Thursday, 8 September 2011

पौंग बांध से बिजली उत्पादन गिरा, गलती उजागर, pong, dam reservior , electricity, hydel, flood protection,





भूपेश चट्ठा, पटियाला
मानसून के दिनों में उफनती ब्यास की बाढ़ को रोकने के लिए बना पौंग बांध ही इस सीजन में बाढ़ का कारण बना है। बांध से छोड़े गए अतिरिक्त पानी के बाद अब न केवल बांध के जलाशय का जल स्तर गिरना शुरू हो गया है, बल्कि बांध से होने वाले पन बिजली उत्पादन में भी गिरावट आ गई है।

याद रहे कि 'दैनिक जागरण' ने दो सितंबर के संस्करण में ही बता दिया था कि गलती हो चुकी है और बिजली के 49 करोड़ यूनिट बहाने के अलावा अनावश्यक रूप से छोड़े गए पानी की वजह से कई इलाकों में बाढ़ का कारण भी यही पानी बना है।
गौरतलब है कि बांध के स्पिल-वे गेटों को 14 अगस्त को खोला गया और 31 अगस्त तक इन्होंने 5.4 लाख क्यूसिक पानी नदी में उड़ेल दिया। इस पानी के साथ ही 396 मेगावाट क्षमता के बांध से बिजली के करीब 27 करोड़ यूनिट भी बह गए। पौंग पावर प्लांट से पानी नहीं गुजरा तो मुकेरियां हाइड्रो प्रोजेक्ट से भी 22 करोड़ यूनिट बनने थे, जो नहीं बने।
भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड(बीबीएमबी) का यह पौंग बांध का ऊपर वाला हिस्सा 1430 फीट पर है, जबकि इसके डिजाइन के अनुसार अधिकतम भराव क्षमता 1421 फीट रखी गई है, जबकि पूर्ण जलाशय 1400 फीट पर है। टर्बाइन के सभी छह यूनिट पूरी क्षमता पर चलाने के लिए इससे 17हजार 500 क्यूसिक पानी छोड़ा जाता है। पूरी क्षमता पर बिजली उत्पादन लेने वाला स्तर 1480 फीट पर आता है, जबकि 207 मेगावाट क्षमता के मुकेरियां हाइड्रो प्रोजेक्ट के लिए डिस्चार्ज 11हजार 500 क्यूसिक चाहिए।
आल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के इंजी.पदमजीत सिंह की ओर केंद्रीय ऊर्जा सचिव पी. उमा शंकर को लिखा गया है कि वर्ष 2010 में बांध को 1394.5 फीट तक भरा गया और 15 से 18 सितंबर के बीच बहुत कम पानी छोड़ा गया, जबकि इस साल अगस्त मध्य में ही 1480 फीट के आंकड़े से पहले ही डैम से पानी रिलीज करना शुरू कर दिया गया, जबकि बांध का भराव सीजन 21 सिंतबर तक है।
इंजी. पदमजीत कहते हैं कि गलती हो चुकी है। पानी का बहाव कम हो गया है। उम्मीद थी कि जल स्तर सात सितंबर तक 1386 फुट पर आ जाएगा लेकिन यह 1378 फुट रह गया है। बीबीएमबी को अब भी पानी को सहेजना चाहिए। किसी तरह से 26 सितंबर तक पानी भरने दिया जाए।
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किस दिन कितना हुआ उत्पादन?
पटियाला : 396 मेगावाट क्षमता के बांध से पन बिजली उत्पादन एक सितंबर को 396 मेगावाट, दो को 368 मेगावाट, तीन को 370 मेगावाट, चार को 370 मेगावाट, पांच को 370 मेगावाट और छह सितंबर को 295 मेगावाट रह गया है।

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