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Wednesday, 9 March 2011

एईटीसी ने कानून पढ़ाया तो भूपेश अग्रवाल ने राजनीति

-व्यापारियों ने कहा भ्रष्ट अफसरों का क्या करें, अधिकारी कहते टेक्स चोरी रोकी जाए

भूपेश चट्ठा  पटियाला

फोकल प्वाइंट इंडस्ट्रीज ऐसोसिएशन की ओर से आबकारी एंव कराधान विभाग और नगर निगम पटियाला के अधिकारियो के साथ रखे गए रूबरू कार्यक्रम में जहां व्यापारियों ने अपने दुखड़े सुना रियायतों की मांग की वहीं अधिकारियों ने किसी तरह की रियायतें देने में तो खुद को तकनीकि रूप से अस्मर्थ बताया अलबत्ता इतना आश्वासन जरूर दे दिया कि किसी व्यापारी के साथ धक्का होता है तो वह अथवा ऐसोसिएशन सीधा संपर्क कर सकती है।

ऐसोसिएशन के वरिष्ठ नेता सुरिंदर मित्तल की ओर से आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में इंडस्ट्री डिवेलपमेंट बोर्ड के सदस्य एसडी भरत व्यापारियों व उद्योगपतियों की की समस्याएं रखते हुए कहा कि कई बार उन पर टेक्स के साथ पेनल्टी सिर्फ इस लिए थोप दी जाती है क्योंकी अधिकारी ने या तो टारगेट पूरा करना होता है या व्यापारी की फाईल उसके सामने खुल गई होती है। जबकि छोटे परिवार में रह रहा आज का व्यापारी कागजी कार्यवाई करने में अपना अधिक समय नहीं निकाल पाता और आए दिन कानून बदल रहे है।

वहीं बिक्री कर विभाग की ओर से अपनी पूरी टीम के साथ आए सहायक आबकारी एंव कराधान आयुक्त एचपीएस गिहोत्रा ने पूर्ण रूप से कानूनी ज्ञान का पाठ पढ़ाते हुए बताया कि वेट जैसे कानून लागू होने के बाद कई साल सरकार ने व्यापारियों पर पूरा भरोसा कर उनसे पूरा टेक्स भरे जाने की उम्मीद की लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो सख्ती करनी पड़ी। और ये जरूरी भी है कि जिस सरकार से वेतन लिया जा रहा है उस प्रति वफादारी निभाते हुए टेक्स की चोरी को पकड़े। यदि टेक्स चोरी अब भी नहीं रुकती तो और सख्ती होगी और मामले भी दर्ज करवाए जाएंगे। वहीं एईटीसी गिहोत्रा ने आश्वस्त किया कि नाहक ही किसी पर पैनल्टी नहीं लगाई जाएगी और यदि उनका कोई कर्मी अथवा अधिकारी गड़बड़ करता है तो वे उस पर भी कड़ी कार्यवाई करेंगे। सिर्फ उन्हें एक एसएमएस कर दिया जाए, शिकायतकर्ता का नाम भी गुप्त रखा जाएगा।

वहीं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आबकारी एंव कराधान बोर्ड के डायरेक्टर भूपेश अग्रवाल ने पूरी तरह से व्यापारी वर्ग का पक्ष लेते हुए कहा कि व्यापारियों को आए दिन अधिकारियों के हाथों जलील होना पड़ता है। इसे बर्दाशत नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चाहे वे सरकार में है लेकिन अपनी कार में दरी लेकर चलते है, जहां कहीं भी व्यापरी वर्ग के साथ अन्याय देखेंगे वहीं धरना देने को तैयार है। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट नाभा के चेयरमैन भूपेश अग्रवाल कहते है कि विभाग उन दो चार फीसदी गलत काम करने वालों की आड़ में पूरे उस समुदाय को बदनाम कर जलील नहीं कर सकता, जिसके दिए कर की वजह से अधिकारी मोटी तनख्वाह पाते है और सारा सिस्टम चल रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि जिस तरह से व्यापारियों की शिकायतें अधिकरियों के पास आई होंगी वेसे ही उनके पास भी अधिकारियों के खिलाफ लंबी फैहरिस्त है। हालांकि अंतत: इस बात पर सहमति भी बन गई कि व्यापारियों को बिना मतलब उलझाया नहीं जाएगा और भ्रष्ट अधिकारियों खिलाफ भी कारवाई होगी।

Friday, 4 March 2011

पोस्टर से मंच तक 'रखड़ा राज'


रखड़ा ने विकास रैली में दिखाई प्रबंधन क्षमता
-समाना से उम्मीदवार, जीते तो सरकार में बड़ी जिम्मेवारी दूंगा कहा सुखबीर बादल ने
-रैली में हैरी मान को नहीं बुलाया, प्रो. चंदूमाजरा भी नदारद, पर शक्ति प्रदर्शन कामयाब
भूपेश चट्ठा, समाना (पटियाला)

अकसर शिरोमणि अकाली दल की रैलियों में साईड लाइन रहने वाले किंतु मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के करीबियों में समझे जाने वाले सुरजीत सिंह रखड़ा ने आज विकास रैली में अपनी प्रबंधन क्षमता को उपमुख्य मंत्री सुखबीर सिंह बादल के सामने बेहतरीन ढ़ंग से साबित कर दिखाया। दिलचस्प है कि प्रभावशाली रैली से प्रभावित उपमुख्य मंत्री व पार्टी प्रधान ने भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ और उन्हें चुनाव लोकतंत्र में समाना विधानसभा क्षेत्र की बागडोर पूरी तरह से सौंप दी है।

समाना व आसपास के क्षेत्र में 38 करोड़ रूपये के प्रोजेक्टों के शिलान्यास के बाद आयोजित रैली में पार्टी प्रधान ने ना केवल मंच से रखड़ा को उम्मीदवार घोषित कर दिया अपितु समाना की जनता से यह भी कह दिया कि आप इन्हें जिता कर आगे भेजो तो अगली सरकार में एक बड़ी जिम्मेवारी इनका इंतजार कर रही है। समाना शहर व क्षेत्र के किसानों के लिए रखी गई अन्य मांगों पर उपमुख्य मंत्री ने कहा कि सुरजीत सिंह रखड़ा उनके पास जो भी प्रोजेक्ट लाएंगे वे तो पास हो ही जाने है। ऐसे ही मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी आने वाले है और वे सुखबीर को तो किसी बात से इंकार कर सकते है पर सुरजीत को नहीं।

दूसरी ओर रैली और विधान सभा क्षेत्र में पार्टी की उम्मीदवारी को लेकर चल रही खींचतान में सुरजीत रखड़ा ने आज सभी को कुशल प्रबंधन वखुल कर लिए गए निर्णयों के बाद सभी को राजनीतिक पटखनी दे दी है। कांग्रेस छोड़ अकाली दल में आए हरिंदर पाल सिंह हैरी मान के साथ हाल ही में उठे विवाद में पार्टी आलाकमान स्पष्ट रूप से सुरजीत रखड़ा के साथ खड़ा नजर आया। पहले तो जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन सुरजीत रखड़ा को अपने स्तर पर रैली करने की खुली छूट दी, ऐसे में पोस्टर से लेकर मंच तक हर तरफ उन्हीं की राज दिखा। इतना ही नहीं रैली में ना केवल हैरी मान को बुलाया गया अपितु पार्टी महासचिव व पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा भी दिखाई नहीं दिए। रैली में सुरजीत रखड़ा ना केवल शक्ति प्रदर्शन में कामयाब रहे बल्कि कड़े निर्णय भी लिए है। व्हीसपर कैंपेन चलाने वाले अथवा भीतरी घात करने वालों को पहले ही किनारे कर दिया और जो आज सुबह रैली प्रबंध देख उनके घर तक आ गए उन्हें लौटा दिया गया।

हालांकि रैली में मुख्य संसदीय सचिव राज खुराना, पावरकाम के सदस्य गुरबचन सिंह बची, पिछड़ी श्रेणी कमीशन के चेयरमैन प्रो. कृपाल सिंह बडूंगर, यूथ डवेलपमेंट बोर्ड के चेयरमैन गुरप्रीत सिंह राजू खन्ना, भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रधान रविंदर सिंह गिन्नी ढिल्लों, एनआरआई चरणजीत सिंह व रवि आहलुवालिया, राजला गांव के सरपंच कश्मीर सिंह राजला प्रमुख रूप से मौजूद रहे।



लंगर का स्थान पैकड फूड ने, पानी बोतल बंद


उपमुख्य संवाददाता, समाना, पटियाला

अकाली दल की रैली हो तो बरबस ही रैली स्थल के आसपास लगने वाले लंगरों की तस्वीर उभर आती है लेकिन समाना की इस विकास रैली में आम चलन के विपरीत पैकड फूड का प्रबंध किया गया। सुरक्षा जांच के साथ ही हर व्यक्ति के हाथ में खाने का बंद डिब्बा थमा दिया जाता। इतना ही नहीं आम तौर पर वीआईपी समझे जाने वाले बोतल बंद पानी की बोतल भी प्रत्येक व्यक्ति को दी गई। रैली के प्रबंधक तो 35 से 40 हजार का संख्या बल होने का दावा करते है पर सूत्रों का कहना है कि शुरूआत में 200 गुणा 1000 फुट में करीब दस हजार के बैठने की व्यवस्था की गई और 25 हजार खाने के पैकट का आर्डर दिया गया। रैली स्थल पर करीब दस हजार कुर्सियों पर त्रिपाल ढक दी गई, हालांकि रैली के चरम तक पहुंचते -पहुंचते सारी कुर्सियां बाहर लग गई और खाने के लिए खींचतान शुरू हो गई।



केंद्रीय बजट दिशाहीन व गरीब विरोधी: उपमुख्य मंत्री

-मंहगाई की मार झेल रहे आम आदमी को राहत नहीं

-रेल बजट भी देश का नहीं बंगाल का हुआ: सुखबीर

भूपेश चट्ठा, समाना पटियाला

उपमुख्य मंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आज केंद्रीय बजट को पूरी तरह से दिशाहीन और गरीब विरोधी बताया है। समाना विधान सभा क्षेत्र के शिरोमणि अकाली दल प्रभारी सुरजीत सिंह रखड़ा के नेतृत्व में आयोजित विकास रैली के तुरंत बाद संवाददाताओं के साथ बातचीत में उपमुख्य मंत्री ने केंद्रीय बजट की आलोचना में कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व में चल रही संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार ने मंहगाई की मार झेल रहे देश के लोगों की कोई चिंता नहीं है।

क्षेत्र में 38 करोड़ रूपये के प्रोजेक्टों का शिलान्यास करने के बाद सुखबीर बादल ने कहा कि केंद्र का यह बजट बहु राष्ट्रीय कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाला है। कांग्रेस और प्रधानमंत्री का सरकार पर अब कोई कंट्रोल नहीं रहा,यह सरकार घोटालों की सरकार बन गई है, जबकि इसके विपरीत पंजाब की अकाली-भाजपा सरकार कृषि, बिजली, खेलें, शिक्षा, शहरी व ग्रामीण विकास में योजना से विकास कर रही है।

वहीं रेल बजट पर पूछे गए सवाल पर वे कहते है कि यह भी देश का नहीं बल्कि बंगाल का बजट हो कर रह गया है। रैली में सुखबीर कहते है कि प्रदेश में विद्या के मामले में 1000 करोड़ रुपए से आदर्श स्कूल खोले जा रहे है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में हजारों अध्यापक भर्ती कर एक बड़ी कमी को पूरा कर दिया गया है। उन्होंने नवयुवकों को नशों से बचाने एवं खेलों में दिलचस्पी पैदा करने हेतु 100 करोड़ रुपए की लागत से पंजाब भर में स्टेडियम व जिम बनाए जाने का जिक्र किया। आम आदमी की मुश्किलों के हल करने हेतु जमीनों की फर्दां को कम्प्यूटरीकरण एवं पुलिस रिकार्ड को कम्प्यूटरीकरण सहित अनेकों प्रशासनिक सुधार किए गए है।इस अवसर पर बादल ने इलाके में किए जा रहे विकास कार्यां का सेहरा जिला योजना बोर्ड अध्यक्ष सुरजीत ङ्क्षसह रखड़ा के सिर पर बांधा तथा उनको अपना पारिवारिक सदस्य बताते हुए उनके द्वारा इलाके के विकास हेतु की गई शेष मांगों को मुख्यमंत्री प्रकाश ङ्क्षसह बादल के विदेश से वापिस आने पर तुरंत पूरी करने का विश्वास दिलाया। रखड़ा को एक दरवेश राजनीतिज्ञ बताते उन्होंने कहा कि रखड़ा की हमेशा यही कोशिश रही है कि सरकार से अपने इलाके के लिए कोई नया प्रोजैक्ट लेकर आए।

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कै. अमरेन्द्र सिंह  पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो अपने शासन के 5 वर्ष तथा पिछले चार वर्षांे से किसी गांव में नहीं गया हो उसे पंजाब में हो रहे विकास बारे क्या जानकारी हो सकती है। केन्द्र की कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लेते उन्होंने यूपीए सरकार में हो रहे अरबों रुपए के घोटों में उसे जिम्मेदार माना है।

सुरजीत रखड़ा ने भी मनमोहन सिंह को बेबस प्रधानमंत्री और केन्द्र सरकार को चोर, डाकू, लुटेरों की सरकार कहा और जनता को कांग्रेस पार्टी से सुचेत रहने की सलाह दी। उन्होंने बादल द्वारा हलके के विकास कार्यां हेतु दिए योगदान के लिए उनका धन्यवाद किया।

Tuesday, 8 February 2011

अकाली रैली संगठन की शक्ति या बसों की गिनती

- हर हल्का इंचार्ज छह हजार रूपये प्रति बस की कुर्बानी देने को तैयार
-उपर से आदेश है तो नंबर बनाने अग्रिम पंक्ति में आने वाला दो चार लाख खर्च करने को तैयार
-अभी पोस्टर वार भी देखेंगे पटियाला के लोग
भूपेश चट्ठा, पटियाला
दस फरवरी को शहर के पोलो मैदान में होने जा रही शिरोमणि अकाली दल की युवा ईकाई की रैली युवा नेताओं के बीच शक्ति प्रदर्शन करने और संगठन की शक्ति से विपक्ष को अवगत करवाने से शुरू हुई पर अब ये संख्या बल दिखाने का काम हवाई वायदों में ज्यादा तबदील होता जा रहा है।
बसों की गिनती बढ़चढ़ कर दिखाई, बताई और रैली प्रबंधकों को लिखाई जा रही है। पार्टी के सूत्र बताते है कि अगर एक विधानसभा क्षेत्र का पार्टी इंचार्ज अपने क्षेत्र में आ कर चार सौ बसों की बात कर रहा है तो दोबारा पूछने पर तीन सौ का आंकड़ा पुष्टि के साथ बताता है और कहता है कि इसमें से दो-ढ़ाई सौ तो पूरी भरी होंगी। बसें कहां से आएंगी? इस पर बठिंडा से हिसार और बीकानेर तक का नाम ले लिया जाता है।
वहीं प्रदेश की राजनीति को चार दशक से करीब से देखते आ रहे ऐसे ही एक प्रबंधक बताते है कि एक व्यक्ति जमीन पर बैठने तीन फीट की जगह लेता है, सर्दी में यह कम तो गर्मी में दायरा बढ़ जाता है और कुर्सी पर घेरा और ज्यादा जगह लेता है। वे बताते है कि पंजाब में कोई भी पांच-सात हजार लोगों की रैली लाख बंदों की हो जाती है। इससे ज्यादा तो शिव कुमार बटालवी को ही लोगों ने सुना है। या धार्मिक दीवान हों तो हों। स्टेज कितने दायरे में है? डी कैसी है? पैसेज कितना छोड़ा गया है? इसके बाद ही वर्ग फीट तय कर देता है कि क्या हुआ।
दूसरी ओर यूथ अकाली दल के पूर्व प्रधान व वर्तमान मेयर अजीत पाल सिंह कोहली कहते है कि ये एक साफ सुथरी प्रतिस्पर्धा है और साबित करती है कि हर तरफ उत्साह है, यह भी सही है कि हर कोई शक्ति प्रदर्शन की दौड़ में है पर रैली पार्टी की ही है। एक हल्का इंचार्ज की ओर से 300 बसें भर कर लाए जाने के सवाल पर मेयर कहते है कि सभी युवा नेताओं की ड्यूटियां लगी है किसी ने 35 बसें लाने की बात कही है तो कोई 40 बसें भर लाने की जिम्मेवारी लिखवा आया है। एक बस के शहर में खड़ी करने पर आखिर जगह की भी जरूरत होगी? इस पर मेयर कोहली कहते है कि पोलो मैदान के पास अमर आश्रम के पास खाली पार्किंग और निगम कार्यालय के निकट पीडब्ल्यूडी की जमीन की अनुमति ली गई है। इसी तरह सूलर रोड पर भी दो सौ के करीब बसें खड़ी की जा सकती है। अपने बारे में वे स्पष्ट करते है कि शहर में बसों की जरूरत तो है नहीं, उनकी डयूटी दो हजार बंदों की है, वो पूरी होगी।
दिलचस्प है कि पीआरटीसी के पास 1050 बसें है और इसमें किलोमीटर योजना वाली बसें भी शामिल है, शहर के बस स्टेंड में करीब 200 बसें खड़ी की जा सकती है। 32 गुणा आठ फीट की बस के लिए कम से कम चार सौ वर्ग फीट की जगह चाहिए।
सूत्र कहते है कि चुनावी वर्ष है टिकट किसे नहीं चाहिए? हर हल्का इंचार्ज छह हजार रूपये प्रति बस की कुर्बानी देने को तैयार है। उपर से आदेश है तो नंबर बनाने और अग्रिम पंक्ति में आने वाला सेकेंड लाइन नेता दो चार लाख खर्च करने को तैयार है। शहर के लोग अभी पोस्टर वार भी देखेंगे, कुछ नए पोस्टर लगेंगे, तो कुछ के फट भी सकते है और किसी के आगे बैनर लगा होगा तो किसी के उपर पोस्टर चस्पा होगा।

Friday, 4 February 2011

टोहरा युग के साथ, सिखों के पोप की सत्ता का अंत?



-भोग से संगत गायब, सिर्फ नेताओं का जमावड़ा

-टोहरा काल की रबड़ी जला हुआ दूध रह गई

भूपेश चट्ठा, टोहरा पटियाला


आज से छह साल पहले जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहरा के देहांत पर उत्तर भारत की हर सड़क टोहरा गांव की ओर ही जा रही थी। राज्य में कांग्रेस और केंद्र में संयुक्त प्रगतीशील गठबंधन की सत्ता होने के बावजूद शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के 21 बार प्रधान रहे स्व. जत्थेदार टोहरा को सिखों का पोप कह उन्हें पंथ रत्न का दर्जा दे दिया गया। गांव में केंसर अस्पताल से लेकर युनिवर्सिटी और स्टेडियम तक की घोषणाएं हो गई। इसके बाद टोहरा गांव में अकालियों कांग्रेसियों के इतने चक्कर लगे कि एक तरह से गांव को वेंटिकन सिटी का दर्जा प्राप्त हो गया पर आज पंथ रत्न की पत्नि स्व. बीबी जोगिंदर कौर के पाठ पर साफ संदेश देने की कोशिश कर दी गई है कि एक युग का अंत हो गया है और सिखों के पोप की सत्ता का भी औपचारिक अंत हो गया है।

पंथ रत्न की बरसी पर हर बार शामिल होने वाले हरनेक सिंह कहते है कि पिछले सालों में हर बरस होने वाले कार्यक्रमों में संगत लगभग बीस फीसदी की दर से कम होती जा रही थी पर अब तो बिलकुल ही गायब है, सरकार है तो सरकारी अमला है, इंतजाम है पर देखो लंगर भी वापिस भेजा जा रहा है, दरियां पूरी बिछाई ही नहीं गई जबकि जगह सिंगोड़ दी गई है। फिर भी ये हाल है। भोग से संगत गायब, सिर्फ नेताओं का जमावड़ा है या फिर उनके साथ आई एक रंग विशेष की खुफिया पगडिय़ां दिखाई दे रही है।

ऐसे ही भादसों में तैनात सरकारी कर्मी कहते है कि टोहरा काल की रबड़ी आज जला हुआ दूध रह गई है, सड़कें टूट रही है पैच वर्क की जरूरत है पर होगा नहीं यह तय है। पहले लोग अपनी मर्जी से यहां लगंर लगाने जद्दोजहद करते थे आज एसजीपीसी पर निर्भरता है।

दिलचस्प है कि स्व. बीबी जोगिंदर कौर के भोग पर एक बार फिर जत्थेदार टोहरा की स्मृति में स्मारक बनाने और एक शानदार स्टडी सेंटर खोले जाने की घोषणा को उपहास की दृष्टि से देखा गया है, भोग पर ही दबी जुुबां से विधान सभा चुनावों में पंथ रत्न की गोद ली पुत्री को टिकट के लिए हो रही कवायद से ज्यादा जोड़ा गया। कहा गया कि बादल साहब बाकी घोषणाएं छोड़ ये कर दे तो सब शांत है। ना कोई मनप्रीत खेमे में अपने बंदे भेजेगा और ना ही कोई कांग्रेसियों के संपर्क में रहेगा।

Wednesday, 2 February 2011

टोहरा स्मारक जल्द बनाए राज्य सरकार: परनीत कौर

विदेश राज्य मंत्री पहुंची बीबी टोहरा के देहांत पर अफसोस करने

भूपेश चट्ठा, टोहरा, पटियाला

शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी के 21 बार प्रधान रहे पंथ रत्न गुरचरण सिंह टोहरा की स्मृति में घोषित किए गए स्मारक का निर्माण राज्य सरकार को जल्द करवाना चाहिए। ये विचार आज विदेश राज्य मंत्री परनीत कौर ने टोहरा गांव में पत्रकारों के साथ अनौपचारिक बातचीत में व्यक्त किए है।

स्व. बीबी जोगिंदर कौर टोहरा के देहांत पर अफसोस करने पहुंची परनीत कौर ने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने बीबी टोहरा के लिए कई सुविधाओं की घोषणाएं की थी। इसमें पटियाला में एक घर को खाली भी रखा गया। 15 हजार रूपये मासिक पैंशन के अलावा कैबिनेट रैंक का दर्जा शामिल था। हालांकि अकाली होने का कारण बता कांग्रेस कार्यकाल में स्व. बीबी टोहरा ने उक्त सुविधाएं लेने से इंकार कर दिया था। जबकि वर्तमान सरकार ने सत्ता में आने के 36 महीने बाद पिछले साल अगस्त में बीबी टोहरा को कैबिनेट रैंक का दर्जा दिया है।

इससे पहले परनीत कौर ने स्व. जोगिंदर कौर टोहरा की बेटी कुलदीप कौर टोहरा से मिल कर अफसोस प्रकट किया। इस अवसर पर पूर्व मंत्री व पंथ रत्न के जंवाई हरमेल टोहरा और जिला परिषद सदस्य व नाती हरिंदरपाल सिंह टोहरा भी मौजूद रहे। याद रहे कि स्व. बीबी जोगिंदर कौर टोहरा का वृद्धा अवस्था की एक बीमारी के बाद 82 साल की उम्र में 26 जनवरी को देहांत हो गया था।

उल्लेखनीय है कि पंजाब सरकार ने हाल ही में बहादुर पुर गांव में जत्थेदार टोहरा की स्मृति में स्मारक बनाने की घोषणा की है, हालांकि एसजीपीसी के दो पूर्व प्रधान बीबी जागीर कौर और प्रो. कृपाल सिंह बडूंगर और वर्तमान प्रधान अवतार सिंह मक्कड़ भी ऐसी ही घोषणाएं कर चुके है। लेकिन सिरे कोई भी नहीं चढ़ी। छह साल पहले बीबी जागीर कौर ने 2004 में मोहाली के गुरूद्वारा अंब साहिब में 'जत्थेदार गुरचरण सिंह टोहरा इंस्टीटयूट आफ एडवांस सिख स्टडीजÓ बनाने की घोषणा की तो प्रो. बडूंगर ने पंथ रत्न की याद में चंडीगढ़ के सेक्टर 44 में आईएएस व आईपीएस ट्रेनिंग इंस्टीटयूट की घोषणा की। जबकि जत्थेदार मक्कड़ ने चपड़चिड़ी में एक शैक्षिक संस्थान की घोषणा कर रखी है। यह भी कागजों में ही है।

इतना ही नहीं मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने भी 10 नवंबर 2005 को ऐसा ही शिलान्यास किया लेकिन बात आज भी वहीं पर रुकी है जहां से शुरू हुई थी।

Tuesday, 1 February 2011

यूथ अकाली दल की रैली, प्रधान कोई नहीं

भूपेश चट्ठा, पटियाला
उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल की विकास यात्राओं के बीच शिरोमणि अकाली दल की युवा इकाई द्वारा राज्य भर में अपनी उपस्थिति जताने के लिए शुरू की गई रैलियों के तहत पटियाला में युवा शिअद की रैली 10 फरवरी को होने जा रही है। दिलचस्प है कि पटियाला में सत्ताधारी दल की युवा इकाई की प्रधानगी करने वाला कोई नहीं है। हालांकि पार्टी के ही छात्र संगठन स्टूडेंट्स आर्गेनाईजेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय प्रधान का दावा है कि पटियाला की रैली प्रदेश भर में रिकार्ड कायम करेगी।
वहीं यूथ अकाली दल का जिला प्रधान न होने के सवाल पर एसओआई के प्रधान व यूथ डेवलपमेंट बोर्ड के चेयरमैन गुरप्रीत सिंह राजू खन्ना कहते हैं कि पार्टी ने यूथ इकाई भंग कर दी थी और जिले के पूर्व प्रधान जसबीर सिंह जस्सी का गांव अब मोहाली जिले में जा चुका है। ऐसे में यूथ इकाई का जिला प्रधान तो कोई नहीं है पर सभी साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसमें मेयर अजीतपाल सिंह कोहली से लेकर हरिंदरपाल सिंह चंदूमाजरा तक सभी शामिल है। एसओआई का भी पूरा समर्थन है। इसी संबंध में आज भी कार्यकर्ताओं की बैठक की गई है जिसमें सभी हलका इंचार्ज और मार्केट कमेटियों के चेयरमैन व अन्य जिले से संबंधित चेयरमैन शामिल हुए।
दो साल पहले इन्हीं दिनों में पोलो ग्राउंड में हुई एसओआई की रैली को इस रैली से जोड़ने के सवाल पर राजू खन्ना कहते है कि वह रैली ऐतिहासिक थी और लोक सभा चुनावों से पहले प्रदेश भर में युवा शक्ति किसके साथ का संदेश दे गई थी, इसी तरह प्रदेश कांग्रेस प्रधान के गृह नगर में होने वाली यह रैली अगले विधान सभा चुनावों की दिशा तय कर देगी।
रैली में यूथ अकाली दल के संरक्षक विक्रमजीत सिंह मजीठिया युवा वर्ग को संदेश तो देंगे ही, लेकिन युवा शक्ति को संगठित करने और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए की जा रही इस रैली से ही नई भर्ती भी की जाएगी और उन कार्यकत्र्ताओं को भी सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने पार्टी के लिए कार्य किया है।
अगले चुनावों में पार्टी युवा वर्ग को कितना प्रतिनिधित्व देगी, इस सवाल पर गुरप्रीत सिंह राजू खन्ना कहते है कि युवाओं का राज्य में प्रतिनिधित्व कर रहे विक्रमजीत सिंह मजीठिया ने 33 फीसदी टिकटों की अलाटमेंट युवाओं के बीच से करने की घोषणा कर रखी है यह सिरे चढ़ेगी और अगली विधान सभा 'थोड़ा और जवान' होगी। हालांकि पार्टी टिकट पाने वाले 'युवा' की उम्र सीमा कहां से शुरू होगी और कहां खत्म पर वे खामोश हो जाते है

Monday, 13 December 2010

ਸਰਦੀ ਤੇਜ , ਰਾਜਨੀਤੀ ਗਰਮ ਉੱਤੇ ਮੁੱਦੇ ਸਾਮਾਜਕ

ਇੰਜੀਨਿਅਰਿੰਗ
- ਯੂਥ ਕਾਂਗਰਸ ਤੋਂ ਬਿੱਟੂ ਦੀ ਪੈਦਲ ਯਾਤਰਾ ਚੱਲ ਰਹੀ ਸੀ ਤਾਂ ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਨੇ ਜਾਗਾਂ ਕੱਢੀ ਹੁਣ ਮਜੀਠਿਆ ਵੀ ਕੁੱਦੇ
- ਸੁਖਬੀਰ ਦੀ ਵਿਕਾਸ ਯਾਤਰਾ ਨੇ ਵੀ ਫੜੀ ਰਫਤਾਰ
- ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਦਾ ਜਿਲੀਆਂ ਵਿੱਚ ਰੋੜ ਸ਼ੋ ਆਵੇਗਾ
- ਚਮਕੋਰ ਸਾਹਿਬ , ਜੋੜ ਮੇਲਿਆ ਅਤੇ ਮਾਘੀ ਦੇ ਧਾਰਮਿਕ ਦੀਵਾਨ ਅਗਲੇ ਇੱਕ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ
ਭੂਪੇਸ਼ ਚੱਠਾ , ਪਟਿਆਲਾ
ਸਰਦੀ ਦੇ ਤੇਜ ਹੋਣ ਅਤੇ ਗਰਮੀ ਵਿੱਚ ਲੂ ਦੇ ਚਲਣ ਅਤੇ ਮੀਂਹ ਵਿੱਚ ਹੜ੍ਹ ਦੇ ਦਿਨਾਂ ਵਿੱਚ ਅਕਸਰ ਸਿਆਸਤਦਾਨਾਂ ਦੀ ਗਤੀਵਿਧਿਆ ਸੀਮਿਤ ਹੋ ਜਾਂਦੀਆਂ ਹਨ ਉੱਤੇ ਇਸ ਵਾਰ ਮੌਸਮ ਵਿੱਚ ਪਾਰਿਆ ਡਿੱਗਣ ਦੇ ਨਾਲ ਹੀ ਰਾਜਨੀਤੀ ਵਿੱਚ ਪਾਰਿਆ ਸਿਖਰ ਉੱਤੇ ਚੜ੍ਹਨੇ ਨੂੰ ਹੈ । ਕੇਂਦਰ ਵਿੱਚ ਚੋਣ ਹੋਏ ਦੋ ਸਾਲ ਵੀ ਨਹੀਂ ਹੋਏ ਹਨ ਉੱਤੇ ਹਰ ਰਾਜਨੀਤਕ ਦਲ ਰੈਲੀਆਂ ਕਰਣ ਦੀ ਜੋਰ - ਸ਼ੋਰ ਤੋਂ ਤਿਆਰੀਆਂ ਕਰ ਰਿਹਾ ਹੈ । ਹਾਲਾਂਕਿ ਆਪਣੇ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਸੰਗਠਿਤ ਕਰਣ ਚੁੱਕੇ ਗਏ ਮੁੱਦੇ ਰਾਜਨੀਤਕ ਨਹੀਂ ਹੋਕੇ ਸਾਮਾਜਕ ਹੀ ਹਨ ।
ਮਹੀਨਾ ਕੰਮਿਊਨਿਕੇਸ਼ਨ ਦੇ ਸ਼ੋਧ ਵਿਦਿਆਰਥੀ ਪੰਕਜ ਸ਼ੁਕਲਾ ਦੱਸਦੇ ਹਨ ਕਿ ਸ਼ਿਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੀ ਨਸ਼ੇ ਅਤੇ ਭਰੂਣ ਹੱਤਿਆ ਦੇ ਖਿਲਾਫ ਲਗਾਤਾਰ , ਮਗਰ ਹੌਲੀ ਰਫ਼ਤਾਰ ਦਾ ਪ੍ਚਾਰ ਛੋਟੀ ਛਾਂਵ ਜਿਵੇਂ ਪਰਿਆਵਰਣ ਪ੍ਰੋਜੇਕਟ ਦੇ ਨਾਲ ਚੱਲ ਰਿਹਾ ਸੀ ਤਾਂ ਯੂਥ ਕਾਂਗਰਸ ਨੇ ਨਸ਼ੇ ਅਤੇ ਭਰੂਣ ਹੱਤਿਆ ਵਿੱਚ ਏਡਸ ਅਤੇ ਦਹੇਜ ਜਿਵੇਂ ਕੁੱਝ ਅਤੇ ਨਾਮ ਸ਼ਾਮਿਲ ਕਰ ਪੈਦਲ ਯਾਤਰਾ ਸ਼ੁਰੂ ਕਰ ਦਿੱਤੀ । ਇਸ ਦੌਰਾਨ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਤੋਂ ਵੱਖ ਹੋਕੇ ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਬਾਦਲ ਨੇ ਪਟਿਆਲਾ ਵਿੱਚ ਪੂਰਵ ਡਿਪਟੀ ਸਪੀਕਰ ਦੇ ਘਰ ਤੋਂ ਆਪਣੀ ਜਾਗਾਂ ਯਾਤਰਾ ਦੀ ਘੋਸ਼ਣਾ ਕਰ ਦਿੱਤੀ । ਹਾਲਾਂਕਿ ਇਸਵਿੱਚ ਰਾਜਨੀਤੀ ਦੇ ਕਰੀਬੀ ਪਰ ਸਾਮਾਜਕ ਦੀ ਸ਼੍ਰੇਣੀ ਵਿੱਚ ਹੀ ਰੱਖੇ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਭ੍ਰਿਸ਼ਟਾਚਾਰ , ਬੇਰੋਜਗਾਰੀ ਅਤੇ ਲੂਣ,ਸੁੰਦਰਤਾ ਜਿਵੇਂ ਆਰਥਕ ਮੁੱਦੇ ਹੋਰ ਜੁੜ ਗਏ ।
ਹੁਣ ਯੂਥ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਵਿਧਾਇਕ ਵਿਕਰਮਜੀਤ ਸਿੰਘ ਮਜੀਠਿਆਯੁਵਾਵਾਂਵਿੱਚ ਅਗਵਾਈ ਸਮਰੱਥਾ ਤਲਾਸ਼ਨੇ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂਨੂੰ ਸੰਗਠਿਤ ਕਰਣ ਦੀ ਦਿਸ਼ਾ ਵਿੱਚ ਜਿਲਾ ਪੱਧਰ ਉੱਤੇ ਨਵੇਂ ਸਾਲ ਦੇ ਸ਼ੁਰੂ ਵਿੱਚ ਰੈਲੀਆਂ ਕਰਣ ਜਾ ਰਹੇ ਹਨ । ਫਿਰ ਸੰਗਠਨਾਤਮਕ ਢਾਂਚੇ ਦੀ ਘੋਸ਼ਣਾ ਕੀਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ।
ਸੋਸ਼ਲ ਸਾਂਇਸੇਜ ਐਂਡ ਹੇਲਥ ਫੋਰਮ ਦੇ ਡੇ . ਬਲਜੀਤ ਸਿੰਘ ਕਹਿੰਦੇ ਹਨ ਕਿ ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਪ੍ਰਕਰਣ ਦੇ ਬਾਅਦ ਤੋਂ ਉਪਮੁੱਖਮੰਤਰੀ ਅਤੇ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੇ ਪ੍ਰਧਾਨ ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਦੀ ਵਿਕਾਸ ਯਾਤਰਾ ਰਫਤਾਰ ਫੜ ਚੁੱਕੀ ਹੈ । ਰਾਜ ਵਿੱਚ ਕੀ ਹੋ ਰਿਹਾ ਹੈ , ਇਹ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਨਤੀਜੇ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਲਿਆਉਣ ਦੇ ਪਾਰਦਰਸ਼ੀ ਤਰੀਕੇ ਨੂੰ ਅਪਣਾਉਂਦੇ ਹੋਏ ਪ੍ਰੋਜੇਕਟੋਂ ਦੇ ਦੌਰੇ ਆਜਾਦ ਮੀਡਿਆ ਤੋਂ ਕਰਵਾਉਣ ਦਾ ਕ੍ਰਮ ਚੱਲ ਨਿਕਲਿਆ ਹੈ । ਗਿੱਦੜਬਾਹਾ ਅਤੇ ਬਠਿੰਡਾ ਵਿੱਚ ਅਜਿਹਾ ਹੋ ਚੁੱਕਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਅਗਲੇ ਮਹੀਨੇ ਤੱਕ ਹੋਰ ਥਰਮਲ ਪਲਾਂਟਾਂ ਦੀ ਵਾਰੀ ਹੈ ।
ਸਰਦੀ ਦੇ ਅਤੇ ਤੇਜ ਹੋਣ ਉੱਤੇ 22 ਦਿਸੰਬਰ ਤੋਂ ਕਾਂਗਰਸ ਦੇ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਪ੍ਰਧਾਨ ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਦੀ ਜਿਲਾ ਪੱਧਰ ਉੱਤੇ ਰੈਲੀਆਂ ਅਤੇ ਰੋਡ ਸ਼ੋ ਦਾ ਸਿਲਸਿਲਾ ਸ਼ੁਰੂ ਹੋਣ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ । ਇੱਥੇ ਸਪੱਸ਼ਟ ਰੂਪ ਤੋਂ ਮੁੱਦੇ ਰਾਜਨੀਤਕ ਹੋ ਸੱਕਦੇ ਹਨ ।
ਦਿਸੰਬਰ ਵਿਚਕਾਰ ਦੇ ਬਾਅਦ ਤੋਂ ਜਨਵਰੀ ਵਿਚਕਾਰ ਤੱਕ ਰਾਜ ਦੇ ਵੱਖਰੇ ਹਿੱਸੀਆਂ ਵਿੱਚ ਤਿੰਨ ਵੱਡੇ ਸਮਾਰੋਹ ਸਿਆਸਤਦਾਨਾਂ ਦਾ ਇੰਤਜਾਰ ਅਤੇ ਸਿਆਸਤਦਾਨਾਂ ਨੂੰ ਚਮਕੌਰ ਸਾਹਿਬ , ਜੋੜ ਮੇਲਿਆ ਅਤੇ ਮਾਘੀ ਦੇ ਮੌਕੇ ਉੱਤੇ ਸਜਣ ਵਾਲੇ ਧਾਰਮਿਕ ਦੀਵਾਨ ਕਹੇ ਜਾਣ ਵਾਲੇ ਰਾਜਨੀਤਕ ਮੰਚਾਂ ਦਾ ਇੰਤਜਾਰ ਹੈ । ਅਗਲੇ ਇੱਕ ਮਹੀਨੇ ਵਿੱਚ ਭੋਗ ਅਤੇ ਵਿਆਹ ਸਮਾਰੋਹਾਂ ਦੀ ਰਾਜਨੀਤੀ ਦੇ ਨਾਲ ਇਸ ਸਭਤੋਂ ਰੂਬਰੂ ਪੰਜਾਬੀ ਵੋਟਰ ਨੂੰ ਹੋਣਾ ਹੋਵੇਗਾ ।

Sunday, 12 December 2010

सर्दी तेज, राजनीति गर्म पर मुद्दे सामाजिक

इंजीनियरिंग
-यूथ कांग्रेस से बिट्टू की पैदल यात्रा चल रही थी तो मनप्रीत ने जागो निकाली अब मजीठिया भी कूदे
- सुखबीर की विकास यात्रा ने भी पकड़ी रफ्तार
-कैप्टन अमरिंदर का जिलों में रोड़ शो आएगा
-चमकोर साहिब, जोड़ मेला और माघी के धार्मिक दीवान अगले एक महीने में
भूपेश चट्ठा, पटियाला
सर्दी के तेज होने अथवा गर्मी में लू के चलने व बारिश में बाढ़ के दिनों में अक्सर राजनीतिज्ञों की गतिविधिया सीमित हो जाती हैं पर इस बार मौसम में पारा गिरने के साथ ही राजनीति में पारा शिखर पर चढ़ने को है। केंद्र में चुनाव हुए दो साल भी नहीं हुए हैं पर हर राजनीतिक दल रैलियां करने की जोर-शोर से तैयारियां कर रहा है। हालांकि अपने कार्यकर्ताओं को संगठित करने उठाए गए मुद्दे राजनीतिक न होकर सामाजिक ही हैं।
मास कम्यूनिकेशन के शोध छात्र पंकज शुक्ला बताते हैं कि शिरोमणि अकाली दल की नशे व भ्रूण हत्या के खिलाफ लगातार, मगर धीमी गति का प्रचार नन्ही छांव जैसे पर्यावरण प्रोजेक्ट के साथ चल रहा था तो यूथ कांग्रेस ने नशे व भ्रूण हत्या में एड्स व दहेज जैसे कुछ और नाम शामिल कर पैदल यात्रा शुरू कर दी। इसी दौरान अकाली दल से अलग होकर मनप्रीत बादल ने पटियाला में पूर्व डिप्टी स्पीकर के घर से अपनी जागो यात्रा की घोषणा कर दी। हालांकि इसमें राजनीति के करीबी किंतु सामाजिक की श्रेणी में ही रखे जाने वाले भ्रष्टाचार, बेरोजगारी व लोन जैसे आर्थिक मुद्दे और जुड़ गए।
अब यूथ अकाली दल के प्रधान व विधायक विक्रमजीत सिंह मजीठिया युवाओं में नेतृत्व क्षमता तलाशने और उन्हें संगठित करने की दिशा में जिला स्तर पर नए साल के शुरू में रैलियां करने जा रहे हैं। फिर संगठनात्मक ढांचे की घोषणा की जाएगी।
सोशल सांइसेज एंड हेल्थ फोरम के डा. बलजीत सिंह कहते हैं कि मनप्रीत प्रकरण के बाद से उपमुख्यमंत्री व अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल की विकास यात्रा रफ्तार पकड़ चुकी है। राज्य में क्या हो रहा है, यह लोगों के सामने परिणाम के रूप में लाने के पारदर्शी तरीके को अपनाते हुए प्रोजेक्टों के दौरे स्वतंत्र मीडिया से करवाने का क्रम चल निकला है। गिद्दड़बाहा व बठिंडा में ऐसा हो चुका है और अगले महीने तक अन्य थर्मल प्लांटों की बारी है।
सर्दी के और तेज होने पर 22 दिसंबर से कांग्रेस के प्रदेश प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह की जिला स्तर पर रैलियों व रोड शो का सिलसिला शुरू होने जा रहा है। यहां स्पष्ट रूप से मुद्दे राजनीतिक हो सकते हैं।
दिसंबर मध्य के बाद से जनवरी मध्य तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में तीन बड़े समारोह राजनीतिज्ञों का इंतजार अथवा राजनीतिज्ञों को चमकौर साहिब, जोड़ मेला और माघी के अवसर पर सजने वाले धार्मिक दीवान कहे जाने वाले राजनीतिक मंचों का इंतजार है। अगले एक महीने में भोग व विवाह समारोहों की राजनीति के साथ इन सबसे रूबरू पंजाबी वोटर को होना होगा।

Friday, 3 December 2010

ਭਾਜਪਾ ਨੇ ਠੋਕਿਆ ਪਟਿਆਲਾ ਸੀਟ ਉੱਤੇ ਦਾਅਵਾ

ਭੂਪੇਸ਼ ਚੱਠਾ , ਪਟਿਆਲਾ
ਵਿਧਾਨਸਭਾ ਚੁਨਾਵਾਂ ਵਿੱਚ 14 ਮਹੀਨੀਆਂ ਤੋਂ ਵੀ ਘੱਟ ਸਮਾਂ ਬਾਕੀ ਰਹਿੰਦੇ ਜੋਸ਼ੀਲਾ ਹੋਈ ਵਿਰਾਸਤੀ ਸ਼ਹਿਰ ਦੀ ਰਾਜਨੀਤੀ ਵਿੱਚ ਭਾਰਤੀਯ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ ਨੇ ਵੀ ਆਪਣੀ ਹਾਜਰੀ ਦਰਜ ਕਰਵਾਂਦੇ ਹੋਏ ਪਟਿਆਲਾ ਉੱਤੇ ਆਪਣਾ ਦਾਅਵਾ ਠੋਕ ਦਿੱਤਾ ਹੈ । ਸ਼ਹਿਰ ਦੀ ਰਾਜਨੀਤੀ ਵਿੱਚ ਇੱਕ ਕੋਨੇ ਉੱਤੇ ਖੜੀ ਰਹਿਣ ਵਾਲੀ ਜਿਲਾ ਸ਼ਹਿਰੀ ਭਾਜਪਾ ਨੇ ਫਿਲਹਾਲ ਆਪਣੇ ਹੀ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਆਲਾਕਮਾਨ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਪਟਿਆਲਾ ਨੂੰ ਰੱਖਿਆ ਹੈ ਕਿ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਪੱਧਰ ਉੱਤੇ ਸ਼ਿਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੇ ਨਾਲ ਵਿਧਾਨਸਭਾ ਸੀਟਾਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਹੋਣ ਵਾਲੀ ਗੱਲਬਾਤ ਵਿੱਚ ਪਟਿਆਲਾ ਨੂੰ ਵੀ ਲਿਆਇਆ ਜਾਵੇ । ਯਾਦ ਰਹੇ ਖੇਤਰਾਂ ਦੀਆਂ ਸੀਮਾਵਾਂ ਦੇ ਪੁਰਨਨਿਧਾਰਣ ਦੇ ਬਾਅਦ ਜਿਲ੍ਹੇ ਵਿੱਚ ਵਿਧਾਨਸਭਾ ਖੇਤਰਾਂ ਦੀ ਕੁਲ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਤਾਂ ਬਦਲਾਵ ਨਹੀਂ ਆਇਆ ਉੱਤੇ ਸ਼ਹਿਰ ਪਟਿਆਲੇ ਦੇ ਦੋ ਖੇਤਰ ਹੋ ਗਏ ਹਨ ।
ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਕਮਾਨ ਦੇ ਕੋਲ ਰੱਖੇ ਤਰਕਾਂ ਵਿੱਚ ਕਿਹਾ ਗਿਆ ਹੈ ਕਿ ਪਟਿਆਲਾ ਹਿੰਦੂ ਬਹੁਲ ਖੇਤਰ ਹੈ । ਉੱਤੇ ਕੋਟੇ ਵਾਲੇ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਆਬਾਦੀ ਦਾ ਅਨਪਾਤਹਿੰਦੁਵਾਂਦੇ ਪੱਖ ਵਿੱਚ 68 ਫੀਸਦੀ ਹੋਰ ਸਿੱਖਾਂ ਦੀ ਆਬਾਦੀ 32 ਫੀਸਦੀ ਹੈ । ਕੁੱਝ ਇੰਜ ਹੀ ਹਾਲਾਤ ਪਟਿਆਲਾ ਪੇਂਡੂ ਵਿਧਾਨਸਭਾ ਖੇਤਰ ਦੇ ਬੰਨ ਪਏ ਹਨ । ਇੱਥੇ ਅਨਪਾਤ 60 ਅਤੇ 40 ਫੀਸਦੀ ਦਾ ਹੈ । ਪਾਰਟੀ ਨੇਤਾਵਾਂ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਪਟਿਆਲਾ ਟੂ ਅਤੇ ਪੇਂਡੂ ਵਿੱਚ ਬਹਾਵਲਪੁਰ ਬਰਾਦਰੀ ਵੱਡੀ ਗਿਣਤੀ ਵਿੱਚ ਹੈ , ਮੋਟੇ ਤੌਰ ਉੱਤੇ ਇਹ ਬਰਾਦਰੀ ਅਕਾਲੀਆਂ ਨੂੰ ਤਾਂ ਨਾਪਸੰਦ ਕਰਦੀ ਹੈ ਉੱਤੇ ਭਾਜਪਾ ਦੇ ਨਾਲ ਕੇਂਦਰੀ ਪੱਧਰ ਉੱਤੇ ਜੁੜਤੀ ਰਹੀ ਹੈ । ਭਾਜਪਾ ਦੇ ਸਿਖਰ ਨੇਤਾ ਲਾਲ ਕ੍ਰਿਸ਼ਣ ਆਡਵਾਣੀ ਅਤੇ ਜਿਲਾ ਪੱਧਰ ਉੱਤੇ ਰਾਜ ਖੁਰਾਨਾ ਦਾ ਪ੍ਰਭਾਵ ਪੱਖ ਵਿੱਚ ਕੰਮ ਆ ਸਕਦਾ ਹੈ ।
ਸਮੀਕਰਣਾਂ ਦੇ ਆਇਣ ਵਿੱਚ ਦੱਸਿਆ ਗਿਆ ਕਿ ਭਾਜਪਾ ਜੇਕਰ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੇ ਸਮਰਥਨ ਤੋਂ ਮੈਦਾਨ ਵਿੱਚ ਉਤਰਦੀ ਹੈ ਤਾਂ ਗੰਢ-ਜੋੜ ਦੇ ਹਾਲਾਤ ਕਿਤੇ ਜਿਆਦਾ ਬਿਹਤਰ ਹੋਣਗੇ । ਬਾਹਰੀ ਕਾਲੋਨੀਆਂ ਵਿੱਚ ਪੇਂਡੂ ਖੇਤਰਾਂ ਨਾਲ ਆਕੇ ਬਸਿਆ ਟਕਸਾਲੀ ਸਿੱਖ ਮਤਦਾਤਾ ਜੇਕਰ ਗੰਢ-ਜੋੜ ਦਾ ਸਮਰਥਨ ਕਰ ਦਿੰਦਾ ਹੈ ਤਾਂ ਕਾਗਰੇਸ ਨੂੰ ਕੰਡੇ ਲਗਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ ।
ਪਟਿਆਲਾ ਸ਼ਹਿਰੀ ਸੀਟ ਦਾ ਇਤਹਾਸ ਵੀ ਭਾਜਪਾ ਦੇ ਪੱਖ ਵਿੱਚ ਹੀ ਜਾਂਦਾ ਹੈ ਅਤੇ ਅਕਾਲੀਆਂ ਦੀ ਇੱਥੋਂ ਹੋ ਰਹੀ ਲਗਾਤਾਰ ਹਾਰ ਦਾ ਵੱਧ ਰਿਹਾ ਅੰਤਰ ਭਾਜਪਾ ਦੇ ਦਾਵੇ ਨੂੰ ਮਜਬੂਤ ਕਰਦਾ ਹੈ । 1977 ਵਿੱਚ ਤਤਕਾਲੀਨ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ ਨਾਲ ਬਾਗੀ ਹੋਕੇ ਲੇਕਿਨ ਰਾਸ਼ਟਰੀ ਆਪ ਸੇਵਕ ਸੰਘ ਦੇ ਸਮਰਥਨ ਤੋਂ ਨਿਰਦਲੀਏ ਦੇ ਰੂਪ ਵਿੱਚ ਚੋਣ ਲੜੇ ਸ਼ੰਭੂ ਪ੍ਰਸਾਦ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੀ ਹਵਾ ਵਿੱਚ ਸਿਰਫ 243 ਵੋਟਾਂ ਤੋਂ ਹਾਰੇ ਅਤੇ ਕਾਗਰੇਸ ਦੇ ਪ੍ਰੇਮਚੰਦ ਗੁਪਤਾ ਤੀਸਰੇ ਨੰਬਰ ਉੱਤੇ ਰਹੇ । ਇਸਦੇ ਅਗਲੇ ਚੋਣ ਵਿੱਚ ਸ਼ੰਭੂ ਪ੍ਰਸਾਦ ਨੂੰ ਭਾਜਪਾ ਨੇ ਟਿਕਟ ਦਿੱਤਾ ਤਾਂ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੇ ਵਿਧਾਇਕ ਰਹੇ ਸਰਦਾਰਾ ਸਿੰਘ ਕੋਹਲੀ ਤੀਸਰੇ ਨੰਬਰ ਉੱਤੇ ਜਾ ਪੁੱਜੇ ।
ਦਿਲਚਸਪ ਹੈ ਕਿ ਕਾਂਗਰਸ ਤੋਂ ਤੱਦ ਵਿਧਾਇਕ ਬਣੇ ਬਰਹਮ ਮਹਿੰਦਰਾ ਹੁਣ ਪਟਿਆਲਾ ਸ਼ਹਿਰੀ ਤੋਂ ਚੋਣ ਨਹੀਂ ਲੜ ਰਹੇ । ਸੰਭਵਤ : ਉਹ ਭਰਨੇ ਦੇ ਬਾਅਦ ਪਟਿਆਲਾ ਪੇਂਡੂ ਤੋਂ ਚੋਣ ਲਡੇਂ , ਅਜਿਹੇ ਵਿੱਚ ਇਤਹਾਸ ਵਿੱਚ ਹੋਇਆ ਮੁਕਾਬਲਾ ਇੱਕ ਵਾਰ ਫਿਰ ਦੁਹਰਾਇਆ ਜਾ ਸਕਦਾ ਹੈ

Wednesday, 1 December 2010

भाजपा ने ठोका पटियाला सीट पर दावा

भूपेश चट्ठा, पटियाला
विधानसभा चुनावों में 14 महीनों से भी कम समय शेष रहते सरगर्म हुई विरासती शहर की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाते हुए पटियाला पर अपना दावा ठोक दिया है। शहर की राजनीति में एक कोने पर खड़ी रहने वाली जिला शहरी भाजपा ने फिलहाल अपने ही प्रदेश आलाकमान के सामने पटियाला को रखा है कि प्रदेश स्तर पर शिरोमणि अकाली दल के साथ विधानसभा सीटों को लेकर होने वाली बातचीत में पटियाला को भी लाया जाए। याद रहे क्षेत्रों की सीमाओं के पुर्ननिधारण के बाद जिले में विधानसभा क्षेत्रों की कुल संख्या में तो बदलाव नहीं आया पर शहर पटियाला के दो क्षेत्र हो गए हैं।
प्रदेश कमान के पास रखे तर्को में कहा गया है कि पटियाला हिंदू बहुल क्षेत्र है। पर कोटे वाले क्षेत्र में आबादी का अनुपात हिंदुओं के पक्ष में 68 फीसदी और सिखों की आबादी 32 फीसदी है। कुछ ऐसे ही हालात पटियाला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के बन पड़े हैं। यहां अनुपात 60 और 40 फीसदी का है। पार्टी नेताओं का कहना है कि पटियाला टू अथवा ग्रामीण में बहावलपुर बिरादरी बड़ी संख्या में है, मोटे तौर पर ये बिरादरी अकालियों को तो नापसंद करती है पर भाजपा के साथ केंद्रीय स्तर पर जुड़ती रही है। भाजपा के शीर्ष नेता लाल कृष्ण आडवाणी और जिला स्तर पर राज खुराना का प्रभाव पक्ष में काम आ सकता है।
समीकरणों के आइने में बताया गया कि भाजपा यदि अकाली दल के समर्थन से मैदान में उतरती है तो गठबंधन के हालात कहीं अधिक बेहतर होंगे। बाहरी कालोनियों में ग्रामीण क्षेत्रों से आकर बसा टक्साली सिख मतदाता यदि गठबंधन का समर्थन कर देता है तो काग्रेस को किनारे लगाया जा सकता है।
पटियाला शहरी सीट का इतिहास भी भाजपा के पक्ष में ही जाता है और अकालियों की यहां से हो रही लगातार हार का बढ़ रहा अंतर भाजपा के दावे को मजबूत करता है। 1977 में तत्कालीन जनता पार्टी से बागी होकर लेकिन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के समर्थन से निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़े शंभू प्रसाद अकाली दल की हवा में मात्र 243 वोटों से हारे और काग्रेस के प्रेमचंद गुप्ता तीसरे नंबर पर रहे। इसके अगले चुनाव में शंभू प्रसाद को भाजपा ने टिकट दिया तो अकाली दल के विधायक रहे सरदारा सिंह कोहली तीसरे नंबर पर जा पहुंचे।
दिलचस्प है कि कांग्रेस से तब विधायक बने ब्रहम महिंदरा अब पटियाला शहरी से चुनाव नहीं लड़ रहे। संभवत: वे समाना के बाद पटियाला ग्रामीण से चुनाव लडें़, ऐसे में इतिहास में हुआ मुकाबला एक बार फिर दोहराया जा सकता है।

Monday, 29 November 2010

ਗੰਢ-ਜੋੜ ਚੁਨਾਵੀ ਮੂਡ ਵਿੱਚ , ਭ੍ਰਿਸ਼ਟਚਾਰ ਹੋਇਆ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਮੁੱਦਾ

ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਸੁਧਾਰ ਵੀ ਹੋਣਗੇ ਏਜੇਂਡੇ ਉੱਤੇ : ਸੁਖਬੀਰ

ਭੂਪੇਸ਼ ਚੱਠਾ , ਪਟਿਆਲਾ
ਮਨਪ੍ਰੀਤ ਬਾਦਲ ਦੀ ਜਾਗਾਂ ਪੰਜਾਬ ਯਾਤਰਾ ਅਤੇ ਕਾਂਗਰਸ ਦੇ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਪ੍ਰਧਾਨ ਬਣੇ ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਦੇ ਰੋਡ ਸ਼ੋ ਦੇ ਅਗਲੇ ਹੀ ਹਫ਼ਤੇ ਵਿੱਚ ਸ਼ਿਰੋਮਣੀ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਭਾਰਤੀਯ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ ਗੰਢ-ਜੋੜ ਵੀ ਚੁਨਾਵੀ ਮੂਡ ਵਿੱਚ ਆ ਗਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਉਹ ਪੂਰੇ ਦਮਖਮ ਦੇ ਨਾਲ । ਗੰਢ-ਜੋੜ ਨੇ ਠੀਕ ਤੇਰਾਂ ਮਹੀਨੇ ਬਾਅਦ ਲੱਗਣ ਵਾਲੀ ਆਦਰਸ਼ ਚੋਣ ਸੰਹਿਤਾ ਤੋਂ ਪਹਿਲਾਂ ਇੱਕ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤੋਂ ਵਿਧਾਨਸਭਾ ਚੁਨਾਵਾਂ ਲਈ ਆਪਣੇ ਪ੍ਚਾਰ ਅਭਿਆਨ ਦਾ ਬਿਗਲ ਵੀ ਕੈਪਟਨ ਅਮਰਿੰਦਰ ਸਿੰਘ ਦੇ ਘਰ ਨਗਰ ਪਟਿਆਲਾ ਤੋਂ ਵਜਾ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ।
ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਨੇ ਅੱਜ ਜਿੱਥੇ ਵਿਅਕਤੀ ਜਗਰਾਤਾ ਅਭਿਆਨ ਦੇ ਤਹਿਤ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਦੀ ਰੈਲੀ ਰੂਪੀ ਬੈਠਕ ਕੀਤੀ ਹੈ ਉਥੇ ਹੀ ਭਾਜਪਾ ਨੇ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਕਾਰਜ ਕਮੇਟੀ ਦੀ ਬੈਠਕ ਦਾ ਪ੍ਰਬੰਧ ਕਰ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਅਗਲੇ ਚੁਨਾਵਾਂ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੋਣ ਨੂੰ ਕਹਿ ਦਿੱਤਾ ਹੈ । ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਦੀ ਬੈਠਕ ਵਿੱਚ ਕਾਂਗਰਸ ਉੱਤੇ ਭ੍ਰਿਸ਼ਟਾਚਾਰ ਅਤੇ ਘੋਟਾਲੋਂ ਨੂੰ ਲੈ ਕੇ ਆਰੋਪਾਂ ਦੀ ਕੁੱਝ ਅਜਿਹੀ ਝੜੀ ਲਗਾਈ ਕਿ ਆਉਣ ਵਾਲੇ ਚੁਨਾਵਾਂ ਲਈ ਇਹ ਵੀ ਲੱਗਭੱਗ ਤੈਅ ਹੋ ਗਿਆ ਕਿ ਭ੍ਰਿਸ਼ਟਾਚਾਰ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਮੁੱਦਾ ਹੋਵੇਗਾ । ਹਾਲਾਂਕਿ ਪਾਰਟੀ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਤੇ ਉਪਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਸੁਖਬੀਰ ਸਿੰਘ ਬਾਦਲ ਦਾ ਇਸ ਉੱਤੇ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਭ੍ਰਿਸ਼ਟਾਚਾਰ ਠੀਕ ਹੈ ਉੱਤੇ ਚੋਣ ਰਾਜ ਵਿੱਚ ਹੋਏ ਵਿਕਾਸ ਅਤੇ ਪ੍ਰਬੰਧਕੀ ਸੁਧਾਰਾਂ ਨੂੰ ਸਾਹਮਣੇ ਰੱਖ ਕਰ ਲੜੇ ਜਾਣਗੇ ।
ਚੁਨਾਵੀ ਰੰਗ ਵਿੱਚ ਜਲਦੀ ਆਉਣ ਦੇ ਸਵਾਲ ਉੱਤੇ ਉਪਮੁੱਖ ਮੰਤਰੀ ਕਹਿੰਦੇ ਹੈ ਕਿ ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਫੁਲ ਟਾਇਮ ਪਾਰਟੀ ਹੈ , ਕਾਂਗਰਸ ਦੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਸੀਜਨ ਵਿੱਚ ਬਾਹਰ ਨਿਕਲਣ ਵਾਲੇ ਨਹੀਂ ਹੈ , ਅਕਾਲੀ ਦਲ ਵਿੱਚ ਲੋਕਾਂ ਤੋਂ ਮਿਲਣ ਮਿਲਾਉਣ ਦਾ ਸਿਲਸਿਲਾ ਸਾਰਾ ਸਾਲ ਚੱਲਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ । ਤਿੰਨ ਚਾਰ ਸਾਲ ਬਾਅਦ ਕਿਸੇ ਬਿਲ ਵਿੱਚੋਂ ਨਿਕਲਨਾ ਅਤੇ ਰੋਡ ਸ਼ੋ ਕਰ ਫਿਰ ਕਿਤੇ ਦੁਬਕ ਜਾਣਾ ਕਾਂਗਰੇਸੀਆਂ ਦਾ ਕੰਮ ਹੈ । ਨਾਲ ਹੀ ਉਨ੍ਹਾਂਨੇ ਫੋਰ ਲੇਨ ਸੜਕਾਂ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਥਮਰਲ ਪਲਾਂਟਾਂ ਦੇ ਉਸਾਰੀ , ਸਿੱਖਿਆ , ਸਿਹਤ ਅਤੇ ਰੋਜਗਾਰ ਦੀ ਦਿਸ਼ਾ ਵਿੱਚ ਚੁੱਕੇ ਗਏ ਕਦਮਾਂ ਅਤੇ ਪ੍ਰਬੰਧਕੀ ਸੁਧਾਰਾਂ ਦੇ ਖੇਤਰ ਵਿੱਚ ਕੀਤੇ ਗਏ ਜੜ੍ਹਾਂ ਤੀਕ ਚੂਲ ਬਦਲਾਵਾਂ ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਵਿੱਚ ਪੂਰੇ ਮਾਮਲਾ ਰਿਕਾਰਡ ਨੂੰ ਕੰਪਿਊਟਰ ਉੱਤੇ ਆਨ ਲਾਈਨ ਕਰ ਦੇਣਾ , ਏਫਿਡੇਵਿਟ ਅਟੈਸਟ ਕਰਣ ਤੋਂ ਲੈ ਕੇ ਹਰ ਤਰ੍ਹਾਂ ਦੇ ਇੰਸਪੇਕਟਰ ਰਾਜ ਨੂੰ ਖਤਮ ਕਰਣ ਜਿਵੇਂ ਕਾਰਜ ਅਗਲੇ ਕੁੱਝ ਮਹੀਨੀਆਂ ਵਿੱਚ ਸਿਰੇ ਚੜ੍ਹੇ ਹੋਣਗੇ , ਜਿਨ੍ਹਾਂ ਨੂੰ ਜਨਤਾ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਰੱਖ ਕਿਹਾ ਜਾਵੇਗਾ ਕਿ ਹਮੇ ਵੋਟ ਦੋ ।
ਦਿਲਚਸਪ ਹੈ ਕਿ ਰੈਲੀ ਵਿੱਚ ਯੂਥ ਡਿਵੇਲਪਮੇਂਟ ਬੋਰਡ ਦੇ ਚੇਇਰਮੈਨ ਗੁਰਪ੍ਰੀਤ ਸਿੰਘ ਰਾਜੂ ਖੰਨਾ ਨੇ ਜਿੱਥੇ ਜਵਾਨ ਵਰਗ ਤੋਂ ਚੁਨਾਵਾਂ ਪਹਿਲਾਂ ਕੀਤੇ ਗਏ ਵਾਅਦੀਆਂ ਨੂੰ ਪੂਰਾ ਕਰਣ ਦੀ ਸੂਚੀ ਸਾਹਮਣੇ ਰੱਖੀ ਤਾਂ ਮੇਅਰ ਅਜੀਤਪਾਲ ਸਿੰਘ ਕੋਹਲੀ ਵਲੋਂ ਕਾਂਗਰਸ ਉੱਤੇ 1987 ਤੋਂ ਲੱਗਦੇ ਆ ਰਹੇ ਭ੍ਰਿਸ਼ਟਾਚਾਰ ਦੇ ਆਰੋਪਾਂ ਦਾ ਏਜੇਂਡਾ ਕੁੱਝ ਅਜਿਹਾ ਬਾਂਧਾ ਕਿ ਸਾਰੇ ਨੇਤਾਵਾਂ ਨੇ ਕਾਂਗਰਸ ਨੂੰ ਪੂਰੀ ਤਰ੍ਹਾਂ ਤੋਂ ਕਰਪਸ਼ਨ ਦੇ ਨਾਲ ਜੋੜ ਦਿੱਤਾ । ਇਸ ਕ੍ਰਮ ਵਿੱਚ ਪਾਰਟੀ ਮਹਾਸਚਿਵ ਅਤੇ ਪੂਰਵ ਸੰਸਦ ਪ੍ਰੋ . ਪ੍ਰੇਮ ਸਿੰਘ ਚੰਦੂਮਾਜਰਾ ਅਤੇ ਹਰਿੰਦਰ ਪਾਲ ਸਿੰਘ ਹੈਰੀ ਮਾਨ ਨੇ ਦਮਦਾਰ ਤਰੀਕੇ ਤੋਂ ਆਪਣੇ ਵਿਚਾਰ ਰੱਖੇ ।

ਭ੍ਰਿਸ਼ਟਾਚਾਰ ਅਤੇ ਵਿਕਾਸ ਦੋਨਾਂ ਹੋਣਗੇ ਮੁੱਦਾ : ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਭਾਜਪਾ

ਉਪਮੁੱਖ ਪੱਤਰ ਪ੍ਰੇਰਕ , ਪਟਿਆਲਾ
ਲਕਸ਼ਮੀ ਕਾਂਤਾ ਚਾਵਲਾ ਨੂੰ ਛੱਡ ਭਾਰਤੀਯ ਜਨਤਾ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਸਾਰੇ ਮੰਤਰੀਆਂ , ਸੰਸਦਾਂ , ਵਿਧਾਇਕਾਂ ਅਤੇ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਪੱਧਰ ਦੇ ਪਦਾਧਿਕਾਰੀਆਂ ਦੀ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਕਾਰਜ ਕਮੇਟੀ ਦੀ ਬੈਠਕ ਵਿੱਚ ਪਾਰਟੀ ਨੇਤਾਵਾਂ ਨੇ ਸਪੱਸ਼ਟ ਰੂਪ ਤੋਂ ਕਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਕਾਂਗਰਸ ਦਾ ਭ੍ਰਿਸ਼ਟਾਚਾਰ ਵਿਕਾਸ ਦੇ ਨਾਲ ਪ੍ਰਮੁੱਖ ਮੁੱਦਾ ਹੋਣ ਜਾ ਰਿਹਾ ਹੈ । ਪਾਰਟੀ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਬਿਹਾਰ ਵਿੱਚ ਹੋਏ ਚੁਨਾਵਾਂ ਦੇ ਬਾਅਦ ਹੁਣ ਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਹੋਣ ਵਾਲੇ ਹਰ ਇਲੇਕਸ਼ਨ ਦੀ ਦਿਸ਼ਾ ਤੈਅ ਹੋ ਗਈ ਹੈ । ਘੱਟ ਪੜੇ ਲਿਖੇ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਜੇਕਰ ਲੋਕ ਜਾਤੀਵਾਦ ਤੋਂ ਉਪਰ ਉਠ ਕਰ ਵਿਕਾਸ ਦੇ ਨਾਮ ਉੱਤੇ ਵੋਟ ਪਾ ਸੱਕਦੇ ਹੈ , ਤਾਂ ਪੰਜਾਬ ਕਿਉਂ ਨਹੀਂ । ਪਾਰਟੀ ਦਾ ਕਹਿਣਾ ਹੈ ਕਿ ਕਾਂਗਰਸ ਮੰਹਿਗਾਈ ਉੱਤੇ ਵੀ ਠੁਕੀ ਹੈ , ਅਜਿਹੇ ਵਿੱਚ ਕਾਂਗਰਸ ਦੇ ਕੋਲ ਕੋਈ ਮੁੱਦਾ ਨਹੀਂ ਹੈ । ਇਸਦੇ ਸਟਾਰ ਕੰਪੇਨਰ ਅਸਫਲ ਹੋ ਚੁੱਕੇ ਹੈ ।
ਉਥੇ ਹੀ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਸ਼ਵਨੀ ਸ਼ਰਮਾ ਨੇ ਸੇਹਤ ਮੰਤਰੀ ਲਕਸ਼ਮੀ ਕਾਂਤਾ ਚਾਵਲਾ ਦੇ ਨੇ ਆਉਣ ਅਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਉੱਤੇ ਲੱਗੇ ਆਰੋਪਾਂ ਦਾ ਖੁੱਲ ਕਰ ਬਚਾਵ ਕੀਤਾ ਤਾਂ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਪ੍ਰਭਾਰੀ ਕੈਪਟਨ ਅਭਿਮਨਿਉ ਨੇ ਕਰਮਚਾਰੀਆਂ ਨੂੰ ਕਿਹਾ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਜ਼ਮੀਨੀ ਪੱਧਰ ਉੱਤੇ ਲੋਕਾਂ ਦੇ ਕੋਲ ਜਾ ਕਰ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਵਿੱਚ ਗੰਢ-ਜੋੜ ਸਰਕਾਰ ਵਲੋਂ ਕੀਤੇ ਗਏ ਵਿਕਾਸ ਕਾਰਜ ਦੱਸੀਏ ਅਤੇ ਕਹੋ ਕਿ ਅਖੀਰ ਕਿਉਂ ਉਨ੍ਹਾਂਨੂੰ ਵੋਟ ਦਿੱਤੇ ਜਾਓ ।
ਪੰਜਾਬ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਸ਼ਵਿਨੀ ਸ਼ਰਮਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ 2 - ਜੀ ਸਪੈਟਰਮ ਗੜਬੜੀ ਹੁਣ ਤੱਕ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਬਹੁਤ ਗੜਬੜੀ ਹੈ , ਜਿਨ੍ਹੇ ਸਮੁੱਚੇ ਦੇਸ਼ ਨੂੰ ਸਥਿਰ ਕਰ ਦਿੱਤਾ ਹੈ ਕਿ ਕੋਈ ਇੱਕ ਵਿਅਕਤੀ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਕੁਲ ਬਜਟ ਦਾ ਇੱਕ ਚੌਥਾਈ ਹਿੱਸਾ ਡਕਾਰ ਸਕਦਾ ਹੈ । ਕਾਂਗਰਸ ਨੂੰ ਚਾਹੀਦਾ ਹੈ ਕਿ ਉਹ ਇਸ ਭ੍ਰਿਸ਼ਟਾਚਾਰ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਦੀ ਜਾਂਚ ਸੰਯੁਕਤ ਸੰਸਦੀ ਕਮੇਟੀ ਤੋਂ ਕਰਵਾ ਕਰ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਸਾਹਮਣੇ ਸੱਚ ਪਰਗਟ ਕਰੇ । ਬੈਠਕ ਦੇ ਬਾਅਦ ਆਜੋਜਿਤ ਪੱਤਰ ਪ੍ਰੇਰਕ ਸਮੇਲਨ ਦੇ ਮੌਕੇ ਉੱਤੇ ਉਨ੍ਹਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਮਕਾਮੀ ਨਿਕਾਏ ਵਿਭਾੱਚ ਦੇ ਮੰਤਰੀ ਮਨੋਰੰਜਨ ਕਾਲਿਆ , ਟਰਾਂਸਪੋਰਟ ਮੰਤਰੀ ਮਾਸਟਰ ਮੋਹਨ ਲਾਲ , ਮੁੱਖ ਸੰਸਦੀ ਸਕੱਤਰ ਰਾਜ ਖੁਰਾਨਾ ਸਮੇਤ ਹੋਰ ਕਈ ਉੱਤਮ ਨੇਤਾ ਮੌਜੂਦ ਰਹੇ । ਅਸ਼ਵਿਨੀ ਸ਼ਰਮਾ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਪਾਰਟੀ ਦੇ ਵੱਲੋਂ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਪੂਰਵ ਪ੍ਰਧਾਨਮੰਤਰੀ ਅਟਲ ਬਿਹਾਰੀ ਵਾਜਪਾਈ ਦੇ ਜਨਮ ਦਿਨ ਮੌਕੇ ਗਰੀਬ ਪੰਚਾਇਤ ਪਰੋਗਰਾਮ ਆਜੋਜਿਤ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਹੈ । ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਭਾਜਪਾ 25 ਦਿਸੰਬਰ ਨੂੰ 94 ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ ਇਸ ਦਿਨ ਇੱਕ - ਇੱਕ ਪਰੋਗਰਾਮ ਆਜੋਜਿਤ ਕਰੇਗੀ ਜਦੋਂ ਕਿ 23 ਵਿਧਾਨ ਸਭਾ ਖੇਤਰਾਂ ਵਿੱਚ 69 ਪਰੋਗਰਾਮ ਆਜੋਜਿਤ ਕੀਤੇ ਜਾਣਗੇ । ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਜਿੱਥੇ ਕੇਂਦਰ ਦੀ ਯੂ . ਪੀ . ਏ ਸਰਕਾਰ ਦੁਆਰਾ ਕੀਤੇ ਜਾ ਰਹੇ ਘੋਟਾਲੋਂ ਅਤੇ ਮਹਿੰਗਾਈ ਦੇ ਬਾਰੇ ਜਾਗਰੂਕ ਕੀਤਾ ਜਾਵੇਗਾ ਉਥੇ ਹੀ ਗੰਢ-ਜੋੜ ਸਰਕਾਰ ਦੇ ਵਿਕਾਸ ਕੰਮਾਂ ਦੀ ਜਾਣਕਾਰੀ ਦਿੱਤੀ ਜਾਵੇਗੀ ।
ਇਸ ਮੌਕੇ ਰਾਜ ਦੇ ਮਕਾਮੀ ਨਿਕਾਏ ਮੰਤਰੀ ਮਨੋਰੰਜਨ ਕਾਲਿਆ ਨੇ ਕਿਹਾ ਕਿ ਕਾਂੱਚਰੇਸ ਭਰਸ਼ਟਾਚਾਰੋਂ ਦਾ ਟੋਲਿਆ ਹੈ ਅਤੇ ਇਹ ਸ਼ੁਰੂ ਤੋਂ ਹੀ ਭ੍ਰਿਸ਼ਟਾਚਾਰ ਕਰਦੀ ਆ ਰਹੀ ਹੈ । ਜਵਾਹਰ ਲਾਲ ਨੈਹਰੂ ਦੇ ਸਮੇਂ ਜੀਪ ਸਕੈਂਡਲ , ਇੰਦਰਾ ਗਾਂਧੀ ਦੇ ਸਮੇਂ ਨਾਗਰਾਪਾੜਾ ਗੜਬੜੀ , ਰਾਜੀਵ ਗਾਂਧੀ ਦੇ ਸਮੇਂ ਬੋਫਰਸ ਗੜਬੜੀ , ਨਰਸਿੰਹਾ ਰਾਵ ਦੇ ਸਮੇਂ ਹਰਸ਼ਦ ਮੇਹਿਤਾ ਅਤੇ ਦੁਰਸੰਚਾਰ ਗੜਬੜੀ ਜਦੋਂ ਕਿ ਹੁਣ ਡਾ . ਮਨਮੋਹਣ ਙਕਸ਼ਸਹ ਦੇ ਸਮੇਂ ਸਭ ਤੋਂ ਬਹੁਤ 1 ਲੱਖ 76 ਹਜਾਰ ਕਰੋਡ਼ ਦਾ 2 - ਜੀ ਸਪੈਕਟਰਮ ਗੜਬੜੀ ਹੋਇਆ ਹੈ । ਇਸ ਮੌਕੇ ਭਾਜਪਾ ਦੇ ਪ੍ਰਦੇਸ਼ ਭਾਜਪਾ ਸਕੱਤਰ ਜਗਦੀਪ ਙਕਸ਼ਸਹ ਸੋੜੀ , ਪੰਜਾਬ ਟਰੇਡਰਸ ਬੋਰਡ ਦੇ ਡਾਇਰੇਕਟਰ ਭੁਪੇਸ਼ ਅੱਗਰਵਾਲ , ਸੀਨਿਅਰ ਡਿਪਟੀ ਮੇਅਰ ਅਨਿਲ ਬਜਾਜ਼ , ਮੋਰਚੇ ਦੇ ਰਾਜਕੁਮਾਰ ਪਾਠੀ , ਜਿਲਾ ਪ੍ਰਧਾਨ ਅਰੂਣ ਗੁਪਤਾ , ਚੌਧਰੀ ਜਗਦੀਸ਼ ਰਾਏ , ਰਮਣ ਸ਼ਰਮਾ , ਵੀਰੇਂਦਰ ਖੰਨਾ ਦੇ ਇਲਾਵਾ ਜਿਲਾ ਭਾਜਪਾ ਦੇ ਸਾਰੇ ਨੇਤਾ ਮੌਜੂਦ ਰਹੇ ।ਠਾ

गठबंधन चुनावी मूड में, भ्रष्टïचार हुआ प्रमुख मुद्दा

विकास व सुधार भी होंगे एजेंडे पर : सुखबीर

भूपेश चट्ठा, पटियाला
मनप्रीत बादल की जागो पंजाब यात्रा और कांग्रेस के प्रदेश प्रधान बने कैप्टन अमरिंदर सिंह के रोड शो के अगले ही सप्ताह में शिरोमणि अकाली दल भारतीय जनता पार्टी गठबंधन भी चुनावी मूड में आ गया है और वो पूरे दमखम के साथ। गठबंधन ने ठीक तेरह महीने बाद लगने वाली आदर्श चुनाव संहिता से पहले एक तरह से विधानसभा चुनावों के लिए अपने प्रचार अभियान का बिगुल भी कैप्टन अमरिंदर सिंह के गृह नगर पटियाला से बजा दिया है।
अकाली दल ने आज जहां जन जागरण अभियान के तहत कार्यकर्ताओं की रैली रूपी बैठक की है वहीं भाजपा ने प्रदेश कार्य समिति की बैठक का आयोजन कर कार्यकर्ताओं को अगले चुनावों के लिए तैयार होने को कह दिया है। अकाली दल की बैठक में कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और घोटालों को लेकर आरोपों की कुछ ऐसी झड़ी लगाई कि आने वाले चुनावों के लिए यह भी लगभग तय हो गया कि भ्रष्टाचार प्रमुख मुद्दा होगा। हालांकि पार्टी प्रधान व उपमुख्य मंत्री सुखबीर सिंह बादल का इस पर कहना है कि भ्रष्टाचार ठीक है पर चुनाव राज्य में हुए विकास और प्रशासनिक सुधारों को सामने रख कर लड़े जाएंगे।
चुनावी रंग में जल्दी आने के सवाल पर उपमुख्य मंत्री कहते है कि अकाली दल फुल टाइम पार्टी है, कांग्रेस की तरह सीजन में बाहर निकलने वाले नहीं है, अकाली दल में लोगों से मिलने मिलाने का सिलसिला सारा साल चलता रहता है। तीन चार साल बाद किसी बिल में से निकलना और रोड शो कर फिर कहीं दुबक जाना कांग्रेसियों का काम है। साथ ही उन्होंने फोर लेन सड़कों से लेकर थमर्ल प्लांटों के निर्माण, शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार की दिशा में उठाए गए कदमों और प्रशासनिक सुधारों के क्षेत्र में किए गए आमूल चूल बदलावों जिनमें पूरे राजस्व रिकार्ड को कंप्यूटर पर आन लाईन कर देना, एफिडेविट अटैस्ट करने से लेकर हर तरह के इंस्पेक्टर राज को खत्म करने जैसे कार्य अगले कुछ महीनों में सिरे चढ़े होंगे, जिन्हें जनता के सामने रख कहा जाएगा कि हमे वोट दो।
दिलचस्प है कि रैली में यूथ डिवेलपमेंट बोर्ड के चेयरमैन गुरप्रीत सिंह राजू खन्ना ने जहां युवा वर्ग से चुनावों पहले किए गए वायदों को पूरा करने की सूची सामने रखी तो मेयर अजीतपाल सिंह कोहली की ओर से कांग्रेस पर 1987 से लगते आ रहे भ्रष्टाचार के आरोपों का एजेंडा कुछ ऐसा बांधा कि सभी नेताओं ने कांग्रेस को पूरी तरह से करप्शन के साथ जोड़ दिया। इसी क्रम में पार्टी महासचिव व पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा और हरिंदर पाल सिंह हैरी मान ने दमदार तरीके से अपने विचार रखे।

भ्रष्टाचार और विकास दोनों होंगे मुद्दा: प्रदेश भाजपा

उपमुख्य संवाददाता, पटियाला
लक्ष्मी कांता चावला को छोड़ भारतीय जनता पार्टी के सभी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों व प्रदेश स्तर के पदाधिकारियों की प्रदेश कार्य समिति की बैठक में पार्टी नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कांग्रेस का भ्रष्टाचार विकास के साथ प्रमुख मुद्दा होने जा रहा है। पार्टी का कहना है कि बिहार में हुए चुनावों के बाद अब देश में होने वाले हर इलेक्शन की दिशा तय हो गई है। कम पढ़े लिखे लोगों के प्रदेश में अगर लोग जातिवाद से उपर उठ कर विकास के नाम पर वोट डाल सकते है, तो पंजाब क्यों नहीं। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस मंहगाई पर भी पिटी है, ऐसे में कांग्रेस के पास कोई मुद्दा नहीं है। इसके स्टार कम्पेनर असफल हो चुके है।
वहीं अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने सेहत मंत्री लक्ष्मी कांता चावला के ना आने व उन पर लगे आरोपों का खुल कर बचाव किया तो प्रदेश प्रभारी कैप्टन अभिमन्यु ने कार्यकर्ताओं से कहा है कि वे जमीनी स्तर पर लोगों के पास जा कर प्रदेश में गठबंधन सरकार की ओर से किए गए विकास कार्य बताएं और कहें कि आखिर क्यों उन्हें वोट दिए जाएं।
पंजाब प्रधान अश्विनी शर्मा ने कहा कि 2-जी स्पैट्रम घोटाला अब तक का सब से बड़ा घोटाला है, जिसने समूचे देश को स्तब्ध कर दिया है कि कोई एक व्यक्ति देश के कुल बजट का एक चौथाई हिस्सा डकार सकता है। कांग्रेस को चाहिए कि वह इस भ्रष्टाचार के मामले की जांच संयुक्त संसदीय समिति से करवा कर देश के सामने सच उजागर करे। बैठक के बाद आयोजित संवाददाता सम्मेलन के अवसर पर उनके साथ स्थानीय निकाय विभाच्च् के मंत्री मनोरंजन कालिया, ट्रांस्पोर्ट मंत्री मास्टर मोहन लाल, मुख्य संसदीय सचिव राज खुराना समेत अन्य कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। अश्विनी शर्मा ने कहा कि पार्टी की तरफ से देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म दिवस मौके गरीब पंचायत कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश भाजपा 25 दिसंबर को 94 विधान सभा क्षेत्रों में इस दिन एक-एक कार्यक्रम आयोजित करेगी जबकि 23 विधान सभा क्षेत्रों में 69 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। लोगों को जहां केंद्र की यू.पी.ए सरकार द्वारा किए जा रहे घोटालों और महंगाई के बारे जागरूक किया जाएगा वहीं गठबंधन सरकार के विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी।
इस मौके राज्य के स्थानीय निकाय मंत्री मनोरंजन कालिया ने कहा कि कांच्च््रेस भ्रष्टाचारों का टोला है और यह शुरू से ही भ्रष्टाचार करती आ रही है। जवाहर लाल नैहरू के समय जीप स्कैंडल, इंदिरा गांधी के समय नागरापाड़ा घोटाला, राजीव गांधी के समय बोफर्स घोटाला, नरसिम्हा राव के समय हर्षद मेहता व दुरसंचार घोटाला जबकि अब डॉ. मनमोहन ङ्क्षसह के समय सब से बड़ा 1 लाख 76 हजार करोड़ का 2-जी स्पैकट्रम घोटाला हुआ है। इस मौके भाजपा के प्रदेश भाजपा सचिव जगदीप ङ्क्षसह सोढ़ी, पंजाब ट्रेडर्स बोर्ड के डायरेक्टर भुपेश अग्रवाल, सीनियर डिप्टी मेयर अनिल बजाज, मोर्चे के राजकुमार पाठी, जिला प्रधान अरूण गुप्ता , चौधरी जगदीश राय, रमण शर्मा, वीरेन्द्र खन्ना के अलावा जिला भाजपा के सभी नेता मौजूद रहे।