Wednesday, 9 March 2011

एईटीसी ने कानून पढ़ाया तो भूपेश अग्रवाल ने राजनीति

-व्यापारियों ने कहा भ्रष्ट अफसरों का क्या करें, अधिकारी कहते टेक्स चोरी रोकी जाए

भूपेश चट्ठा  पटियाला

फोकल प्वाइंट इंडस्ट्रीज ऐसोसिएशन की ओर से आबकारी एंव कराधान विभाग और नगर निगम पटियाला के अधिकारियो के साथ रखे गए रूबरू कार्यक्रम में जहां व्यापारियों ने अपने दुखड़े सुना रियायतों की मांग की वहीं अधिकारियों ने किसी तरह की रियायतें देने में तो खुद को तकनीकि रूप से अस्मर्थ बताया अलबत्ता इतना आश्वासन जरूर दे दिया कि किसी व्यापारी के साथ धक्का होता है तो वह अथवा ऐसोसिएशन सीधा संपर्क कर सकती है।

ऐसोसिएशन के वरिष्ठ नेता सुरिंदर मित्तल की ओर से आयोजित किए गए इस कार्यक्रम में इंडस्ट्री डिवेलपमेंट बोर्ड के सदस्य एसडी भरत व्यापारियों व उद्योगपतियों की की समस्याएं रखते हुए कहा कि कई बार उन पर टेक्स के साथ पेनल्टी सिर्फ इस लिए थोप दी जाती है क्योंकी अधिकारी ने या तो टारगेट पूरा करना होता है या व्यापारी की फाईल उसके सामने खुल गई होती है। जबकि छोटे परिवार में रह रहा आज का व्यापारी कागजी कार्यवाई करने में अपना अधिक समय नहीं निकाल पाता और आए दिन कानून बदल रहे है।

वहीं बिक्री कर विभाग की ओर से अपनी पूरी टीम के साथ आए सहायक आबकारी एंव कराधान आयुक्त एचपीएस गिहोत्रा ने पूर्ण रूप से कानूनी ज्ञान का पाठ पढ़ाते हुए बताया कि वेट जैसे कानून लागू होने के बाद कई साल सरकार ने व्यापारियों पर पूरा भरोसा कर उनसे पूरा टेक्स भरे जाने की उम्मीद की लेकिन ऐसा नहीं हुआ तो सख्ती करनी पड़ी। और ये जरूरी भी है कि जिस सरकार से वेतन लिया जा रहा है उस प्रति वफादारी निभाते हुए टेक्स की चोरी को पकड़े। यदि टेक्स चोरी अब भी नहीं रुकती तो और सख्ती होगी और मामले भी दर्ज करवाए जाएंगे। वहीं एईटीसी गिहोत्रा ने आश्वस्त किया कि नाहक ही किसी पर पैनल्टी नहीं लगाई जाएगी और यदि उनका कोई कर्मी अथवा अधिकारी गड़बड़ करता है तो वे उस पर भी कड़ी कार्यवाई करेंगे। सिर्फ उन्हें एक एसएमएस कर दिया जाए, शिकायतकर्ता का नाम भी गुप्त रखा जाएगा।

वहीं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आबकारी एंव कराधान बोर्ड के डायरेक्टर भूपेश अग्रवाल ने पूरी तरह से व्यापारी वर्ग का पक्ष लेते हुए कहा कि व्यापारियों को आए दिन अधिकारियों के हाथों जलील होना पड़ता है। इसे बर्दाशत नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चाहे वे सरकार में है लेकिन अपनी कार में दरी लेकर चलते है, जहां कहीं भी व्यापरी वर्ग के साथ अन्याय देखेंगे वहीं धरना देने को तैयार है। इंप्रूवमेंट ट्रस्ट नाभा के चेयरमैन भूपेश अग्रवाल कहते है कि विभाग उन दो चार फीसदी गलत काम करने वालों की आड़ में पूरे उस समुदाय को बदनाम कर जलील नहीं कर सकता, जिसके दिए कर की वजह से अधिकारी मोटी तनख्वाह पाते है और सारा सिस्टम चल रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि जिस तरह से व्यापारियों की शिकायतें अधिकरियों के पास आई होंगी वेसे ही उनके पास भी अधिकारियों के खिलाफ लंबी फैहरिस्त है। हालांकि अंतत: इस बात पर सहमति भी बन गई कि व्यापारियों को बिना मतलब उलझाया नहीं जाएगा और भ्रष्ट अधिकारियों खिलाफ भी कारवाई होगी।

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