- हर हल्का इंचार्ज छह हजार रूपये प्रति बस की कुर्बानी देने को तैयार
-उपर से आदेश है तो नंबर बनाने अग्रिम पंक्ति में आने वाला दो चार लाख खर्च करने को तैयार
-अभी पोस्टर वार भी देखेंगे पटियाला के लोग
भूपेश चट्ठा, पटियाला
दस फरवरी को शहर के पोलो मैदान में होने जा रही शिरोमणि अकाली दल की युवा ईकाई की रैली युवा नेताओं के बीच शक्ति प्रदर्शन करने और संगठन की शक्ति से विपक्ष को अवगत करवाने से शुरू हुई पर अब ये संख्या बल दिखाने का काम हवाई वायदों में ज्यादा तबदील होता जा रहा है।
बसों की गिनती बढ़चढ़ कर दिखाई, बताई और रैली प्रबंधकों को लिखाई जा रही है। पार्टी के सूत्र बताते है कि अगर एक विधानसभा क्षेत्र का पार्टी इंचार्ज अपने क्षेत्र में आ कर चार सौ बसों की बात कर रहा है तो दोबारा पूछने पर तीन सौ का आंकड़ा पुष्टि के साथ बताता है और कहता है कि इसमें से दो-ढ़ाई सौ तो पूरी भरी होंगी। बसें कहां से आएंगी? इस पर बठिंडा से हिसार और बीकानेर तक का नाम ले लिया जाता है।
वहीं प्रदेश की राजनीति को चार दशक से करीब से देखते आ रहे ऐसे ही एक प्रबंधक बताते है कि एक व्यक्ति जमीन पर बैठने तीन फीट की जगह लेता है, सर्दी में यह कम तो गर्मी में दायरा बढ़ जाता है और कुर्सी पर घेरा और ज्यादा जगह लेता है। वे बताते है कि पंजाब में कोई भी पांच-सात हजार लोगों की रैली लाख बंदों की हो जाती है। इससे ज्यादा तो शिव कुमार बटालवी को ही लोगों ने सुना है। या धार्मिक दीवान हों तो हों। स्टेज कितने दायरे में है? डी कैसी है? पैसेज कितना छोड़ा गया है? इसके बाद ही वर्ग फीट तय कर देता है कि क्या हुआ।
दूसरी ओर यूथ अकाली दल के पूर्व प्रधान व वर्तमान मेयर अजीत पाल सिंह कोहली कहते है कि ये एक साफ सुथरी प्रतिस्पर्धा है और साबित करती है कि हर तरफ उत्साह है, यह भी सही है कि हर कोई शक्ति प्रदर्शन की दौड़ में है पर रैली पार्टी की ही है। एक हल्का इंचार्ज की ओर से 300 बसें भर कर लाए जाने के सवाल पर मेयर कहते है कि सभी युवा नेताओं की ड्यूटियां लगी है किसी ने 35 बसें लाने की बात कही है तो कोई 40 बसें भर लाने की जिम्मेवारी लिखवा आया है। एक बस के शहर में खड़ी करने पर आखिर जगह की भी जरूरत होगी? इस पर मेयर कोहली कहते है कि पोलो मैदान के पास अमर आश्रम के पास खाली पार्किंग और निगम कार्यालय के निकट पीडब्ल्यूडी की जमीन की अनुमति ली गई है। इसी तरह सूलर रोड पर भी दो सौ के करीब बसें खड़ी की जा सकती है। अपने बारे में वे स्पष्ट करते है कि शहर में बसों की जरूरत तो है नहीं, उनकी डयूटी दो हजार बंदों की है, वो पूरी होगी।
दिलचस्प है कि पीआरटीसी के पास 1050 बसें है और इसमें किलोमीटर योजना वाली बसें भी शामिल है, शहर के बस स्टेंड में करीब 200 बसें खड़ी की जा सकती है। 32 गुणा आठ फीट की बस के लिए कम से कम चार सौ वर्ग फीट की जगह चाहिए।
सूत्र कहते है कि चुनावी वर्ष है टिकट किसे नहीं चाहिए? हर हल्का इंचार्ज छह हजार रूपये प्रति बस की कुर्बानी देने को तैयार है। उपर से आदेश है तो नंबर बनाने और अग्रिम पंक्ति में आने वाला सेकेंड लाइन नेता दो चार लाख खर्च करने को तैयार है। शहर के लोग अभी पोस्टर वार भी देखेंगे, कुछ नए पोस्टर लगेंगे, तो कुछ के फट भी सकते है और किसी के आगे बैनर लगा होगा तो किसी के उपर पोस्टर चस्पा होगा।
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