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Tuesday, 31 January 2012

दो धनाड्डों ने बनाया समाना को अति महत्वपूर्ण सीट, punjab election, samana, constituency,


  विधान सभा क्षेत्र :-समाना
कांग्रेस-रणइंद्र सिंह
शिअद-भाजपा-सुरजीत सिंह रखड़ा
 वोटर:-एक लाख 51 हजार 560

भूपेश चट्ठा, पटियाला
पंजाब में विधान सभा चुनावों की बात होती है तो अक्सर मुख्यमंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश प्रधानों के ही क्षेत्र चर्चित व प्रतिष्ठित की श्रेणी में आते हैं, लेकिन पटियाला, लंबी, गिदड़बाहा और लहरगागा की कड़ी में अगला नाम समाना का जुड़ गया है। यहां पर दो धनाड्ड आमने सामने है।
एक ओर प्रदेश कांग्रेस के प्रधान व पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पुत्र युवराज रणइंद्र सिंह है तो उनके सामने शिरोमणि अकाली दल के सुरजीत सिंह रखड़ा है अपने एनआरआई कनेक्शन और मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के करीब 13 सालों से करीबी रिश्तों के चलते नाम कमा चुके हैं।
े समाना क्षेत्र में वोटरों की संख्या में चाहे एक लाख से च्यादा की कटौती हो गई हो लेकिन यहां पर निर्णायक भूमिका एक बार फिर डेरे के ही वोट निभा सकते है, हालांकि इस बार वे किस ओर करवट भरेंगे अभी तक तय नहीं है। इसके अलावा पटियाला शहर के 22 वार्ड यहां से बाहर हो गए हैं और समाना शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र ही अधिक है।
दिलचस्प है कि प्रदेश में अब तक बनी हाल की सभी सरकारों में समाना से चुना गया विधायक विपक्ष में ही बैठता रहा है। यहां कि जनता जिसे अपना फतवा देती है प्रदेश की शेष जनता उस पार्टी को नकारती रही है। एक बार जगतार सिंह राजला के समय संयोग बदला तो वे जत्थेदार टोहड़ा के नेतृत्व में अकाली-भाजपा सरकार से अलग हो गए।

सुरजीत सिंह रखड़ा
ताकत:-
दस सालों से क्षेत्र के लोगों के सीधे संपर्क में, ग्रामीण क्षेत्र का टकसाली अकाली वोट बैंक, पार्टी में अब विरोध नहीं, सभी विरोधी अन्य क्षेत्रों में एडजस्ट, परीसीमन के बाद डकाला क्षेत्र से टूट कर आए 52 गांव अकाली बहुल माने जाते हैं, पटियाला शहर का त्रिपड़ी क्षेत्र का निकल जाना, 30 करोड़ खर्च कर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से, सीवरेज, सड़क, अस्पताल, कालेज के बहुप्रतिक्षित काम निपटाए।                              
कमजोरी:-
पूर्व में किए गए वायदे और लोगों की उम्मीदों का खासा च्यादा होना, परंपरागत अकालियों का परंपरागत दबंगई राजनीति ना कर पाना, शहरी हिंदू वोटों पर लिबरल चेहरे के बावजूद पकड़ ना बना पाना।
किन मुद्दों पर लड़ रहे हैं:-
वर्तमान सरकार की ओर से किए गए विकास कायों के अलावा, क्षेत्र में रोजगार बढ़वाने और मौजूदा इंडस्ट्री को पिछड़े क्षेत्र के लाभ दिलवाने फोकल प्वाइंट बनवाना

रणइंद्र सिंह:
ताकत:-
युवा पढ़ा लिखा चेहरा, आधुनिक विचार, सरकार आने पर सत्ता में सीधा हस्तक्षेप, केंद्र में मां परनीत कौर के पास महत्वपूर्ण मंत्रालय, सियासत में परिवार दशकों से लोगों के संपर्क में है, तीन बार की सांसद मां का समाना विधान सभा क्षेत्र से हमेशा लीड लेना, पिता का क्षेत्र से निर्विरोध विधायक बनना। शाही परिवार का अपना ग्लैमर, नया चेहरा खुलकर किसी का विरोध नहीं, नए लोगों को जोडऩे की क्षमता
 
कमजोरी:-
प्रचार में देरी से लगना, क्षेत्र में लोगों से सीधा परिचय ना होना, ग्रामीण भौगोलिक क्षेत्र से अनभिज्ञता, बठिंडा के पुराने नेटवर्क पर अधिक निर्भरता, अकाली दल छोड़ कर आए नेताओं पर प्रचार के लिए च्यादा निर्भर होना, पिछले दो चुनावों में पार्टी के उम्मीदवार ब्रहम महिंदरा के ठीकविपरीत नीति अपनाने से विरोधाभास पैदा होना, हिंदू कार्ड चला पाने में असहज

किन मुद्दों पर लड़ रहे हैं चुनाव:-
क्षेत्र में पटियाला शहर के डीजल लोको मार्डेनाइजेशन वर्कशाप जैसा कोई बड़ा प्लांट केंद्र के खाते से लाना, छोटी इंडस्ट्री के लिए रास्ते खोलने वाले प्रोजेक्ट लाकर क्षेत्र में बेरोजगारी दूर करना, सरकार बनने की स्थिति में हर साल सौ करोड़ रूपये क्षेत्र में खर्च करने का वायदा। बिना भेदभाव के सभी तक सुविधाएं पहुंचाना।


Friday, 9 December 2011

विकास से शुरु हुआ चुनाव डेरे पर अटका,punjab election, 2012, samana, patiala, rural



विधान सभा क्षेत्र-पटियाला ग्रामीण-समाना
भूपेश चट्ठा, पटियाला
2007 में हुए विधान सभा चुनावों में समाना विधान सभा क्षेत्र अब बंट कर समाना के अलावा पटियाला ग्रामीण विधान सभा क्षेत्र भी हो गई है। इसमें चुनाव प्रचार की शुरुआत किसी आम चुनाव की तरह 'विकास के मुद्देÓ से ही हुई लेकिन चुनाव के शिखर तक पहुंचने तक तत्कालीन समाना विधान सभा क्षेत्र का हिस्सा रहे और नए बने व इस बार पहली बार आस्तित्व में आए पटियाला ग्रामीण विधान सभा क्षेत्र ने राच्य स्तर के सबसे प्रमुख मुद्दे 'डेरा सच्चा सौदा के प्रेमियों से समर्थन व विरोधÓ की शुरुआत हो गई।
दिलचस्प है कि क्षेत्र के लोग दुकानदारों की ओर से अपनी हद से बाहर जा कर किए गए नाजायज कब्जों से परेशान हैं तो दुकानदार क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की कमी से खिन्न हैं। आम राय है कि त्रिपड़ी मैन बाजार की सड़क दुरुस्त होने के बावजूद हालात नहीं बदले हैं। त्रिपड़ी में आधे अधूरे मन से अस्पताल चालू हुआ जबकि समाना में ब्यूटिफीकेशन कुछ क्षेत्रों में हुआ है। इसी प्रकार सिवरेज सिस्टम दुरुस्त करने लाया गया प्रोजेक्ट भी अभी पूरी तरह से सिरे नहीं चढ़ा है। पटियाला ग्रामीण क्षेत्र में आज भी कई क्षेत्र हैं जहां पानी का बिल आता है पर नल में पानी नहीं आता।


बाक्स
फोटो भेजी जाएगी
विपक्ष में रहते हाथ बंधे: विधायक ब्रहम महिंदरा
सरकार ही इन लोगों की है हम भला क्या कर सकते थे? लेकिन हर व्यक्ति के दुख दर्द में उन्होंने साथ दिया है। कांग्रेस से विधायक ब्रहम महिंदरा कहते हैं कि यह सवाल ही उनके लिए बेमानी है। वे विपक्ष में रहे हैं। यह सवाल सत्ता पक्ष के लिए है। हालांकि मुद्दे की बात पर वे यह भी स्पष्ट करते हैं निसंदेह पार्टी के मैनीफेस्टो पर चुनाव लड़ा गया है।

बाक्स
फोटो भेजी जाएगी
विकास के नाम पर लड़े और करवाया: रखड़ा
शिरोमणि अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी गठबंधन से चुनाव लड़े सुरजीत सिंह रखड़ा कहते हैं कि वे विकास का मुद्दा लेकर ही चुनाव में उतरे थे, क्योंकि इससे पहले के पांच सालों में कांग्रेस ने बिलकुल भी धन राशि जारी नहीं की, जिसके चलते क्षेत्र पिछड़ा रहा अब हालांकि वे विधायक नहीं हैं लेकिन पार्टी के प्रभारी होने व जिला योजना बोर्ड का चेयरमैन होने के नाते समाना में सड़क से सीवरेज तक बिलडिंग से ब्यूटीफिकेशन के अलावा एक आईटीआई, लड़कियों का कालेज, चार ग्रिड, दो पुल, प्रदेश का पहला वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, समाना में पूरा सीवरेज इसके अलावा गांवों के विकास के अनगिनत मुद्दे हैं।


क्या नहीं हुआ

-डीएमडब्ल्यू के पास फलाई ओवर की मांग नहीं हुई पूरी,
-समाना शहर से रेलवे लिंक का सपना पूरा नहीं
-दुख निवारण साहिब के पास एलिवेटिड रोड बना ट्रैफिक समस्या का हल
-छोटी नदी को दुरुस्त किया जाना

Friday, 4 March 2011

पोस्टर से मंच तक 'रखड़ा राज'


रखड़ा ने विकास रैली में दिखाई प्रबंधन क्षमता
-समाना से उम्मीदवार, जीते तो सरकार में बड़ी जिम्मेवारी दूंगा कहा सुखबीर बादल ने
-रैली में हैरी मान को नहीं बुलाया, प्रो. चंदूमाजरा भी नदारद, पर शक्ति प्रदर्शन कामयाब
भूपेश चट्ठा, समाना (पटियाला)

अकसर शिरोमणि अकाली दल की रैलियों में साईड लाइन रहने वाले किंतु मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के करीबियों में समझे जाने वाले सुरजीत सिंह रखड़ा ने आज विकास रैली में अपनी प्रबंधन क्षमता को उपमुख्य मंत्री सुखबीर सिंह बादल के सामने बेहतरीन ढ़ंग से साबित कर दिखाया। दिलचस्प है कि प्रभावशाली रैली से प्रभावित उपमुख्य मंत्री व पार्टी प्रधान ने भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ और उन्हें चुनाव लोकतंत्र में समाना विधानसभा क्षेत्र की बागडोर पूरी तरह से सौंप दी है।

समाना व आसपास के क्षेत्र में 38 करोड़ रूपये के प्रोजेक्टों के शिलान्यास के बाद आयोजित रैली में पार्टी प्रधान ने ना केवल मंच से रखड़ा को उम्मीदवार घोषित कर दिया अपितु समाना की जनता से यह भी कह दिया कि आप इन्हें जिता कर आगे भेजो तो अगली सरकार में एक बड़ी जिम्मेवारी इनका इंतजार कर रही है। समाना शहर व क्षेत्र के किसानों के लिए रखी गई अन्य मांगों पर उपमुख्य मंत्री ने कहा कि सुरजीत सिंह रखड़ा उनके पास जो भी प्रोजेक्ट लाएंगे वे तो पास हो ही जाने है। ऐसे ही मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल भी आने वाले है और वे सुखबीर को तो किसी बात से इंकार कर सकते है पर सुरजीत को नहीं।

दूसरी ओर रैली और विधान सभा क्षेत्र में पार्टी की उम्मीदवारी को लेकर चल रही खींचतान में सुरजीत रखड़ा ने आज सभी को कुशल प्रबंधन वखुल कर लिए गए निर्णयों के बाद सभी को राजनीतिक पटखनी दे दी है। कांग्रेस छोड़ अकाली दल में आए हरिंदर पाल सिंह हैरी मान के साथ हाल ही में उठे विवाद में पार्टी आलाकमान स्पष्ट रूप से सुरजीत रखड़ा के साथ खड़ा नजर आया। पहले तो जिला योजना बोर्ड के चेयरमैन सुरजीत रखड़ा को अपने स्तर पर रैली करने की खुली छूट दी, ऐसे में पोस्टर से लेकर मंच तक हर तरफ उन्हीं की राज दिखा। इतना ही नहीं रैली में ना केवल हैरी मान को बुलाया गया अपितु पार्टी महासचिव व पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा भी दिखाई नहीं दिए। रैली में सुरजीत रखड़ा ना केवल शक्ति प्रदर्शन में कामयाब रहे बल्कि कड़े निर्णय भी लिए है। व्हीसपर कैंपेन चलाने वाले अथवा भीतरी घात करने वालों को पहले ही किनारे कर दिया और जो आज सुबह रैली प्रबंध देख उनके घर तक आ गए उन्हें लौटा दिया गया।

हालांकि रैली में मुख्य संसदीय सचिव राज खुराना, पावरकाम के सदस्य गुरबचन सिंह बची, पिछड़ी श्रेणी कमीशन के चेयरमैन प्रो. कृपाल सिंह बडूंगर, यूथ डवेलपमेंट बोर्ड के चेयरमैन गुरप्रीत सिंह राजू खन्ना, भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रधान रविंदर सिंह गिन्नी ढिल्लों, एनआरआई चरणजीत सिंह व रवि आहलुवालिया, राजला गांव के सरपंच कश्मीर सिंह राजला प्रमुख रूप से मौजूद रहे।



लंगर का स्थान पैकड फूड ने, पानी बोतल बंद


उपमुख्य संवाददाता, समाना, पटियाला

अकाली दल की रैली हो तो बरबस ही रैली स्थल के आसपास लगने वाले लंगरों की तस्वीर उभर आती है लेकिन समाना की इस विकास रैली में आम चलन के विपरीत पैकड फूड का प्रबंध किया गया। सुरक्षा जांच के साथ ही हर व्यक्ति के हाथ में खाने का बंद डिब्बा थमा दिया जाता। इतना ही नहीं आम तौर पर वीआईपी समझे जाने वाले बोतल बंद पानी की बोतल भी प्रत्येक व्यक्ति को दी गई। रैली के प्रबंधक तो 35 से 40 हजार का संख्या बल होने का दावा करते है पर सूत्रों का कहना है कि शुरूआत में 200 गुणा 1000 फुट में करीब दस हजार के बैठने की व्यवस्था की गई और 25 हजार खाने के पैकट का आर्डर दिया गया। रैली स्थल पर करीब दस हजार कुर्सियों पर त्रिपाल ढक दी गई, हालांकि रैली के चरम तक पहुंचते -पहुंचते सारी कुर्सियां बाहर लग गई और खाने के लिए खींचतान शुरू हो गई।



केंद्रीय बजट दिशाहीन व गरीब विरोधी: उपमुख्य मंत्री

-मंहगाई की मार झेल रहे आम आदमी को राहत नहीं

-रेल बजट भी देश का नहीं बंगाल का हुआ: सुखबीर

भूपेश चट्ठा, समाना पटियाला

उपमुख्य मंत्री सुखबीर सिंह बादल ने आज केंद्रीय बजट को पूरी तरह से दिशाहीन और गरीब विरोधी बताया है। समाना विधान सभा क्षेत्र के शिरोमणि अकाली दल प्रभारी सुरजीत सिंह रखड़ा के नेतृत्व में आयोजित विकास रैली के तुरंत बाद संवाददाताओं के साथ बातचीत में उपमुख्य मंत्री ने केंद्रीय बजट की आलोचना में कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व में चल रही संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार ने मंहगाई की मार झेल रहे देश के लोगों की कोई चिंता नहीं है।

क्षेत्र में 38 करोड़ रूपये के प्रोजेक्टों का शिलान्यास करने के बाद सुखबीर बादल ने कहा कि केंद्र का यह बजट बहु राष्ट्रीय कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाला है। कांग्रेस और प्रधानमंत्री का सरकार पर अब कोई कंट्रोल नहीं रहा,यह सरकार घोटालों की सरकार बन गई है, जबकि इसके विपरीत पंजाब की अकाली-भाजपा सरकार कृषि, बिजली, खेलें, शिक्षा, शहरी व ग्रामीण विकास में योजना से विकास कर रही है।

वहीं रेल बजट पर पूछे गए सवाल पर वे कहते है कि यह भी देश का नहीं बल्कि बंगाल का बजट हो कर रह गया है। रैली में सुखबीर कहते है कि प्रदेश में विद्या के मामले में 1000 करोड़ रुपए से आदर्श स्कूल खोले जा रहे है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में हजारों अध्यापक भर्ती कर एक बड़ी कमी को पूरा कर दिया गया है। उन्होंने नवयुवकों को नशों से बचाने एवं खेलों में दिलचस्पी पैदा करने हेतु 100 करोड़ रुपए की लागत से पंजाब भर में स्टेडियम व जिम बनाए जाने का जिक्र किया। आम आदमी की मुश्किलों के हल करने हेतु जमीनों की फर्दां को कम्प्यूटरीकरण एवं पुलिस रिकार्ड को कम्प्यूटरीकरण सहित अनेकों प्रशासनिक सुधार किए गए है।इस अवसर पर बादल ने इलाके में किए जा रहे विकास कार्यां का सेहरा जिला योजना बोर्ड अध्यक्ष सुरजीत ङ्क्षसह रखड़ा के सिर पर बांधा तथा उनको अपना पारिवारिक सदस्य बताते हुए उनके द्वारा इलाके के विकास हेतु की गई शेष मांगों को मुख्यमंत्री प्रकाश ङ्क्षसह बादल के विदेश से वापिस आने पर तुरंत पूरी करने का विश्वास दिलाया। रखड़ा को एक दरवेश राजनीतिज्ञ बताते उन्होंने कहा कि रखड़ा की हमेशा यही कोशिश रही है कि सरकार से अपने इलाके के लिए कोई नया प्रोजैक्ट लेकर आए।

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कै. अमरेन्द्र सिंह  पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो अपने शासन के 5 वर्ष तथा पिछले चार वर्षांे से किसी गांव में नहीं गया हो उसे पंजाब में हो रहे विकास बारे क्या जानकारी हो सकती है। केन्द्र की कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लेते उन्होंने यूपीए सरकार में हो रहे अरबों रुपए के घोटों में उसे जिम्मेदार माना है।

सुरजीत रखड़ा ने भी मनमोहन सिंह को बेबस प्रधानमंत्री और केन्द्र सरकार को चोर, डाकू, लुटेरों की सरकार कहा और जनता को कांग्रेस पार्टी से सुचेत रहने की सलाह दी। उन्होंने बादल द्वारा हलके के विकास कार्यां हेतु दिए योगदान के लिए उनका धन्यवाद किया।