकि इसी क्षेत्र के बाशिंदे सेवानिवृत गुलशन लाल कहते हैं कि अब तक तो परेशानी ही झेल रहे हैं, देखो काम कब सिरे चढ़ता है।
इसी क्रम में लीला भवन चौंक के दुकानदार अशोक कुमार कहते हैं कि निसंदेह सड़क में डिवाइडर पड़ जाने और चौड़ा हो जाने से एरिया च्यादा खूबसूरत लगने लगा है। वहीं राहुल चौपड़ा इससे इत्तफाक नहीं रखते, कहते हैं कि पार्किंग की समस्या जहां की तहां है। अब ग्राहक इसी सड़क पर कहीं दूर पार्क करने जाता है, जबकि डिवाइडर डालने से पहले पार्किंग की व्यवस्था होनी चाहिए थी।


जो किया निगम ने किया: मेयर

मेयर अजीतपाल सिंह कोहली कहते हैं कि शहर में सड़क निर्माण की दिशा में जो किया वो नगर निगम ने ही किया है। जबकि जनप्रतिनिधि के नाम पर यहां विधायक भी हैं और सांसद भी। चाहते तो ये लोग भी अपनी तरफ से योगदान डाल सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। घाटे में चल रहे और उधारी में डूबे निगम की आमदन बढ़वा कर विकास कार्य करवाने का श्रेय उन्हें दिया जाना चाहिए।  काम में देरी के सवाल पर वे कहते हैं कि केंद्रीय वन विभाग जैसे विभागों से अनुमति और बिजली, सीवर व टेलीफोन की लाइनें बदलने में खासा समय लगा है।

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