विदेश राज्य मंत्री पहुंची बीबी टोहरा के देहांत पर अफसोस करने
भूपेश चट्ठा, टोहरा, पटियाला
शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के 21 बार प्रधान रहे पंथ रत्न गुरचरण सिंह टोहरा की स्मृति में घोषित किए गए स्मारक का निर्माण राज्य सरकार को जल्द करवाना चाहिए। ये विचार आज विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर ने टोहरा गांव में पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में व्यक्त किए है।
स्व. बीबी जोगिंदर कौर टोहरा के देहांत पर अफसोस करने पहुंची परनीत कौर ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने बीबी टोहरा के लिए कई सुविधाओं की घोषणाएं की थी। इसमें पटियाला में एक घर को खाली भी रखा गया। 15 हजार रूपये मासिक पैंशन के अलावा कैबिनेट रैंक का दर्जा शामिल था। हालांकि अकाली होने का कारण बता कांग्रेस कार्यकाल में स्व. बीबी टोहरा ने उक्त सुविधाएं लेने से इंकार कर दिया था। जबकि वर्तमान सरकार ने सत्ता में आने के 36 महीने बाद पिछले साल अगस्त में बीबी टोहरा को कैबिनेट रैंक का दर्जा दिया है।
इससे पहले परनीत कौर ने स्व. जोगिंदर कौर टोहरा की बेटी कुलदीप कौर टोहरा से मिल कर अफसोस प्रकट किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री व पंथ रत्न के जंवाई हरमेल टोहरा और जिला परिषद सदस्य व नाती हरिंदरपाल सिंह टोहरा भी मौजूद रहे। याद रहे कि स्व. बीबी जोगिंदर कौर टोहरा का वृद्धा अवस्था की एक बीमारी के बाद 82 साल की उम्र में 26 जनवरी को देहांत हो गया था।
उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार ने हाल ही में बहादुर पुर गांव में जत्थेदार टोहरा की स्मृति में स्मारक बनाने की घोषणा की है, हालांकि एसजीपीसी के दो पूर्व प्रधान बीबी जागीर कौर और प्रो. कृपाल सिंह बडूंगर और वर्तमान प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ भी ऐसी ही घोषणाएं कर चुके है। लेकिन सिरे कोई भी नहीं चढ़ी। छह साल पहले बीबी जागीर कौर ने 2004 में मोहाली के गुरूद्वारा अंब साहिब में 'जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहरा इंस्टीटयूट आफ एडवांस सिख स्टडीजÓ बनाने की घोषणा की तो प्रो. बडूंगर ने पंथ रत्न की याद में चंडीगढ़ के सेक्टर 44 में आईएएस व आईपीएस ट्रेनिंग इंस्टीटयूट की घोषणा की। जबकि जत्थेदार मक्कड़ ने चपड़चिड़ी में एक शैक्षिक संस्थान की घोषणा कर रखी है। यह भी कागजों में ही है।
इतना ही नहीं मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने भी 10 नवंबर 2005 को ऐसा ही शिलान्यास किया लेकिन बात आज भी वहीं पर रुकी है जहां से शुरू हुई थी।
भूपेश चट्ठा, टोहरा, पटियाला
शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के 21 बार प्रधान रहे पंथ रत्न गुरचरण सिंह टोहरा की स्मृति में घोषित किए गए स्मारक का निर्माण राज्य सरकार को जल्द करवाना चाहिए। ये विचार आज विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर ने टोहरा गांव में पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में व्यक्त किए है।
स्व. बीबी जोगिंदर कौर टोहरा के देहांत पर अफसोस करने पहुंची परनीत कौर ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने बीबी टोहरा के लिए कई सुविधाओं की घोषणाएं की थी। इसमें पटियाला में एक घर को खाली भी रखा गया। 15 हजार रूपये मासिक पैंशन के अलावा कैबिनेट रैंक का दर्जा शामिल था। हालांकि अकाली होने का कारण बता कांग्रेस कार्यकाल में स्व. बीबी टोहरा ने उक्त सुविधाएं लेने से इंकार कर दिया था। जबकि वर्तमान सरकार ने सत्ता में आने के 36 महीने बाद पिछले साल अगस्त में बीबी टोहरा को कैबिनेट रैंक का दर्जा दिया है।
इससे पहले परनीत कौर ने स्व. जोगिंदर कौर टोहरा की बेटी कुलदीप कौर टोहरा से मिल कर अफसोस प्रकट किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री व पंथ रत्न के जंवाई हरमेल टोहरा और जिला परिषद सदस्य व नाती हरिंदरपाल सिंह टोहरा भी मौजूद रहे। याद रहे कि स्व. बीबी जोगिंदर कौर टोहरा का वृद्धा अवस्था की एक बीमारी के बाद 82 साल की उम्र में 26 जनवरी को देहांत हो गया था।
उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार ने हाल ही में बहादुर पुर गांव में जत्थेदार टोहरा की स्मृति में स्मारक बनाने की घोषणा की है, हालांकि एसजीपीसी के दो पूर्व प्रधान बीबी जागीर कौर और प्रो. कृपाल सिंह बडूंगर और वर्तमान प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ भी ऐसी ही घोषणाएं कर चुके है। लेकिन सिरे कोई भी नहीं चढ़ी। छह साल पहले बीबी जागीर कौर ने 2004 में मोहाली के गुरूद्वारा अंब साहिब में 'जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहरा इंस्टीटयूट आफ एडवांस सिख स्टडीजÓ बनाने की घोषणा की तो प्रो. बडूंगर ने पंथ रत्न की याद में चंडीगढ़ के सेक्टर 44 में आईएएस व आईपीएस ट्रेनिंग इंस्टीटयूट की घोषणा की। जबकि जत्थेदार मक्कड़ ने चपड़चिड़ी में एक शैक्षिक संस्थान की घोषणा कर रखी है। यह भी कागजों में ही है।
इतना ही नहीं मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने भी 10 नवंबर 2005 को ऐसा ही शिलान्यास किया लेकिन बात आज भी वहीं पर रुकी है जहां से शुरू हुई थी।

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