Thursday, 17 March 2011

निजी जमीन की बोली करवाई इंप्रूवमेंट ट्रस्ट ने! improvement trust, auction, property dispute


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-एसएसटी नगर में बोली दौरान मालिक ने मंच से रजिस्ट्री दिखा किया दावा
-इंजीनियरिंग विभाग की रिपोर्ट के बाद ही निलामी करवाई है: चेयरमैन
भूपेश चट्ठा, पटियाला
'इंप्रूवमेंट ट्रस्ट' अथवा 'नगर सुधार न्यास' कुछ ऐसे शब्द हैं जिनमें विश्वास और सुधार को काफी प्रमुखता दी जाती है, लेकिन आज एसएसटी नगर में विकास योजना सुदंर नगर के लिए हुई बोली में विश्वास कम और शक ज्यादा पैदा कर दिया। आरोप है कि ट्रस्ट ने निजी अधिकार वाली जमीन के 400 गज के एक टुकड़े को भी अपनी बोली में शामिल कर निलाम कर दिया, जिसकी बाकायदा रजिस्ट्री हो चुकी है।
बोली शुरू होने से ठीक पहले उक्त प्लाट का मालिक नीलामी स्थल पर आ पहुंचा और ट्रस्ट के चेयरमैन इंद्रमोहन सिंह बजाज को सारे मामले की जानकारी दी। इस पर बजाज ने उन्हें एक अधिकारी विशेष से बात करने की सलाह दी। एक ओर अधिकारियों ने निलामी प्रक्रिया जारी रखी तो दूसरी ओर उन्हें ट्रस्ट कार्यालय में आने को कह दिया।
इसके तुरंत बाद मौके पर ही प्लाट के मालिक होने का दावा करने वालों ने मंच से ही रजिस्ट्री हाथ में लहराते हुए घोषणा कर दी की वे ही जमीन के उक्त टुकड़े के मालिक है और अगर कोई प्लाट खरीदता है तो हर्जाने प्रति वो खुद जिम्मेदार होगा। ट्रस्ट के बोली नहीं रोकने की स्थिति में कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। प्लाट की पावर ऑफ अटार्नी रखने वाले संजीव वालिया दस्तावेज दिखा दावा करते है कि 1968 में पुराने प्लाट न. 94 का मुख्तयार नामा ओमप्रकाश पुत्र सुंदरलाल के नाम था जिससे उन्होंने प्लाट खरीदा और 1971 में रजिस्ट्री भी करवाई। एसएसटी नगर की 33 फुटी रोड पर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के नए नंबरों 27, 27ए, 27बी और 28 में उनकी जमीन का हिस्सा आ रहा है। बीती रात ही नीलामी की हो रही घोषणा के दौरान उन्हें अहसास हुआ तो भागदौड़ शुरू हो गई।
संजीव वालिया बताते है कि उनके पास खसरा न. 5385/2486/2435/1072 में 400वर्ग गज का टुकड़ा खेवट न. 603 खतोली न. 1334 श्रीमति गीता के नाम है आर इसकी पावर ऑफ अटार्नी उनके पास है। वालिया का आरोप है कि सरकार का काम लोगों के जानमाल और जमीन जायदाद की सुरक्षा करना है ना की जमीन छीन कर निलाम कर देना। वे न्यायालय की शरण में जा रहे है।
वहीं ट्रस्ट के चेयरमैन इंद्रमोहन सिंह बजाज से इस संबंध मे कहते हैं कि ट्रस्ट ऐसे ही किसी की जमीन नीलाम नहीं कर देता। इंजीनियरिंग विभाग से रिपोर्ट आती है। इसके बाद ही पूरी जांच के बाद जमीन की नीलामी की जाती है। अगर किसी को शिकायत है तो उनके पास आ सकता है।  
 
ठंडा रहा बोली का रिसपांस
निज संवाददाता, पटियाला
नगर सुधार ट्रस्ट की और से रिहायशी व व्यापारिक प्लाटों की बोली में करीब साढ़े चार करोड़ रुपये कमाए। बोली के दौरान लोगों में अधिक उत्साह देखने को नही मिला क्योंकि करीब साढ़े तीन दर्जन जगहों में से करीब एक दर्जन ही बोली में बिक पाए।
नगर सुधार ट्रस्ट की और से शहर के महाराजा यादविंद्रा एन्क्लेव, शहीद सेवा सिंह ठीकरी वाला नगर, शहीद सेवा सिंह ठीकरीवाला नगर (सुंदर नगर) विकास स्कीम ट्रांसपोर्ट नगर, विकास नगर सेंटर व्यापारिक जगह के करीब साढ़े तीन दर्जन जायदादों को बोली से नीलाम करने था। नगर सुधार ट्रस्ट में चेयरमैन इंद्रमोहन सिंह बजाज, कार्यकारी अधिकारी गुरिंदर सिंह सोढ़ी, भाजपा नेता अरुण गुप्ता के अलावा अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में बोली करवाई गई। बोली के दौरान महाराजा यादविंदरा एन्क्लेव की व्यापारिक जगह 121 वर्ग गज में बनी जगह को 75 लाख में खरीदा गया जबकि रिर्जव कीमत 45 लाख 59 हजार रुपये रखी गई थी।  

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