विधान सभा क्षेत्र :-राजपुरा
कांग्रेस-हरदयाल सिंह कंबोज
शिअद-भाजपा-राज खुराना
वोटर:-एक लाख 45 हजार 253
भूपेश चट्ठा, पटियाला
गेट वे आफ पंजाब कहे जाने वाले राजपुरा विधान सभा क्षेत्र में प्रतिनिधित्व के लिए होते रहे हाल के चुनाव अक्सर भावनाओं पर अधिक व मुद्दों पर कम लड़े गए हैं, पर प्रतिद्वंदी हर बार बदले जाते रहे हैं। 2012 के होने जा रहे चुनावों में प्रतिद्वंदी तो वही है लेकिन हालात बदल गए हैं।
दो बार कांग्रेस और इस बार भारतीय जनता पार्टी से विधायक राजखुराना को इस बार खासी मशक्कत करनी पड़ सकती है। वे स्थानीय हैं पर आरोप लग रहे हैं कि पांच साल सत्ता का सुख लेने में च्यादा व्यस्त रहे। चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाने वाली बहावलपुरी बिरादरी पूरी तरह से अपने पत्ते नहीं खोल रही है। वहीं कांग्रेस के टिकट पर दूसरी बार चुनाव लड़ रहे हरदयाल कंबोज पर बाहरी उम्मीदवार का ठप्पा धुला जरूर है पर विरोधी अब भी उनके किराए के मकान पर अंगुली उठा इशारा कर देते है।
दिलचस्प है कि राजपुरा सीट के लिए अक्सर कहा जाता रहा है कि यहां से दूसरी बार लगातार जीतना मुश्किल होता है लेकिन पुराने रिकार्ड को हिलाने के बाद या फिर पार्टी बदलने के साथ विधायक रिपीट हो गए पर पार्टी नहीं।
राज खुराना
ताकत:-
बीस सालों से क्षेत्र के लोगों के सीधे संपर्क में, बहावलपुरी बिरादरी का अच्छा खासा वोट बैंक, जमीनी स्तर की राजनीति में महारत, मंजे हुए कार्यकर्ताओं का नेटवर्क।
कमजोरी:-
टक्साली अकाली वोट बैंक पर पकड़ नहीं, एंटी इंकंबेंसी फैक्टर, शहर के लोगों की नाराजगी दूर ना कर पाना, पार्टी केडर में विरोध के स्वर पहले जैसा समर्थन नहीं, परीसीमन के बाद कांग्रेस बहुल बनूड़ कस्बे का राजपुरा में आ जाना, भ्रष्टाचार के आरोप,
किन मुद्दों पर लड़ रहे हैं:-
राज खुराना कहते हैं कि इस बार रिकार्ड तोड़ विकास हुआ है। बस स्टैंड के पास एक पुल बन रहा है इसके बाद बस स्टैंड चालू हो जाएगा। बूथ अलाट हुए, थर्मल प्लांट का निर्माण शुरु, मिनी सचिवालय बना, इंजीनियरिंग कालेज बना, जैसी लंबी फैहरिस्त है। पिछले 20 सालों में सबसे शानदार रही है और कोई काम नहीं रहा। यही मुद्दे हैं।
हरदयाल सिंह कंबोज:
ताकत:-
पिछला चुनाव हारने के बावजूद लगातार लोगों के संपर्क में रहना, मोतीबाग महल से करीबी रिश्ते, विपक्ष में रहने के बावजूद सांसद के कोटे से फंड जारी करवा योजनाएं चलवाई, परंपरागत कांग्रेस के साथ ग्रामीण सिख वोट बैंक पर पकड़, बाहरी उम्मीदवार की छवी की परछाई हटाई।
कमजोरी:-
कांग्रेस का हिंदू कार्ड खेलने उपयुक्त हालात नहीं, बहावलपुरी बिरादरी का वोट बैंक अब भी सरदर्द, स्टार प्रचारक के रूप में मोतीबाग महल पर अधिक निर्भरता, भ्रम पैदा करने वाले दो अन्य कंबोज उम्मीदवारों की मौजूदगी
किन मुद्दों पर लड़ रहे हैं चुनाव:-
क्षेत्र को नशा मुक्त व दड़े-सट्टे बाजी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करवाना, भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई, लोगों को डंडाराज से मुक्ति दिलवाना, क्षेत्र में बेहतर, बिना भेदभाव का समान विकास करवाना।
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