-पत्र लिख हिंदू वेलफेयर बोर्ड से कहा मामला वापिस लें
-आरटीआई से हुआ खुलासा किसी भी मामले में अब तक कोई ग्रिफतारी नहीं हुईभूपेश चट्ठा, पटियाला
आज से करीब एक साल एक महीना पहले अमेरिका में ईसा मसीह के चित्र का अपमान करने पर पंजाब के बटाला शहर में दो समुदायों के बीच भड़के दंगों में सार्वजनिक व निजी संपति को हुए लाखों के नुकसान और पांच मामलों में नामजद एफआईआर होने के बावजूद आज तक किसी की ग्रिफतारी नहीं हुई है और भारतीय जनता पार्टी के बटाला से विधायक दंगाईयों के पक्ष में आ गए है।
'दैनिक जागरण' के पास मौजूद पत्र में भाजपा के विधायक जगदीश राज साहनी की ओर से बटाला को बेहद संवेदनशील शहर बता कर कहा गया है कि शहर के भीतरी हिस्सा हिंदु बहुल है तो बाहरी ईसाई बहुल है। उक्त घटना के बाद दोनों समुदाय शांति से रह रहे है। बटाला का जनप्रतिनिधि होने के नाते हिंदु वेलफेयर बोर्ड से प्रार्थना की गई है कि वो भविष्य के सोहार्द को ध्यान में रखते हुए मामले को वापिस ले लें। यह भी लिखा है कि दंगाइयों की ओर सार्वजनिक प्रापर्टी को नुकसान पहुंचाए जानी की जांच चल रही है जब तक निपट ना जाए तब तक कानूनी कारवाई ना की जाए।
उधर हिंदुओं के लिए इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे बोर्ड के पंजाब के चेयरमैन महंत रविकांत की ओर से सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए है। बटाला सिटी थाने में बीते साल 20 फरवरी को दर्ज मामले में कोई गवाही नहीं, कोई ग्रिफतार नही। ऐसे ही डेरा बाबा नानक थाने में सही दोष नामजद ना होने के चलते चालान ही तैयार नहीं हुआ। घणीए के बांगर थाने में दर्ज 14 नंबर एफआईआर के भी हालात ऐसे ही है। जबकि यहां 15 नंबर एफआईआर में दोषियों की तलाश जारी है।महंत रविकांत का कहना है कि सरकार ने एक ओर चर्च को हुए मामूली नुकसान पर लाखों खर्च कर पूर्ण जिर्णोद्वार करवा दिया, ईसाइयों को मुआवजे बांटे गए जबकि निजी प्रापर्टी का नुकसान झेलने वाले एक भी हिंदु को मुआवजा नहीं मिला है।
वहीं जगदीश राज साहनी का कहना है कि सारा आंदोलन उनके प्रयास से समाप्त हुआ था और अब उनका फर्ज बनता है कि आगे भी सदभाव बना रहे। रही बात पुलिस की ओर से मामले दर्ज किए जाने की तो पुलिस ने निर्दोष लोगों को ही फंसाया है। प्रापर्टी नुकसान पर वे कहते है कि उनके पादरी ने माफी तक तो मांग ली है। साथ ही विधायक कहते है कि वे भाजपा से जरूर है पर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते है और भाजपा के दरवाजे हिंदुओं के अलावा अन्य धर्मों के लोगों के लिए भी खुले है।
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