भूपेश चट्ठा, पटियाला
खरीफ के सीजन से पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पावरकॉम) को मिल रहा मौसम का साथ दीवाली के दिन भी जारी रहने वाला है। हर साल सजावटी रोशनी के लिए अन्य राज्यों व निजी कंपनियों से करोड़ों की बिजली खरीदने वाले पावरकॉम के पास इस बार समुचित मात्रा में बिजली उपलब्ध है। ऐसे में अतिरिक्त बिजली नहीं खरीदी जाएगी। यह भी हो सकता है कि पावरकॉम कुछ मात्रा में पहाड़ी राज्यों में बढ़ी ठंड के चलते इन राज्यों को बिजली अपनी तरफ से दे।
पावरकॉम के अधिकारी बताते हैं कि धान का सीजन खत्म हो चुका है और गेहूं का शुरू नहीं हुआ है। ठीक इसी तरह से गर्मी जा चुकी है और सर्दी अभी पूरी तरह से आई नहीं है। एसी से लेकर कूलर पंखे तक सभी बंद हो चुके हैं, जबकि गीजर व हीटर चलाने की बारी आई नहीं है। ऐसे में मांग खासी कम चल रही है। आज भी पावरकॉम ने 73 लाख यूनिट बिजली पहाड़ी राज्यों को बैंकिंग के माध्यम से दी है। लंबी अवधि के समझौतों के तहत केंद्रीय पूल से पंजाब को 450 लाख यूनिट बिजली मिल रही है, लेकिन पंजाब ने इसमें से मात्र 313 लाख यूनिट ही बिजली की खरीद की है शेष लौटा दी गई। संभवत: यह बिजली शुक्रवार को पूरी ली जाएगी। इसी प्रकार दीवाली के दिन आपेक्षित रूप से बढ़ने वाली मांग को देखते हुए रोपड़ का बंद रखा हुआ दो नंबर यूनिट वीरवार को चला लिया गया है। हालांकि रोपड़ का ही एक अन्य यूनिट अभी कम मांग के चलते बंद ही है। इस यूनिट के शुक्रवार सुबह तक चलने की संभावना है। बठिंडा थर्मल प्लांट का तीन नंबर यूनिट भी बंद चल रहा है। राज्य में बिजली की मांग 977 लाख यूनिट पर चल रही है। पिछले अनुभव बताते हैं कि सजावटी रोशनी ज्यादातर शहरी क्षेत्रों में ही होती है। इसकी वजह से 250 से 300 मेगावाट मांग और बढ़ेगी, ऐसे में बिना कोई कट लगाए काम चल जाएगा।
हिन्दु, मुस्लिम, सिख, ईसाई
ReplyDeleteजब सब हैं हम भाई-भाई
तो फिर काहे करते हैं लड़ाई
दीवाली है सबके लिए खुशिया लाई
आओ सब मिलकर खाए मिठाई
और भेद-भाव की मिटाए खाई
kya bat hai
ReplyDeleteबहुत अच्छा पोस्ट , आपको दीपावली की शुभकामनाये....
ReplyDeletesparkindians.blogspot.com
shukriya
ReplyDeleteaapko bhi
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