Friday, 11 February 2011

गर्मी होगी दोहरी पर लगेगी थोड़ी!

भूपेश चट्ठा, पटियाला पंजाब में इस साल दोहरी गर्मी तो होगी लेकिन लोगों का पसीना शायद कम बहे। चुनावी वर्ष में आ रहे गर्मी के सीजन में लोगों को ठंडा रखने का इंतजाम राज्य की अकाली दल-गठबंधन सरकार करने जा रही है। सियासी और मौसम की गर्मी में फील गुड कराने की ऐसे तैयारी हो रही है कि लोगों को पावर कट कम झेलने पड़ें। ऐसा इसलिए नहीं कि बिजली उत्पादन बहुत बढ़ने जा रहा है, बल्कि दूसरे राज्यों और निजी कंपनियों से बिजली खरीद कर लोगों को आराम दिया जाएगा

चुनावी साल: अप्रैल से होगी बिजली खरीद
-पावरकाम के टेंडर पर दस निजी कंपनियों ने दिखाई दिलचस्पी
-दो महीने पहले शुरू हो एक महीने देर तक चलेगा बिजली खरीद का सिलसिला
विधान सभा चुनावों के अंतिम धान के सीजन और गर्मियों के मौसम में सरकार कम से कम बिजली के मामले पर विपक्ष को कोई मुद्दा नहीं देना चाहती। ऐसे में राज्य की जनता को गर्मियों में विकास का फील गुड करवाने इस साल अप्रैल से ही पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड ने बिजली खरीदने के उपाय करने शुरू कर दिए है।
राज्य में बिजली खरीद के किए गए दीर्घकालीन समझौतों, केंद्रीय पूल से ली जाने वाली बिजली, अन्य राज्यों से बैंकिंग के माध्यम और पावर ट्रेडिंग कारपोरेशन से ली जाने वाली बिजली के अलावा ये बिजली निजी क्षेत्र की कंपनियों से शार्ट टर्म के लिए खरीदी जाएगी। पावरकाम ने इस संदर्भ में टेंडर भी जारी कर दिए है। दिलचस्प है कि सिर्फ एक सीजन के लिएकी जाने वाली ये खरीद धान की रोपाई से दो महीने पहले ही शुरू हो जाएगी और धान की फसल के सितंबर अंत में पक कर आने के बाद अक्टूबर अंत तक जारी रहेगी। याद रहे कि पंजाब में अप्रैल में गेहूं की कटाई के बाद ठीक ठाक से मौसम में बिजली कट लगा कर ही काम चलाया जाता रहा है और पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेग्यूलेटरी कमीशन की बिजली खरीद संबंधी दिशा निर्देशों को काफी हद तक ध्यान में रखा जाता रहा है।
वहीं पावरकाम के डायरेक्टर वितरण इंजी. अरूण वर्मा ने उक्त जानकारी की पुष्टि करते हुए बताया कि दस कंपनियों ने उनके पास आवेदन किया है और अगले एक सप्ताह से दस दिनों के बीच तय हो जाएगा कि कितनी बिजली अप्रैल से अक्टूबर के बीच खरीदी जाएगी। बिजली की अनुमानित खरीद पर वे कहते है कि यह हर महीने के लिए अलग होगी। कंपनियों पर डायरेक्टर इंजी. अरुण वर्मा कहते है कि बिजली उत्पादन के निजी क्षेत्र में देश का लगभग हर बड़ा नाम शामिल है जिसके पास अतिरिक्त बिजली उपलब्ध है।
इतना ही नहीं पावरकाम जनवरी अंत तक अन्य राज्यों विशेष रूप से पहाड़ी राज्यों हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, उत्तरांचल और राजस्थान को भी बैंकिंग के माध्यम से 102 लाख यूनिट बिजली जमा करवा रहा है। इसके अलावा ट्रेडर्स के माध्यम से 57 लाख यूनिट बिजली दे रहा था जबकि ये दोनों आंकड़े पिछले साल मिलकर भी 90 लाख यूनिट से ज्यादा नहीं रहे। पावरकॉम के अधिकारी कहते है कि पिछले साल अगर बिजली खरीद सात सौ लाख यूनिट के पार दस जून के बाद गई थी लेकिन ऐसा इस बार भी होगा पर अप्रैल से ही शुरू होने वाले कट इस बार संभवत: ना लगे या फिर आधे घंटे से ज्यादा ना हों।

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