Monday, 8 November 2010

पीपीएसबी के खिलाफ सूचना कमिश्नर के पास पहुची शिकायत

उपमुख्य संवाददाता, पटियाला
अरनेटू गांव में पीने योग्य पानी न होने के मामले में अब पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) के अधिकारियों पर सार्वजनिक रूप से गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत सूचना कमिश्नर पंजाब के पास भी दी गई है। ये शिकायत गैर सरकारी स्वयं सेवी संगठन संकल्प के प्रतिनिधि जतिन्द्र जैन की ओर से की गई है।
उन्होंने अपनी शिकायत में राज्य सूचना आयोग को सूचित किया है कि उनकी ओर से मई महीने में मागी गई सूचना के मामले में पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से ये कहा जा रहा है कि बोर्ड को सूचना मागने की अर्जी 22 सितम्बर को मिली है। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के ही सीनियर वातावरण इजीनियर हेडक्वार्टर ने 10 मई 2010 को वातावरण इजीनियर क्षेत्रीय कार्यालय संगरूर उनकी अर्जी गलती से भेजे जाने का पत्र सौंपते जतिन्द्र जैन ने कहा है कि उनकी अर्जी के पहले संगरूर कार्यालय के पास भेज दी गई और उन्हें जानकारी देने के लिए कहा गया था। उन्होंने कहा कि जब पत्र मई में गलती से भेजा गया तो फिर यह कैसे संभव है कि मेरा प्रार्थना पत्र सितंबर माह में मिला।
सूचना कमिश्नर से इस मामले में आरटीआई एक्ट 2005 की धारा 20 और आईपीसी की धारा 166 तहत सख्त कार्रवाई किए जाने की माग करते उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि राज्य सूचना कमीशन ने जिले के अरनेटू गांव के निवासियों की समस्याओं के मामले में गैर सरकारी संस्था संकल्प की ओर से मागी जानकारी समय पर उपलब्ध न करवाने के मामले में पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सूचना अधिकारी व जिले के अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर को नोटिस जारी कर दिया था।
संकल्प के प्रतिनिधि जतिन्द्र जैन ने बताया कि राज्य सूचना कमीशन में उन्होंने अरनेटू गाव के निवासियों की समस्याओं की जानकारी देने संबंधी पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व डिप्टी कमिश्नर कार्यालय की ओर से समय पर जानकारी न देने का मामला उठाया। इसकी 21 अक्टूबर की सुनवाई के दौरान पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व पटियाला के अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर को कारण बताओ नोटिस जारी किए है। उन्होंने बताया कि 13 मई 2010 को यह जानकारी हासिल करने के लिए सूचना के अधिकार के तहत मांगी थी। पंजाब प्रदू्रषण नियंत्रण बोर्ड से उनको 24 सितम्बर 2010 को जवाब मिला जोकि सूचना आयोग ने 10 सितम्बर को नोटिस जारी करने के बाद भेजा गया है। इस तरह डिप्टी कमिश्नर कार्यालय ने उनको जानकारी देने में बिना वजह देरी की गई है। उन्होंने बताया कि कमीशन ने दोनों पक्षों का 11 नवम्बर के लिए नोटिस जारी किए है। जिला सूचना अधिकारी से कहा गया कि क्यों न उन्हें आरटीआई एक्ट की धारा 20 के तहत 250 रुपए रोजाना के हिसाब से जुर्माना किया जाए।

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