-नगर परिषद की हैरीटेज बिल्डिंग को तोड़ बनाए कामर्शियल कांपलेक्स में लोगों को दिलचस्पी नहीं
-सात सालों बाद भी नहीं बसी 29 में से 23 दुकानें
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भूपेश चट्ठा, पटियाला
शहर के बीचों बीच स्थित बड़े ही चाव से शहर को एक ओर शापिंग माल देने के उद्वेश्य से बनाया गया मिड टाउन प्लाजा आज मात्र सफेद हाथी बन कर रह गया है। बिल्डिंग में बनी दुकानों की तीन बार नीलामी के प्रयास के बावजूद मात्र बीस फीसदी दुकानें ही बेची जा सकी हैं।
एतिहासिक शहर पटियाला के जिस धर्मपुरा बाजार में मिड टाउन प्लाजा का निर्माण वर्ष 2005 में करवाया गया वहां चहल पहल अथवा ग्राहकी के मामले में कोई कमी नहीं है, इसी मार्केट के सामने और आस पास बने कई शो रूम अपनी दिनचर्या भली प्रकार चला रहे हैं। पर इस बाजार की ये दुकानें संभावित रूप से किसी 'ग्रहणÓ से प्रभावित होकर गई हैं।
मिड टाउन प्लाजा की दुकानों के संदर्भ में इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन इंद्र मोहन सिंह बजाज कहते हैं कि तीन बार कोशिश की गई पर रिसपांस नहीं आया, कई बार किस्मत की बात भी होती है कि प्रयासों के बावजूद भी कुछ चीजें नहीं बिक पाती। वे स्वीकार करते हैं कि धरती के भी अपने भाग होते हैं।
दिलचस्प है कि रियासती काल के स्थानीय प्रशासन व आजादी के बाद के पंजाब की नगर पालिका की हैरीटेज बिल्डिंग को तोड़ बनाए कामर्शियल कांपलेक्स में लोगों को दिलचस्पी क्यों नहीं है इस पर तो कोई कुछ नहीं बता पाता, लेकिन इतना अवश्य है कि बिल्डिंग के निमार्ण से पहले किए गए सर्वे में कमी जरूर रह गई। संभव है कि होम वर्क सही ढ़ंग से ना होने की वजह से प्रोजेक्ट कामयाब नहीं रहा।
सात साल पहले बनी मिड टाउन प्लाजा में करीब छह करोड़ की लागत से 29 दुकानें बनाई गई, इनमें से 23 दुकानें आज भी खाली हैं। रौनक के नाम पर लगभग जीरो का आंकड़ा ही सामने आता है। अब तक की तीन बोलियों में बिकी छह दुकानों से आमदन 50 से 60 रूपये के बीच ही रही।
इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन बजाज बताते हैं कि शहर के बीच शापिंग माल की तर्ज पर बने इस प्लाजा में पार्किंग के अलावा बेसमेंट में पार्किंग, डबल लिफ्ट जैसी हर बड़ी सुविधा है और आज के समय में बीस लाख रूपये में एक बड़ी दुकान बाजार में मिलती कहां है। हालांकि इंद्र मोहन बजाज कांग्रेस कार्यकाल में बने प्लाजा की दुकानें ना बिकने पर हताश अब भी नहीं हैं। वे कहते हैं कि राच्य की सत्ता पर एक बार फिर शिरोमणि अकाली दल भारतीय जनता पार्टी की सरकार आएगी और वे फिर प्रयास करेंगे।